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Bhopal: BMHRC में जीरो बिल नीति लागू,ICMR से मिली अनुमति, आपात स्थिति में भी चिकित्सा सेवाएं रहेंगी मुफ्त

Mon, 16 Jun 2025 07:18 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 16 Jun 2025 07:18 PM IST
सार

गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले मरीजों को बीएमएचआरसी में उपचार कराने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। बीपीएल कार्ड धारकों के साथ-साथ ऐसे मरीज जिनके पास गरीबी रेखा का कार्ड नहीं है, लेकिन वे निर्धन और असहाय हैं, उन्हें भी नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। 

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Bhopal: Zero bill policy implemented in BMHRC, permission received from ICMR, medical services will also be fr
बीएमएचआरसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले मरीजों को भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में उपचार कराने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। बीपीएल कार्ड धारकों के साथ-साथ ऐसे मरीज जिनके पास गरीबी रेखा का कार्ड नहीं है, लेकिन वे निर्धन और असहाय हैं, उन्हें भी नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से अनुमति मिलने के बाद इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। 
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पहले यह थी व्यवस्था
डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक बीपीएल कार्ड धारकों से सिर्फ 10 रुपये पंजीयन शुल्क लिया जाता था और वार्ड में भर्ती पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन जांच, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सकीय सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाता था। अब से बीपीएल मरीजों को सभी चिकित्सकीय सेवाएं पूर्णतः नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
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मेडिकल सोशल वेलफेयर यूनिट होगी गठित
उन्होंने बताया कि यदि कोई मरीज बीपीएल कार्ड प्रस्तुत नहीं कर पाता, लेकिन वास्तविक रूप से निर्धन और असहाय है, तो उसकी स्थिति की जांच के बाद उसके इलाज पर आने वाला खर्च भी माफ किया जा सकता है। इसके लिए बीएमएचआरसी में एक मेडिकल सोशल वेलफेयर यूनिट गठित की जा रही है, जो ऐसे मरीजों को आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायता करेगी।

चिकित्सा से वंचित नहीं किया जाएगा
आपात स्थिति में आने वाले किसी भी मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जाएगा और पहले 24 घंटे का इलाज या भर्ती से पूर्व तक की सभी सेवाएं भी पूर्णतः नि:शुल्क रहेंगी। अगर मरीज अकेला है या परिजन नहीं हैं, तो भी उसे चिकित्सा से वंचित नहीं किया जाएगा।


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वेलफेयर फंड का गठन किया जाएगा
निर्धन और असहाय मरीजों के इलाज में सहायक बनने हेतु "पेशंट वेलफेयर फंड का गठन किया जाएगा, जिसमें कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर), जन सहयोग और दान से राशि एकत्र कर उनका उपचार किया जा सकेगा।
डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि इस दिशा में एक विस्तृत नीति व गाइडलाइन तैयार की जा रही है, ताकि यह व्यवस्था सुचारू रूप से लागू की जा सके और जरूरतमंद मरीजों को तत्काल राहत दी जा सके।
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