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Bhopal: मैनिट की प्रोफेसर ने कड़ी मेहनत से रचा इतिहास, बनीं द ग्रेट हिमालयन अल्ट्रा 2025 की पहली महिला फिनिशर
Tue, 02 Sep 2025 07:36 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 02 Sep 2025 07:36 AM IST
सार
मैनिट भोपाल की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रगति अग्रवाल ने इतिहास रचते हुए द ग्रेट हिमालयन अल्ट्रा (TGHU) 2025 का 7वां संस्करण पूरा किया है। वे ऐसा करने वाली पहली महिला साइकिलिस्ट हैं। उन्होंने 600 किमी का मार्ग 36 घंटे 58 मिनट में, पुरुषों के कटऑफ टाइम के भीतर ही पूरा किया है।
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मैनिट भोपाल की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रगति अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) भोपाल की सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रगति अग्रवाल ने द ग्रेट हिमालयन अल्ट्रा (TGHU) 2025 का 7वां संस्करण पूरा किया है। उनको पहली महिला साइकिलिस्ट बनने का गौरव हासिल हुआ है। उन्होंने 600 किमी का मार्ग 36 घंटे 58 मिनट में पुरुषों के कटऑफ समय के अंदर पूरा किया।
इन कठिनाइयों के बीच बनाया रिकार्ड
रेस में 7500 मीटर से अधिक की ऊंची चढ़ाई थी। तेज हवाएं चल रही थीं। साथ ही भूस्खलन, बाढ़, ऊंचाई वाली बीमारीयां और अचानक मौसम बदलाव की चुनौतियां थीं। पहले दिन उन्हें 4,000 मीटर से अधिक समय तक साइकिल चलाने के कारण सिर दर्द हुआ। शरीर में सूजन भी आई। वहीं दूसरे दिन लगातार बारिश ने कपड़े गीले कर दिए। गीले कपड़ों में ही उन्होंने घंटों साइकिल चलाई
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यह भी पढ़ें-जीतू पटवारी पर हुए हमले को लेकर विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा बढ़ाने की मांग,DGP से मिला प्रतिनिधि मंडल
2 साल तक लिया प्रशिक्षण
प्रगति ने 2014 में पढ़ाई के दौरान बैंगलोर ट्रैफिक से बचने और फिटनेस बनाए रखने के लिए साइकिलिंग शुरू की। उन्होंने 2021 से BRMs और नवंबर 2024 में डेक्कन क्लिफहैंगर पूरी की। कोच चैतन्य वेल्हल के मार्गदर्शन में उन्होंने 2 साल तक नियमित प्रशिक्षण लिया, जिसमें सप्ताहांत में 8-10 घंटे और सप्ताह में 2-3 घंटे साइकिलिंग शामिल थी।
यह भी पढ़ें-भोपाल निगम की अच्छी पहल, गणेश पंडालों से निकल रहे फूल-माला से 100 लोगों को मिला रोजगार, प्रदूषण भी कम
अनुशासन, स्वास्थ्य और आशीर्वाद से सब संभव
डॉ. अग्रवाल ने कहा है कि अनुशासन, स्वास्थ्य और आशीर्वाद से कोई भी चीज असंभव नहीं लगती है। सब हासिल किया जा सकता है। उनकी क्रू शिव, यश, रवीना, हिमांशु, स्तांज़िन और मुस्तफा को बेस्ट क्रू अवार्ड मिला है।
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इन कठिनाइयों के बीच बनाया रिकार्ड
रेस में 7500 मीटर से अधिक की ऊंची चढ़ाई थी। तेज हवाएं चल रही थीं। साथ ही भूस्खलन, बाढ़, ऊंचाई वाली बीमारीयां और अचानक मौसम बदलाव की चुनौतियां थीं। पहले दिन उन्हें 4,000 मीटर से अधिक समय तक साइकिल चलाने के कारण सिर दर्द हुआ। शरीर में सूजन भी आई। वहीं दूसरे दिन लगातार बारिश ने कपड़े गीले कर दिए। गीले कपड़ों में ही उन्होंने घंटों साइकिल चलाई
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2 साल तक लिया प्रशिक्षण
प्रगति ने 2014 में पढ़ाई के दौरान बैंगलोर ट्रैफिक से बचने और फिटनेस बनाए रखने के लिए साइकिलिंग शुरू की। उन्होंने 2021 से BRMs और नवंबर 2024 में डेक्कन क्लिफहैंगर पूरी की। कोच चैतन्य वेल्हल के मार्गदर्शन में उन्होंने 2 साल तक नियमित प्रशिक्षण लिया, जिसमें सप्ताहांत में 8-10 घंटे और सप्ताह में 2-3 घंटे साइकिलिंग शामिल थी।
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अनुशासन, स्वास्थ्य और आशीर्वाद से सब संभव
डॉ. अग्रवाल ने कहा है कि अनुशासन, स्वास्थ्य और आशीर्वाद से कोई भी चीज असंभव नहीं लगती है। सब हासिल किया जा सकता है। उनकी क्रू शिव, यश, रवीना, हिमांशु, स्तांज़िन और मुस्तफा को बेस्ट क्रू अवार्ड मिला है।
