Bhopal: SC,ST और OBC नर्सिंग छात्रों को 3 साल से नहीं मिली स्कॉलरशिप,पहुंचे CM हाउस,दिल्ली में करेंगे प्रदर्शन
नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले एसटी, एससी और ओबीसी विद्यार्थियों को पिछले 3 साल से स्कॉलरशिप नहीं दी गई है। नाराज विद्यार्थी सीएम हाउस पहुंचे और ज्ञापन दिया। और कहा कि मांगे पूरी नही की गई तो भोपाल और दिल्ली के जंतर मंतर में धरना प्रदर्शन करेंगे।
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मध्य प्रदेश में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले एसटी, एससी और ओबीसी विद्यार्थियों को पिछले तीन साल से स्कॉलरशिप नहीं दी गई है। छात्र इसे लेकर लगातार आंदोलन प्रदर्शन करते रहे लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। फीस भरने के लिए स्टूडेंट्स व उनके परिवारजनों को आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार परेशानी झेल रहे विद्यार्थी आखिरकार सोमवार को राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन दिया। चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं पूरी की गईं तो राजधानी भोपाल और देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में धरना प्रदर्शन करेंगे।
हॉस्टल और ट्यूशन फीस ले रहे कॉलेज
संगठन के अध्यक्ष गोपाल पाराशर ने बताया कि मध्य प्रदेश में इंडियन नर्सिंग काउंसिल नई दिल्ली के नियमनुसार विगत 3 वर्षों से नर्सिंग स्टूडेंट्स की आगामी क्लासों की पढ़ाई चल रही है और एग्जाम भी हो रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा विगत 3 वर्षों से एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के नर्सिंग स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप प्रदान नही की जा रही है और न ही आवास सहायता राशि प्रदान की जा रही है। जबकि कालेजों द्वारा ट्यूशन फीस व हॉस्टल फीस ली जा रही है। सरकार द्वारा बेवजह स्टूडेंट्स को परेशान किया जा रहा है। ईडब्ल्यूएस आरक्षण के दायरे में आने वाले जनरल वर्ग के गरीब स्टूडेंट्स को भी अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए इसी सत्र से स्कॉलरशिप देने की मांग की गई है। बहुत सारे स्टूडेंट्स को पैसों के अभाव में अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ रही है।
मेडिकल यूनिवर्सिटी में 90% पद खाली
एनएसओ छात्र संगठन मध्य प्रदेश इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक सिंह के अनुसार मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर में स्थाई अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए क्योंकि मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना हुए 13 वर्ष का समय होने के बावजूद भी अधिकारियों व कर्मचारियों के 90% पद खाली है। इस कारण स्टूडेंट्स की परीक्षा, रिजल्ट डिग्री के कार्य प्रभावित होते हैं और नर्सिंग व पैरामेडिकल क्षेत्र के व्यक्तियों की अधिकारी पोस्ट पर नियुक्ति की मांग भी की गई है और मेडिकल यूनिवर्सिटी से नर्सिंग व पैरामेडिकल क्षेत्र के कॉलेजों को अलग करने के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की गई है। इससे इन स्टूडेंट्स की स्किल प्रभावित न हो। साथ ही जल्द से जल्द 2024-25 सत्र के लिए नर्सिंग काउंसिल भोपाल से मान्यता व मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से नर्सिंग कालेजों की संबद्धता प्रक्रिया शुरू करवाने की मांग की गई है, जिससे 12वीं क्लास में बायलॉजी लेकर नर्सिंग कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स को एडमिशन मिल सके और सीबीआई जांच के बाद हाई कोर्ट द्वारा अनुपयुक्त किए गए नर्सिंग कालेजों के स्टूडेंट्स को उपयुक्त कॉलेजों में ट्रांसफर करने की मांग की गई है, जिससे स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित ना हो। संगठन को सभी मांगों पर जल्द एवं उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया है। अगर संगठन की मांगों पर जल्द एवं उचित कार्यवाही नहीं की गई तो संगठन द्वारा आगामी दिनों में भोपाल व दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार की होगी।
