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Mp: पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग तेज, काग्रेस नेता अरुण यादव ने खड़े किए सवाल
Sun, 08 Sep 2024 05:29 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 08 Sep 2024 05:29 PM IST
सार
बेरोजगार युवाओं के साथ अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने पटवारी भर्ती में हुए घोटाले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने पर सरकार और अधिकारियों पर कई आरोप लगाए हैं।
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पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मप्र में समय पर परीक्षाएं न होने और रिजल्ट में गड़बड़ी को लेकर युवा बेरोजगार आंदोलन कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती में हुए घोटाले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग बेरोजगार युवाओं के साथ अब कांग्रेस पार्टी भी मुखर हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने पटवारी भर्ती में हुए घोटाले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने पर सरकार और अधिकारियों पर कई आरोप लगाए हैं।
अरुण यादव रविवार को अपने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि व्यापमं द्वारा आयोजित समूह-2, उप समूह-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा में जमकर गड़बड़ियां हुई थी, घोटाले की जांच रिटायर्ड जज से भी करवाई गई, मगर 6 महीने से अधिक होने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, इस रिपोर्ट को लेकर आरटीआई भी लगाई गई, मगर सरकार जवाब नहीं दे रही है। आखिर सरकार रिपोर्ट को छुपाकर घोटालेबाजों को क्यों बचाने का काम कर रही है? क्या सरकार में बैठे नेताओं, अफ़सरों की सांठगांठ से पूरा घोटाला हुआ था? क्या सरकार को प्रदेश के युवाओं के भविष्य की चिंता नहीं है।
पटवारी के साथ इन भर्तियों पर खड़े हो रहे सवाल
मध्य प्रदेश के अलग-अलग विभागों में भारतीयों को लेकर मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवा शिक्षक दिवस पर राजधानी में प्रदर्शन किया था। अभ्यर्थियों का कहना था कि मप्र में एसआई की भर्ती परीक्षा सात साल पहले 2017 में हुई थी। इसी के साथ पटवारी जांच रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया गया। पिछले साल जेल उपनिरीक्षक, जेल प्रहारी और वन रक्षक की भर्ती का आयोजन किया गया जिसका फिजिकल टेस्ट भी हो गया लेकिन रिजल्ट आज तक घोषित नहीं किया गया। बेरोजगार सेना के एक सदस्य ने बताया कि मप्र में लाखों बेरोजगार युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं की लेटलतीफी के कारण अधर में है। सरकार भी चुप है। इसके अलावा शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग 2 की पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया लेकिन अब तक मुख्य परीक्षा की तारीख, पाठ्यक्रम और पद संख्या का निर्धारण नहीं किया जा सका है।
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सात साल से नहीं हुई प्रदेश में एसआई की भर्ती
मध्य प्रदेश में हजारों बेरोजगार युवा मध्य प्रदेश में सब इंस्पेक्टर एसआई बनने के लिए सालों से तैयारी कर रहे हैं। सात साल बीत गया, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने सब इंस्पेक्टर की भर्ती नहीं निकली है जिससे कई युवा उम्र सीमा पार कर गए हैं, कुछ ओवर ऐज होने के कगार पर हैं। वहीं, पिछले साल जेल उपनिरीक्षक, जेल प्रहरी और वन रक्षक की भर्ती का आयोजन किया गया, जिसका फिजिकल टेस्ट भी हो गया लेकिन रिजल्ट आज तक घोषित नहीं किया गया। बेरोजगार सेना का कहना है कि मप्र में लाखों बेरोजगार युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं की लेटलतीफी के कारण अधर में है। सरकार भी चुप है।
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अरुण यादव रविवार को अपने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि व्यापमं द्वारा आयोजित समूह-2, उप समूह-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा में जमकर गड़बड़ियां हुई थी, घोटाले की जांच रिटायर्ड जज से भी करवाई गई, मगर 6 महीने से अधिक होने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, इस रिपोर्ट को लेकर आरटीआई भी लगाई गई, मगर सरकार जवाब नहीं दे रही है। आखिर सरकार रिपोर्ट को छुपाकर घोटालेबाजों को क्यों बचाने का काम कर रही है? क्या सरकार में बैठे नेताओं, अफ़सरों की सांठगांठ से पूरा घोटाला हुआ था? क्या सरकार को प्रदेश के युवाओं के भविष्य की चिंता नहीं है।
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पटवारी के साथ इन भर्तियों पर खड़े हो रहे सवाल
मध्य प्रदेश के अलग-अलग विभागों में भारतीयों को लेकर मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवा शिक्षक दिवस पर राजधानी में प्रदर्शन किया था। अभ्यर्थियों का कहना था कि मप्र में एसआई की भर्ती परीक्षा सात साल पहले 2017 में हुई थी। इसी के साथ पटवारी जांच रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया गया। पिछले साल जेल उपनिरीक्षक, जेल प्रहारी और वन रक्षक की भर्ती का आयोजन किया गया जिसका फिजिकल टेस्ट भी हो गया लेकिन रिजल्ट आज तक घोषित नहीं किया गया। बेरोजगार सेना के एक सदस्य ने बताया कि मप्र में लाखों बेरोजगार युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं की लेटलतीफी के कारण अधर में है। सरकार भी चुप है। इसके अलावा शिक्षक पात्रता परीक्षा वर्ग 2 की पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया लेकिन अब तक मुख्य परीक्षा की तारीख, पाठ्यक्रम और पद संख्या का निर्धारण नहीं किया जा सका है।
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सात साल से नहीं हुई प्रदेश में एसआई की भर्ती
मध्य प्रदेश में हजारों बेरोजगार युवा मध्य प्रदेश में सब इंस्पेक्टर एसआई बनने के लिए सालों से तैयारी कर रहे हैं। सात साल बीत गया, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने सब इंस्पेक्टर की भर्ती नहीं निकली है जिससे कई युवा उम्र सीमा पार कर गए हैं, कुछ ओवर ऐज होने के कगार पर हैं। वहीं, पिछले साल जेल उपनिरीक्षक, जेल प्रहरी और वन रक्षक की भर्ती का आयोजन किया गया, जिसका फिजिकल टेस्ट भी हो गया लेकिन रिजल्ट आज तक घोषित नहीं किया गया। बेरोजगार सेना का कहना है कि मप्र में लाखों बेरोजगार युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं की लेटलतीफी के कारण अधर में है। सरकार भी चुप है।
