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Bhopal:यातायात पुलिस,रिक्शा चालक को मिले आपातकालीन प्रशिक्षण,इमरजेंसी में 1 सेंड कीमती,एम्स में बोले विशेषज्ञ

Sun, 09 Feb 2025 06:10 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sun, 09 Feb 2025 06:10 PM IST
सार

एम्स में एक दिवसीय कार्यशाला पीएसीटीईएम (पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड फॉर एक्यूट केयर इन ट्रामा एंड इमरजेंसी ) 2025 का आयोजन किया गया। इसमे विशेषज्ञों ने कहा कि यातायात पुलिस और रिक्शा चालकों को भी इमरजेंसी सेवा का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

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Bhopal: Traffic police, rickshaw drivers get emergency training, 1 second is precious in emergency, experts sa
एम्स भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यातायात पुलिस और ऑटो-रिक्शा चालकों जैसे व्यक्तियों को भी इमरजेंसी सेवा का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए क्योंकि ये अक्सर दुर्घटनास्थलों पर सबसे पहले पहुंचते हैं। आपातकालीन चिकित्सा में हर सेकंड कीमती होता है। पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड ने मरीज के पास ही त्वरित और सटीक निदान की हमारी क्षमता में क्रांति ला दी है। यह बात एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने कही। सिंह एम्स के ट्रॉमा और आपातकालीन चिकित्सा विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला 'पीएसीटीईएम (पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड फॉर एक्यूट केयर इन ट्रामा एंड इमरजेंसी ) 2025 का आयोजन बोल रहे थे। इस कार्यशाला का उद्देश्य आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल में पॉइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड (पीओसीयूएस) तकनीकों के प्रशिक्षण के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाना था। यह पहल मरीजों के लिए त्वरित और सटीक निदान एवं उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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इमरजेंसी इलाज किसी भी अस्पताल का चेहरा
प्रो. अजय सिंह ने कहा पीएसीटीईएम 2025 के माध्यम से हम चिकित्सा पेशेवरों को नवीनतम अल्ट्रासाउंड तकनीकों के कौशल प्रदान कर रहे हैं, जिससे बेहतर इलाज संभव होंगे। प्रो. सिंह ने कहा कि यातायात पुलिस और ऑटो-रिक्शा चालकों जैसे व्यक्तियों को भी आपातकालीन देखभाल का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए क्योंकि ये अक्सर दुर्घटनास्थलों पर सबसे पहले पहुंचते हैं। एम्स भोपाल के अध्यक्ष डॉ. सुनील मलिक ने कहा कि इमरजेंसी चिकित्सा किसी भी अस्पताल का चेहरा होती है, जो आपातकालीन देखभाल में निरंतर प्रगति के महत्व को दर्शाता है।
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प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ ने लिया भाग
यह प्रशिक्षण प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के प्रतिष्ठित शिक्षकों द्वारा दिया गया। इस दौरान नई तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।इस कार्यक्रम में डॉ. प्रभाकर तिवारी सीएमएचओ, भोपाल, कर्नल (डॉ.) अजीत कुमार उप निदेशक, प्रशासन) प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी डीन, एकेडमिक्स, प्रो. (डॉ.) राजेश मलिक प्रमुख, रेडियो-डायग्नोसिस विभाग सहित संकाय सदस्य, छात्र, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।कार्यक्रम में एम्स दिल्ली, कल्याणी, रायबरेली, नागपुर, ऋषिकेश, रायपुर सहित देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ संकाय ने भाग लिया। उन्होंने व्याख्यान, लाइव डेमोंस्ट्रेशन और हंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को गहन ज्ञान प्रदान किया। इस कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञताओं और भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिससे आपातकालीन चिकित्सा में POCUS कौशल को उन्नत करने की व्यापक रुचि परिलक्षित हुई।
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