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Digital Arrest: अब स्कूल प्राचार्य हुए डिजिटल अरेस्ट, असली पुलिस को स्क्रीन पर नकली पुलिस ने धमकाया
Mon, 18 Nov 2024 01:58 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 18 Nov 2024 01:58 PM IST
सार
भोपाल में ठगों ने स्कूल प्राचार्य फारुख अंजुम को फर्जी पार्सल और पासपोर्ट के बहाने डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया। ठगों ने बैंक खातों की जानकारी ली और धमकाया। प्राचार्य ने सायबर सेल पहुंचकर असली पुलिस को ठगों से जोड़ दिया। ठगों ने पुलिस को भी चुनौती दी। मामले की जांच जारी है।
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digital arrest
- फोटो : FREEPIK
विस्तार
पार्सल में टाइगर की खाल व फर्जी पासपोर्ट होने की बात बताते हुए ठगों न स्कूल प्राचार्य व उनकी पत्नी को कार्रवाई के नाम पर धमकाया तथा बाद में डिजिटल अरेस्ट कर दिया। उनसे बैंक खातों की डिटेल भी ली गई। ठगी का आभास होते ही प्राचार्य ने स्क्रीन ऑफ की तथा डिजिटल दफ्तर पहुंच गए। यहां पर नकल पुलिस का सामना असली पुलिस से हो गया। पूरी वारदात का भंडाफोड़ होने से खिसियाए बदमाशों ने स्क्रीन पर असली पुलिस को ही धमकाना शुरू कर दिया। इस मामले में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें पीड़ित ने पूरी घटना के बार में बताया है। इधर पुलिस के अधिकारियों ने प्रकरण की जानकारी न होने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार निजी स्कूल के संचालक व प्राचार्य फारुख अंजुम खान कोहेफिजा की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते हैं। शनिवार दोपहर उनके मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मैं डीएचएल से बात कर रहा हूं। दिल्ली से बैकॉक जाने वाला आपका एक पार्सल है जो कि कस्टम में फंस गया है। आप कुछ क्लेरीफाई कर दें तो उसे आगे फारवर्ड किया जाए। फारुख ने कहा कि मैंने कोई पार्सल नहीं भेजा है। इस पर व्यक्ति ने कहा कि इसमें आपका आधार कार्ड लगा हुआ है। यह सुनते ही फरुख परेशान हो गए।
करोड़ों रुपए मनी लांड्रिग का मामला बताया
इसके बाद व्यक्ति ने बताया कि पार्सल में टाइगर की खाल है, नाखून हैं। 8 एटीएम कार्ड हैं, जूते हैं, 8 किलो कपड़े हैं इसके अलावा 18 पासपोर्ट भी हैं। सामान की यह सूची सुनते ही फरुख घबराए, लेकिन उन्होंने कहा यह पार्सल मेरा नहीं है। इस पर खुद को डीएचएल का कर्मचारी बता रहे उस व्यक्ति ने कहा कि अगर आपको लगता है कि कुछ गड़बड़ है तो आप दिल्ली सायबर सेल में शिकायत कर दें। इसके बाद उस व्यक्ति ने दिल्ली सायबर सेल से कनेक्ट कर दिया। इस सेल के अधिकारियों ने स्काइप ऐप लोड करवाने के बाद स्क्रीन पर बात करना शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि आपके आधार कार्ड से अलग-अलग राज्यों में कई खाते खुले हैं, करोड़ों रुपए मनी लांड्रिग का मामला भी है।
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बाथरूम में छिपाकर ले गए मोबाइल
फर्जी अधिकारियों ने कहा कि आपके खिलाफ वारंट जारी करना होगा। तीन महीने तक जांच चलेगी। उन्होंने बैंक खातों की जानकारी ले ली। इसके बाद उन्होंने फारुख व उनकी पत्नी को कमरे से कहीं भी बाहर नहीं जाने को कहा। आप मोबाइल व लैपटॉप को टच नहीं करेंगे। रात हो जाने पर उन्होंने कहा कि आप लोग लाइट बंद कर दीजिए, लेकिन स्क्रीन ऑफ नहीं करेंगे। अगले दिन सुबह फारुख दराज में रखा हुआ मोबाइल छिपाते बाथरूम में गए यहां पर उन्होंने सर्च किया तो उन्हें आभास हो गया कि वे डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गए हैं। बाथरूम से बाहर आते ही उन्होंने मोबाइल व लैपटॉप को बंद किया तथा भोपाल सायबर सेल के दफ्तर पहुंच गए।
ठग बोल, हमें पकड़कर दिखाओ
फारुख जब सायबर सेल के दफ्तर पहुंचे तो यहां उनके कहा गया कि आप अपने मोबाइल व लैपटॉप के जरिए फिर से ठगों से जुड़ जाइए। फारुख ने जैसे ही रीकनेक्ट किया तो ठगों ने पूछा आपने मोबाइल बंद क्यों किया था, अपनी लोकेशन फिर से दिखाइए। फरुख ने जैसे ही कैमरा घुमाया तो सायबर सेल भोपाल का स्टाफ दिखा। असली पुलिस को देखते ही ठग भड़क गए तथा उन्होंने अनाप-शनाप बातें करना शुरू कर दीं। साथ ही उन्होंने असली पुलिस को धमकी भी दी कि अगर दम हो तो हमें पकड़ कर दिखाएं। इधर राज्य और भोपाल पुलिस के अधिकारियों ने प्रकरण की जानकारी न होने की बात कही साथ ही कहा कि वीडियो व प्रकरण के बारे में पता करवाते हैं।
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जानकारी के अनुसार निजी स्कूल के संचालक व प्राचार्य फारुख अंजुम खान कोहेफिजा की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते हैं। शनिवार दोपहर उनके मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मैं डीएचएल से बात कर रहा हूं। दिल्ली से बैकॉक जाने वाला आपका एक पार्सल है जो कि कस्टम में फंस गया है। आप कुछ क्लेरीफाई कर दें तो उसे आगे फारवर्ड किया जाए। फारुख ने कहा कि मैंने कोई पार्सल नहीं भेजा है। इस पर व्यक्ति ने कहा कि इसमें आपका आधार कार्ड लगा हुआ है। यह सुनते ही फरुख परेशान हो गए।
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करोड़ों रुपए मनी लांड्रिग का मामला बताया
इसके बाद व्यक्ति ने बताया कि पार्सल में टाइगर की खाल है, नाखून हैं। 8 एटीएम कार्ड हैं, जूते हैं, 8 किलो कपड़े हैं इसके अलावा 18 पासपोर्ट भी हैं। सामान की यह सूची सुनते ही फरुख घबराए, लेकिन उन्होंने कहा यह पार्सल मेरा नहीं है। इस पर खुद को डीएचएल का कर्मचारी बता रहे उस व्यक्ति ने कहा कि अगर आपको लगता है कि कुछ गड़बड़ है तो आप दिल्ली सायबर सेल में शिकायत कर दें। इसके बाद उस व्यक्ति ने दिल्ली सायबर सेल से कनेक्ट कर दिया। इस सेल के अधिकारियों ने स्काइप ऐप लोड करवाने के बाद स्क्रीन पर बात करना शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि आपके आधार कार्ड से अलग-अलग राज्यों में कई खाते खुले हैं, करोड़ों रुपए मनी लांड्रिग का मामला भी है।
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बाथरूम में छिपाकर ले गए मोबाइल
फर्जी अधिकारियों ने कहा कि आपके खिलाफ वारंट जारी करना होगा। तीन महीने तक जांच चलेगी। उन्होंने बैंक खातों की जानकारी ले ली। इसके बाद उन्होंने फारुख व उनकी पत्नी को कमरे से कहीं भी बाहर नहीं जाने को कहा। आप मोबाइल व लैपटॉप को टच नहीं करेंगे। रात हो जाने पर उन्होंने कहा कि आप लोग लाइट बंद कर दीजिए, लेकिन स्क्रीन ऑफ नहीं करेंगे। अगले दिन सुबह फारुख दराज में रखा हुआ मोबाइल छिपाते बाथरूम में गए यहां पर उन्होंने सर्च किया तो उन्हें आभास हो गया कि वे डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गए हैं। बाथरूम से बाहर आते ही उन्होंने मोबाइल व लैपटॉप को बंद किया तथा भोपाल सायबर सेल के दफ्तर पहुंच गए।
ठग बोल, हमें पकड़कर दिखाओ
फारुख जब सायबर सेल के दफ्तर पहुंचे तो यहां उनके कहा गया कि आप अपने मोबाइल व लैपटॉप के जरिए फिर से ठगों से जुड़ जाइए। फारुख ने जैसे ही रीकनेक्ट किया तो ठगों ने पूछा आपने मोबाइल बंद क्यों किया था, अपनी लोकेशन फिर से दिखाइए। फरुख ने जैसे ही कैमरा घुमाया तो सायबर सेल भोपाल का स्टाफ दिखा। असली पुलिस को देखते ही ठग भड़क गए तथा उन्होंने अनाप-शनाप बातें करना शुरू कर दीं। साथ ही उन्होंने असली पुलिस को धमकी भी दी कि अगर दम हो तो हमें पकड़ कर दिखाएं। इधर राज्य और भोपाल पुलिस के अधिकारियों ने प्रकरण की जानकारी न होने की बात कही साथ ही कहा कि वीडियो व प्रकरण के बारे में पता करवाते हैं।
