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धनतेरस: इस बार त्रिग्रही शुभ संयोग में बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, खरीदारी और पूजन के लिए बन रहा दुर्लभ योग
Fri, 17 Oct 2025 07:42 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 17 Oct 2025 07:42 PM IST
सार
इस वर्ष धनतेरस का पर्व पूजा और खरीदारी दोनों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। चंद्रमा दोपहर 3:41 बजे तक रहेंगे और शुक्र ग्रह, जो धन और वैभव के कारक माने जाते हैं, वे पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में स्थित होंगे, जिससे यह दिन और भी प्रभावशाली बन जाता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इस वर्ष धनतेरस का पर्व शनिवार, 18 अक्टूबर को धन त्रयोदशी तिथि में धूमधाम से मनाया जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायक माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन चंद्र, शुक्र और सूर्य का विशेष त्रिग्रही योग बन रहा है, जो धन और ऐश्वर्य में वृद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी है।
त्रयोदशी तिथि में बन रहा है दुर्लभ योग
ब्रह्म शक्ति ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार, इस बार धनतेरस पर त्रयोदशी तिथि का संयोग केवल 18 अक्टूबर को संध्याकाल में रहेगा। ऐसे में यह दिन पूजा और खरीदारी दोनों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। चंद्रमा दोपहर 3:41 बजे तक रहेंगे और शुक्र ग्रह, जो धन और वैभव के कारक माने जाते हैं, वे पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में स्थित होंगे, जिससे यह दिन और भी प्रभावशाली बन जाता है।
पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त
पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि धन समृद्धि के ग्रह शुक्र के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी में होंगे। धनतेरस पर पूजन का मुहूर्त शाम को 7.16 बजे से रात्रि के 8.20 बजे तक पूजन का श्रेष्ठ समय है। खरीदारी का शुभ समय प्रदोष काल में शाम 5.45 बजे से रात्रि के 8.20 बजे तक। वृषभ काल में शाम 7.16 बजे से 9.11 बजे तक एवं शुभ चौघड़िया मुहूर्त रात्रि 8.55 बजे से 10.30 बजे तक है ऐसे में खरीदारी कर सकते हैं। धनतेरस पर धन, ऐश्वर्य, वैभव व समृद्धि में वृद्धि की कामना से माता लक्ष्मी, कुबेर के साथ आयुर्वेद के जनक धन्वंतरि देव की विधिवत पूजा-अर्चना होगी।
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यह भी पढ़ें-भोपाल में धनतेरस के पहले बाजारों में पुख्ता इंतजाम, पुलिस और नगर निगम अलर्ट पर,ऐसी रहेगी व्यवस्था
धनतेरस पर खरीदारी क्यों है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन खरीदी गई वस्तुओं में 13 गुना वृद्धि होती है। यही कारण है कि इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, संपत्ति या यहां तक कि छोटे-बड़े उपहारों की भी खूब खरीदारी की जाती है। इस दिन की गई खरीदारी को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है।
यह भी पढ़ें-भोपाल के बाजारों में 40% तक उछाल की उम्मीद,व्यापारी बोले सोने-चांदी के बढ़े रेट नहीं रोक पाएंगे ग्राहक
मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर की होती है पूजा
धनतेरस को मां लक्ष्मी के साथ कुबेर, जो धन के देवता हैं, और भगवान धन्वंतरि, जो आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं, की विधिवत पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा से घर में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और आयु में वृद्धि होती है। इस बार की धनतेरस केवल पर्व नहीं, एक अवसर है। समृद्धि, सौभाग्य और स्वास्थ्य की ओर कदम बढ़ाने का। घर में दीप जलाएं, श्रद्धा से पूजन करें और शुभ मुहूर्त में खरीदारी कर मां लक्ष्मी की कृपा पाएं।
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त्रयोदशी तिथि में बन रहा है दुर्लभ योग
ब्रह्म शक्ति ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा के अनुसार, इस बार धनतेरस पर त्रयोदशी तिथि का संयोग केवल 18 अक्टूबर को संध्याकाल में रहेगा। ऐसे में यह दिन पूजा और खरीदारी दोनों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। चंद्रमा दोपहर 3:41 बजे तक रहेंगे और शुक्र ग्रह, जो धन और वैभव के कारक माने जाते हैं, वे पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में स्थित होंगे, जिससे यह दिन और भी प्रभावशाली बन जाता है।
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पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त
पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि धन समृद्धि के ग्रह शुक्र के नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी में होंगे। धनतेरस पर पूजन का मुहूर्त शाम को 7.16 बजे से रात्रि के 8.20 बजे तक पूजन का श्रेष्ठ समय है। खरीदारी का शुभ समय प्रदोष काल में शाम 5.45 बजे से रात्रि के 8.20 बजे तक। वृषभ काल में शाम 7.16 बजे से 9.11 बजे तक एवं शुभ चौघड़िया मुहूर्त रात्रि 8.55 बजे से 10.30 बजे तक है ऐसे में खरीदारी कर सकते हैं। धनतेरस पर धन, ऐश्वर्य, वैभव व समृद्धि में वृद्धि की कामना से माता लक्ष्मी, कुबेर के साथ आयुर्वेद के जनक धन्वंतरि देव की विधिवत पूजा-अर्चना होगी।
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धनतेरस पर खरीदारी क्यों है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन खरीदी गई वस्तुओं में 13 गुना वृद्धि होती है। यही कारण है कि इस दिन सोना-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन, संपत्ति या यहां तक कि छोटे-बड़े उपहारों की भी खूब खरीदारी की जाती है। इस दिन की गई खरीदारी को मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है।
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मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर की होती है पूजा
धनतेरस को मां लक्ष्मी के साथ कुबेर, जो धन के देवता हैं, और भगवान धन्वंतरि, जो आयुर्वेद के जनक माने जाते हैं, की विधिवत पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा से घर में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और आयु में वृद्धि होती है। इस बार की धनतेरस केवल पर्व नहीं, एक अवसर है। समृद्धि, सौभाग्य और स्वास्थ्य की ओर कदम बढ़ाने का। घर में दीप जलाएं, श्रद्धा से पूजन करें और शुभ मुहूर्त में खरीदारी कर मां लक्ष्मी की कृपा पाएं।
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