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Bhopal: युवक के पसलियों में 2 किलो का था ट्यूमर, फेफड़ों पर पड़ रहा था दबाव, एम्स के चिकित्सकों ने बचाई जान
Sun, 15 Jun 2025 05:54 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 15 Jun 2025 05:54 PM IST
सार
एम्स के चिकित्सकों ने एक 30 साल के युवक की बड़ी सर्जरी कर जान बचाई है। युवक की छाती से करीब 2 किलो वजनी और 20 सेंटीमीटर लंबा ट्यूमर था। चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन बेहद जटिल और जोखिम भरा था।
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एम्स के चिकित्सकों के साथ मरीज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल स्थित एम्स के चिकित्सकों ने एक 30 साल के युवक की बड़ी सर्जरी कर जान बचाई है। युवक की छाती से करीब 2 किलो वजनी और 20 सेंटीमीटर लंबा ट्यूमर था। चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन बेहद जटिल और जोखिम भरा था, जिसे कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी टीम ने सफलतापूर्वक किया।
कई अस्पतालों के कट चुका था का चक्कर
जानकारी के मुताबिक मरीज को पिछले डेढ़ साल से छाती के दाहिने हिस्से में लगातार बढ़ती हुई गठान की शिकायत थी। उसने कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। जब वह भोपाल एम्स पहुंचा, तो जांच में सामने आया कि उसकी छाती में एक बड़ा ट्यूमर है, जो पसलियों को घेरे हुए था और दाहिने फेफड़े पर दबाव बना रहा था। यह स्थिति जानलेवा हो सकती थी।
यह भी पढ़ें-कांग्रेस जिला अध्यक्षों के लिए कार्यकर्ताओं से वन टू वन कर रहे पर्यवेक्षक,प्रदेश प्रभारी होंगे शामिल
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टीम ने सर्जरी का जोखिम उठाया
एम्स की सीटीवीएस टीम ने सर्जरी का जोखिम उठाया और ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। यह सर्जरी डॉ. योगेश निवारिया की अगुआई में की गई। उनकी टीम में डॉ. एम. किशन, डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. विक्रम वट्टी और डॉ. आदित्य सिरोही शामिल थे। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. हरीश कुमार और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. दीपक कृष्णा ने भी अहम भूमिका निभाई।
यह भी पढ़ें-जालसाज ने व्यवसायी को लगाई 3.81 लाख की चपत, RTGS से भुगतान कर खरीद लिया सोना
मेडिकल साइंस की एक बड़ी उपलब्धि
चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत अब स्थिर है और वह तेजी से ठीक हो रहा है।एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने इसे मेडिकल साइंस की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा एम्स में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार किया जा रहा है। साथी शोध के क्षेत्र में भी एम्स लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के अधिकतर जिलों के मरीज एम्स बेहतर इलाज के लिए आते हैं।
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कई अस्पतालों के कट चुका था का चक्कर
जानकारी के मुताबिक मरीज को पिछले डेढ़ साल से छाती के दाहिने हिस्से में लगातार बढ़ती हुई गठान की शिकायत थी। उसने कई अस्पतालों में इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। जब वह भोपाल एम्स पहुंचा, तो जांच में सामने आया कि उसकी छाती में एक बड़ा ट्यूमर है, जो पसलियों को घेरे हुए था और दाहिने फेफड़े पर दबाव बना रहा था। यह स्थिति जानलेवा हो सकती थी।
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टीम ने सर्जरी का जोखिम उठाया
एम्स की सीटीवीएस टीम ने सर्जरी का जोखिम उठाया और ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। यह सर्जरी डॉ. योगेश निवारिया की अगुआई में की गई। उनकी टीम में डॉ. एम. किशन, डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव, डॉ. राहुल शर्मा, डॉ. विक्रम वट्टी और डॉ. आदित्य सिरोही शामिल थे। एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. हरीश कुमार और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. दीपक कृष्णा ने भी अहम भूमिका निभाई।
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मेडिकल साइंस की एक बड़ी उपलब्धि
चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत अब स्थिर है और वह तेजी से ठीक हो रहा है।एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने इसे मेडिकल साइंस की एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा एम्स में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार किया जा रहा है। साथी शोध के क्षेत्र में भी एम्स लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के अधिकतर जिलों के मरीज एम्स बेहतर इलाज के लिए आते हैं।
Bhopal: युवक के पसलियों में 2 किलो का था ट्यूमर, फेफड़ों पर पड़ रहा था दबाव, एम्स के चिकित्सकों ने बचाई जान
Bhopal: The young man had a 2 kg tumor in his ribs, there was pressure on his lungs, AIIMS doctors saved his life
