MP: विधानसभा चुनाव में हारे और जीते प्रत्याशियों से ले रही कांग्रेस फीडबैक, आगामी चुनाव को लेकर बना रहे रणनीति
MP: विधानसभा में हारे जीते प्रत्याशियों की दो दिन बैठक में कांग्रेस हार की समीक्षा कर रही है। साथ ही आगामी चुनाव के लिए पहले से रणनीति तैयार की जा रही है। बता दें कि प्रत्याशी को अपना नाम और विधानसभा क्षेत्र या लोकसभा क्षेत्र का नाम भी लिखकर देने के लिए कहा गया है।
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मध्य प्रदेश में विधानसभा लोकसभा में मिली हार के बाद कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में जुटी हुई है, इसके लिए पहले लोकसभा में हारे प्रत्याशियों से प्रदेश प्रभारी और एआईसीसी की कमेटी ने हार के कारणों को जाना अब शनिवार को प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह विधानसभा चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों और जीते हुए विधायकों की बैठक ली। बता दें कि ये बैठक रविवार को भी चलेगी। जिसमें हार की समीक्षा की जा रही है और आगामी चुनाव के लिए पहले से रणनीति तैयारी की जाएगी।
जानकारी के अनुसार प्रत्याशियों से चुनाव में पड़े कुल वोट, प्रत्याशी को मिले वोट, हार जीत का अंतर की जानकारी भी मांगी गई है। प्रत्याशी को अपना नाम और विधानसभा क्षेत्र या लोकसभा क्षेत्र का नाम भी लिखकर देने के लिए कहा गया है। इन सभी बिन्दुओं के आधार पर पार्टी आगामी दिनों की रणनीति तय करेगी और पार्टी की मजबूती के लिए जरूरी निर्णय लिए जाएंगे।
संभागवार प्रत्याशियों से लिया गया फीडबैक
इस बैठक में संभागवार विधानसभा क्षेत्रों के जीते-हारे प्रत्याशियों से फीडबैक लिया गया। शनिवार को सबसे पहले ग्वालियर चंबल संंभाग के प्रत्याशियों के साथ चर्चा शुरू हुई। इसके बाद सागर, रीवा-शहडोल संभाग और फिर जबलपुर संभाग के प्रत्याशियों के साथ बैठक कर हार जीत के कारण पूछे गए।इसके बाद इंदौर, उज्जैन तथा भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के विधानसभा क्षेत्रों के जीते हारे कैंडिडेट्स के साथ बैठकें हुई। रविवार को इसी तरह लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों की बैठक होना है।
प्रत्याशियों से फॉर्मेट में बिंदुवार मांगी गई जानकारी
विधानसभा और लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों को एक फॉर्मेट भेजा गया है। इसमें कहा है कि वे अपने चुनाव क्षेत्र की जानकारी फॉर्मेट के आधार पर बैठक में देंगे।
- चुनाव में मोर्चा संगठन की सक्रियता और भूमिका
- युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और सेवा दल की भूमिका
- मंडलम, सेक्टर, बूथ के अध्यक्षों की भूमिका
- संगठन की वर्तमान स्थिति
- प्रदेश में अन्य राजनीतिक दलों सपा, बसपा, आप व अन्य की स्थिति
- विधानसभा या लोकसभा चुनाव में जिला और ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों की भूमिका
- विधानसभा और लोकसभा चुनाव में हार का प्रमुख कारण
- विधानसभा या लोकसभा चुनाव में हार या जीत को लेकर प्रत्याशी का अभिमत
- जमीनी स्तर पर पार्टी की मजबूती के लिए प्रत्याशी के सुझाव
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने मीडिया से बात करे हुए कहा कि बैठक से पार्टी की हार की सूक्ष्म वजह का पता लगाया जाएगा। हार के कारण पता लगने पर उसे दूर किया जाएगा। आने वाले दिनों में पार्टी का फोकस संगठन को मजबूत करने पर रहेगा। जल्द ही एक अभियान शुरू किया जाएगा। जिसमें पार्टी के लोग जनता के बीच जाएंगे और सरकार की वादा खिलाफी को जनता को बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में जो बदलाव होगा उसे बैठकर तय करेंगे। वे सात जुलाई को अलग-अलग कमेटियों के साथ भी बैठक करेंगे।
भाजपा का लक्ष्य है गुमराह करना
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य है गुमराह करना और अपना राजनैतिक स्वार्थ पूरा करना। विधानसभा चुनाव में जो वादे भाजपा ने किये थे, वे पूरे नहीं हुये तो हम सभी विधायकों के साथ सड़क से सदन तक जतना के हक और अधिकारों की लड़ाई जड़ेंगे। इस लड़ाई में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विपक्ष और संगठन दोनों मिलकर सत्ता के नशे में चूर बैठे सत्ताधारियों को सबक सिखायेगा।
सरकार की नीतियों का करेंगे फर्दाफाश
जितेन्द्र सिंह ने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में हमें जो परिणाम मिले हैं, निश्चित ही हमें निराशा हाथ लगी है, लेकिन हम संगठन को और सशक्त और मजबूत कर पूरी ताकत के साथ जनता की आवाज बन सरकार की जनविरोधी नीतियों का फर्दाफाश करेंगे। पटवारी ने कहा कि प्रदेश, जिला, ब्लाक वार्ड, मंडलम, सेक्टर और बूथ तक संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी को एकजुटता के साथ काम करना है तभी हमारा संगठन मजबूत होगा। विधानसभा और लोकसभा में आप सब ने मेहनत की है, परिणाम हमारे पक्ष में नहीं रहे उससे हमें सबक लेना चाहिए। हम और अधिक मजबूती से जनता के बीच जाकर भाजपा सरकार की कथनी और करनी के अंतर को बतायेंगे।
रविवार को अलग कमेटियों की होगी बैठक
रविवार 7 जुलाई को अलग-अलग कमेटियों की बैठक होनी है। इस दौरान कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने को लेकर मंथन किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के मुद्दों को लेकर आंदोलन की भी रणनीति बनाई जाएगी। बता दें कि इस बैठक में पार्टी दो दिन अलग-अलग कमेटियों की मीटिंग करेगी। शनिवार को सुबह 11 बजे प्रदेश कार्यालय में प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह पार्टी के दिग्गज नेताओं की मीटिंग ली। इस बैठक में साल 2023 में हुई विधानसभा चुनाव में हारे हुए प्रत्याशियों और जीते हुए विधायकों को बुलाकर चर्चा की जा रही है। बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र भंवर सिंह, सह प्रभारी सीपी मित्तल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष ने पीसीसी में विधानसभा चुनाव जीते हारे प्रत्याशियों के साथ बैठक ली।
