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MP News: आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा का सरेंडर! वकील के आवेदन और दावे से जांच एजेंसियां हुईं सक्रिय
Mon, 27 Jan 2025 08:37 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 27 Jan 2025 08:37 PM IST
सार
Bhopal News: लोकायुक्त के छापे के बाद से फरार चल रहे आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा ने सोमवार को वकील राकेश पराशर के जरिए कोर्ट में सरेंडर के लिए आवेदन दिया है।
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पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ईडी, आईटी और लोकायुक्त के छापे के बाद से फरार चल रहे आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा ने सोमवार को वकील राकेश परासर के जरिए कोर्ट में सरेंडर के लिए आवेदन दिया है। इस पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए मंगलवार 11 बजे लोकायुक्त पुलिस से केस की डायरी लाने को कहा गया है। इससे पहले कोर्ट में करोड़पति कांस्टेबल सौरभ शर्मा के सरेंडर करने को लेकर तीन घंटे ड्रामा चला।
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सौरभ शर्मा के वकील राकेश परासर ने बताया कि दोपहर 12 बजे के करीब फर्स्ट एडीजे आरपी मिश्रा की कोर्ट में सरेंडर का आवेदन दिया और सौरभ ने सरेंडर कर दिया। परासर ने कहा कि कोर्ट ने लोकायुक्त से केस डायरी के साथ मंगलवार 11 बजे आने को कहा है। इसकी जानकारी के बाद लोकायुक्त पुलिस भी कोर्ट पहुंची। इसके बाद लोकायुक्त डीजी जयदीप प्रसाद ने बताया कि हमें जानकारी मिली है कि सौरभ शर्मा की तरफ से उनके वकील ने आवेदन दिया है कि वह सरेंडर कना चाहता है। सौरभ कहां है इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
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सरेंडर के आवेदन के बाद सौरभ की बड़ी मुश्किलें
कोर्ट में वकील की तरफ से सरेंडर का आवेदन देने के बाद सौरभ शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई है। अब सौरभ शर्मा के भोपाल में होने की जानकारी के बाद एजेंसियां भी सक्रिय हो गई है। अब सौरभ शर्मा के कोर्ट में सरेंडर करने से पहले एजेंसियां उसकी गिरफ्तार करने जुट गई है। हालांकि लोकायुक्त पुलिस के सूत्रों के अनुसार अभी सौरभ कहां है, उसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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बता दें कि मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग में हुए काले धन के घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ शर्मा की लंबे समय तक तलाश जारी है। जांच में शामिल विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियां-लोकायुक्त पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग भी उसकी तलाश में है। सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है, जबकि दोनों केंद्रीय एजेंसियों ने समन जारी किए है।
7.98 करोड़ रुपये की चल संपत्ति जब्त की थी
सौरभ शर्मा के भोपाल स्थित अरेरा कॉलानी स्थित निवास और ऑफिस पर लोकायुक्त ने छापेमारी की थी। इस दौरान लोकायुक्त ने उसके निवास से 7.98 करोड़ रुपए की चल संपत्ति जब्त की थी। इसमें 235 किलो चांदी और 2.87 करोड़ रुपए नगद मिले थे। शर्मा ने भ्रष्ट तरीके से अर्जित आय का उपयोग अपनी मां, पत्नी, रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर संपत्ति बनाने में किया था। उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल के नाम पर स्कूल और होटल स्थापित करना भी शामिल है। सौरभ के खिलाफ विभिन्न राज्यों में प्रॉपर्टी निवेश की जानकारी भी सामने आई है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बीच ही भोपाल के मेंडोरी गांव में आयकर विभाग की टीम ने सोना लदी कार जब्त की। इस कार में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए जब्त किए गए। यह कार सौरभ के करीबी चेतन सिंह गौर के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इस कार्रवाई के सात दिन बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सौरभ और उसके करीबियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में ईडी ने 23 करोड़ रुपए की चल संपत्ति जब्त की।
नियुक्ति पर भी सवाल
सौरभ शर्मा के पिता स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर थे, उनकी मृत्यु के बाद सौरभ ने अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। स्वास्थ्य विभाग में पद नहीं होने पर सौरभ को परिवहन विभाग में आरक्षक के पद पर 2016 में नियुक्ति मिली थी। इस बीच सौरभ शर्मा की नियुक्ति की तरफ से दिए गए शपथ पत्र को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसमें बताया जा रहा है कि उसमें गलत जानकारी देकर नौकरी पाई गई। सौरभ ने सिर्फ 2023 तक सात साल काम किया और अकूत संपत्ति कमाई। सौरभ परिवहन विभाग की चेकपोस्ट से होने वाली अवैध कमाई का कलेक्शन करने काम करता था।
