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कैबिनेट के फैसले: पचमढ़ी को मिली विकास की राह, नक्सल मोर्चे पर निगरानी बढ़ेगी, दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेगा
Tue, 06 May 2025 05:33 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 06 May 2025 05:33 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इनमें नक्सल प्रभावित जिलों में निगरानी के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं की नियुक्ति, दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि और पचमढ़ी के 395.93 हेक्टेयर क्षेत्र को अभयारण्य से बाहर कर नजूल भूमि घोषित करने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
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कैबिनेट बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक मंत्रालय में आयोजित हुई। बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसमें राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पचमढ़ी नगर के 395.931 हेक्टेयर क्षेत्र को अभयारण्य की सीमा से बाहर करते हुए नजूल भूमि घोषित कर दिया है। यह क्षेत्र वर्तमान में साडा (विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण) के प्रशासनिक नियंत्रण में है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 12 अगस्त 2014 के आदेश के आधार पर केंद्रीय साधिकार समिति की अनुशंसा पर लिया गया है। इससे क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त और विकास कार्य अब संभव हो सकेंगे। पूर्व में भी 2017 में राज्य सरकार ने पचमढ़ी अभयारण्य की परिधि पर स्थित 11 ग्रामों को बाहर कर 28 अन्य गांवों को इनक्लोजर (संरक्षित क्षेत्र) के रूप में चिन्हित किया था। इस निर्णय के बाद अब सरकार पचमढ़ी को टूरिस्ट प्लेस के रूप में विकसित करने और पर्यटकों के लिए ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं बढ़ाने के लिए विकसित कर सकेंगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
नक्सल क्षेत्रों में तैनात होंगे 850 कार्यकर्ता
बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में सरकार 850 स्थानीय कार्यकर्ताओं की एक वर्ष के लिए नियुक्ति करेगी। ये कार्यकर्ता गांवों में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखेंगे और प्रशासन को समय पर जानकारी देंगे। प्रत्येक कार्यकर्ता को 25,000 मासिक मानदेय दिया जाएगा, जिससे सरकार पर सालाना लगभग 25 करोड़ का खर्च आएगा। यह नियुक्ति एक साल के लिए की जाएगी। इसमें शामिल होने की योग्यता के नियम अलग से जारी किए जाएंगे।
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दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेगा सम्मान
पेरिस में दिव्यांग ओलंपिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मध्यप्रदेश के ब्लाइंड जूडो खिलाड़ी कपिल परमार और शूटिंग में रूबिना फ्रांसिस को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इससे पहले दोनों को 50-50 लाख दिए जा चुके थे। शेष 50 लाख की राशि अब स्वीकृत की गई है। बता दें मुख्यमंत्री द्वारा पैरा-ओलम्पिक खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस और श्री कपिल परमार को पैरा-ओलम्पिक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 करोड़ रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की थी। पेरिस, फ्रांस में आयोजित पैरा ओलम्पिक खेल, 28 अगस्त से 8 सितंबर 2024 में म.प्र. की खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस ने शूटिंग खेल में कांस्य पदक एवं श्री कपिल परमार ने ब्लाइंड जुडो खेल में कांस्य पदक अर्जित किया था।
पेंशन प्रकरणों के लिए बनेगा राज्य स्तरीय केंद्रीकृत सेल
पेंशन प्रकरणों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए "राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल" (State Centralized Pension Processing Cell) के गठन को स्वीकृति दी गई। यह सेल पेंशन मामलों की पूरी प्रक्रिया के संचालन और समाधान के लिए अधिकृत रहेगा। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि संभागीय एवं जिला स्तर पर स्थित वर्तमान पेंशन कार्यालयों को अस्थायी रूप से दो वर्षों के लिए "पेंशन समाधान केंद्र" के रूप में सीमित संरचना के साथ संचालित किया जाएगा। इस परिवर्तन के तहत पदों का युक्तियुक्तकरण भी किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था से राज्य शासन पर लगभग 5 करोड़ रुपए का अनावर्ती व्यय भार आएगा।
नए जिलों में खुलेंगे आपूर्ति व नाप-तौल कार्यालय
कैबिनेट ने मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा जैसे नवगठित जिलों में जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही निवाड़ी, मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में नाप-तौल कार्यालय खोलने का भी निर्णय लिया गया है। इन कार्यालयों के संचालन के लिए कुल 29 पदों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 16 पद जिला आपूर्ति कार्यालयों और 13 पद नाप-तौल कार्यालयों से संबंधित हैं।
जिला आपूर्ति कार्यालयों के लिए स्वीकृत पद:
जिला आपूर्ति अधिकारी – 1-1 पद (प्रत्येक जिले में)
सहायक आपूर्ति अधिकारी – 1-1 पद
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी – मऊगंज में 2 पद, मैहर और पांढुर्णा में 1-1 पद
लेखापाल – 1-1 पद
भृत्य – 1-1 पद
नाप-तौल कार्यालयों के लिए स्वीकृत पद:
निरीक्षक – 1-1 पद (चारों जिलों में)
सहायक ग्रेड-3 – 1-1 पद
श्रम सहायक – मऊगंज में 2 पद, शेष जिलों में 1-1 पद
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नक्सल क्षेत्रों में तैनात होंगे 850 कार्यकर्ता
बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में सरकार 850 स्थानीय कार्यकर्ताओं की एक वर्ष के लिए नियुक्ति करेगी। ये कार्यकर्ता गांवों में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखेंगे और प्रशासन को समय पर जानकारी देंगे। प्रत्येक कार्यकर्ता को 25,000 मासिक मानदेय दिया जाएगा, जिससे सरकार पर सालाना लगभग 25 करोड़ का खर्च आएगा। यह नियुक्ति एक साल के लिए की जाएगी। इसमें शामिल होने की योग्यता के नियम अलग से जारी किए जाएंगे।
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दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेगा सम्मान
पेरिस में दिव्यांग ओलंपिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मध्यप्रदेश के ब्लाइंड जूडो खिलाड़ी कपिल परमार और शूटिंग में रूबिना फ्रांसिस को एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इससे पहले दोनों को 50-50 लाख दिए जा चुके थे। शेष 50 लाख की राशि अब स्वीकृत की गई है। बता दें मुख्यमंत्री द्वारा पैरा-ओलम्पिक खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस और श्री कपिल परमार को पैरा-ओलम्पिक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 1 करोड़ रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की थी। पेरिस, फ्रांस में आयोजित पैरा ओलम्पिक खेल, 28 अगस्त से 8 सितंबर 2024 में म.प्र. की खिलाडी सुश्री रूबिना फ्रांसिस ने शूटिंग खेल में कांस्य पदक एवं श्री कपिल परमार ने ब्लाइंड जुडो खेल में कांस्य पदक अर्जित किया था।
पेंशन प्रकरणों के लिए बनेगा राज्य स्तरीय केंद्रीकृत सेल
पेंशन प्रकरणों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए "राज्य केंद्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल" (State Centralized Pension Processing Cell) के गठन को स्वीकृति दी गई। यह सेल पेंशन मामलों की पूरी प्रक्रिया के संचालन और समाधान के लिए अधिकृत रहेगा। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि संभागीय एवं जिला स्तर पर स्थित वर्तमान पेंशन कार्यालयों को अस्थायी रूप से दो वर्षों के लिए "पेंशन समाधान केंद्र" के रूप में सीमित संरचना के साथ संचालित किया जाएगा। इस परिवर्तन के तहत पदों का युक्तियुक्तकरण भी किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था से राज्य शासन पर लगभग 5 करोड़ रुपए का अनावर्ती व्यय भार आएगा।
नए जिलों में खुलेंगे आपूर्ति व नाप-तौल कार्यालय
कैबिनेट ने मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा जैसे नवगठित जिलों में जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। साथ ही निवाड़ी, मऊगंज, मैहर और पांढुर्णा में नाप-तौल कार्यालय खोलने का भी निर्णय लिया गया है। इन कार्यालयों के संचालन के लिए कुल 29 पदों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 16 पद जिला आपूर्ति कार्यालयों और 13 पद नाप-तौल कार्यालयों से संबंधित हैं।
जिला आपूर्ति कार्यालयों के लिए स्वीकृत पद:
जिला आपूर्ति अधिकारी – 1-1 पद (प्रत्येक जिले में)
सहायक आपूर्ति अधिकारी – 1-1 पद
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी – मऊगंज में 2 पद, मैहर और पांढुर्णा में 1-1 पद
लेखापाल – 1-1 पद
भृत्य – 1-1 पद
नाप-तौल कार्यालयों के लिए स्वीकृत पद:
निरीक्षक – 1-1 पद (चारों जिलों में)
सहायक ग्रेड-3 – 1-1 पद
श्रम सहायक – मऊगंज में 2 पद, शेष जिलों में 1-1 पद
