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पशुपालन विभाग के जमीन का सीमांकन: SDM के सामने रोने लगीं महिलाएं, बोलीं-जीवन भर की कमाई से बनाया घर अब टूटेगा

Tue, 02 Sep 2025 06:45 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Tue, 02 Sep 2025 06:45 PM IST
सार

भोपाल के अनंतपुरा कोकता में पशुपालन विभाग की 65 एकड़ जमीन के हुए सीमांकन में से 6 एकड़ में कब्जा पाया गया है। डायमंड सिटी के रहवासी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और कहा कि हम कई साल से यहां रह रहे हैं। कई महिलाएं एसडीएम के सामने रोने लगीं और कहा कि हमारे जीवन भर की कमाई आप कैसे तोड़ सकते हैं।

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Demarcation of Animal Husbandry Department's land: Women started crying in front of SDM, said- the house built
एसडीएम के पास पहुंचे रहवासी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल के अनंतपुरा कोकता में पशुपालन विभाग की 65 एकड़ जमीन के हुए सीमांकन में से 6 एकड़ में अवैध कब्जा पाया गया है। इसमें 40 बिल्डिंग, फ्लैट, 30 दुकान एक पेट्रोल पंप, एक स्कूल समेत दो कॉलोनी में अवैध कब्जा होने की बात कही जा रही है। राजस्व विभाग की टीम ने इन जगहों पर लाल निशान लगा दिए हैं। 

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मंगलवार को डायमंड सिटी के रहवासी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और कहा कि हम कई साल से यहां रह रहे हैं। और लीगल तरीके से रह रहे हैं। जीवन भर की कमाई से प्लॉट खरीद कर घर बनवाया और अब लाल निशान लगाकर घर तोड़ने की बात कही जा रही जबकि हमारे पास पूरे कागज भी हैं। एसडीएम कार्यालय पहुंचे रहवासियों में ज्यादातर महिलाएं थी। कई महिलाएं एसडीएम के सामने रोने लगीं और कहा कि हमारे जीवन भर की कमाई आप कैसे तोड़ सकते हैं। इस पर एसडीएम ने कहा कि अभी तोड़ने की कोई बात नहीं है। आपका भी पक्ष सुना जाएगा उसके बाद किसी प्रकार की कार्रवाई होगी। अभी तक किसी को नोटिस जारी नहीं किया गया है।

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हमारा तो सब कुछ चला जाएगा 
डायमंड सिटी में रहने वाली प्रियंका राठौर ने बताया कि डायमंड सिटी को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। आज इसी का डॉक्यूमेंट देने आए हैं। डॉक्यूमेंट पूरे कंप्लीट है। सब कुछ है फिर ऐसा क्यों बोला रहा है कि वहां पर कब्जा किया हुआ है। हम लोग 2017 में पूरा कंप्लीट कागज देख कर प्लाट लिया था। हमारे घर पर कर्मचारी लाल निशान लगाए गए हैं। ऐसे में हमारा तो पूरा ही जाएगा कुछ भी नहीं बच रहा है। इसका समाधान क्या और हम कहां जाएंगे और क्या करें। घर में बच्चे लेकर बड़े बुजुर्ग को यह सब सुनकर किसी प्रकार का कुछ होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। 


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जब खरीदा सब सही था, अब बोल रहे हैं अवैध 
एक महिला ने बताया कि हम लोगों ने प्लॉट 2016 से 17 में लिया था उससे पहले छानबीन की जिसमें डायवर्सन, निगम का अप्रूवल सब कुछ सही होने के बाद ही प्लाट खरीदा था। प्लांट को पटवारी और नगर निगम कि कर्मचारियों को भी दिखाया गया था। सब पता करने के बाद ही हम लोगों ने उसकी रजिस्ट्री कराया। रजिस्ट्री होने के बाद हमारी कंडीशन अच्छी नहीं थी, इसलिए उस समय घर नहीं बना पाए थे। अब घर बन गया तो कहा जा रहा है कि अवैध है और तोड़ने की बात कही जा रही है।

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10 साल पहले लिया था प्लॉट 
शर्मिला ठाकरे ने बताया कि हम डायमंड सिटी में रह रहे हैं। हमारा 12 और 13 नंबर प्लॉट है। 2016-17 में हमने प्लॉट खरीदा था। और आज वहां मकान बन चुका है। हमारे पास सारे पेपर हैं और नामांतरण भी है। बिजली बिल भर रहे हैं। उसके बावजूद भी कहा जा रहा है कि वहां पर अवैध कब्जा है।
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