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Bhopal: समीक्षा जिले की और न्योता BJP नेताओं को, कांग्रेस MLA मसूद का सवाल, कलेक्ट्रेट में क्यों हुई फिर बैठक
Fri, 20 Sep 2024 06:46 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 20 Sep 2024 06:46 PM IST
सार
समीक्षा बैठक में शहर के दोनों कांग्रेस विधायकों को शामिल नहीं किया गया। शुक्रवार को हुई इस बैठक को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सवाल उठाया है।
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प्रभारी मंत्री चैतन्य कश्यप और आरिफ मसूद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्मार्ट विधानसभा, विजन डॉक्यूमेंट के बाद अब जिला समीक्षा बैठक से भी विपक्ष से ताल्लुक रखने वाले विधायकों को दूर रखा जाने लगा है। राजधानी भोपाल के प्रभारी मंत्री चैतन्य कश्यप द्वारा ली गई जिले की पहली समीक्षा बैठक में शहर के दोनों कांग्रेस विधायकों को शामिल नहीं किया गया। शुक्रवार को हुई इस बैठक को लेकर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सवाल उठाया है कि जब बैठक भाजपाई नेताओं की थी, तो इसके लिए भाजपा कार्यालय की बजाए जिला कलेक्टर ऑफिस पर क्यों आयोजित किया गया?
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राजधानी भोपाल की मध्य विधानसभा के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस मामले को लेकर प्रभारी मंत्री चैतन्य कश्यप को चिट्ठी भेजी है। इस स्थिति पर उन्होंने जिला कलेक्टर से भी सवाल किया है। मसूद ने अपने पत्र में लिखा है कि 20 सितम्बर को भोपाल जिले की प्रथम समीक्षा बैठक भोपाल कलेक्टर कार्यालय में आहुत की गई। जिसमें सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय समेत भारतीय जनता पार्टी के विधायकों, संगठन के भोपाल जिले एवं ग्रामीण अध्यक्ष को बुलाया गया था। जबकि इस दौरान राजधानी में मौजूद दोनों कांग्रेस विधायकों को सूचित नहीं किया गया। न ही उन्हें बैठक में शामिल किया गया। मसूद ने लिखा है कि इससे यह स्पष्ट है कि मीटिंग भोपाल जिले की ना होकर भाजपा जिले की मीटिंग थी। लेकिन स्थान बीजेपी कार्यालय ना होकर कलेक्टर कार्यालय कर दिया गया।
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मसूद ने प्रभारी मंत्री से कहा है कि कलेक्टर भोपाल से इस संबंध मे जानकारी ली जाना आवश्यक होगी कि विपक्ष के विधायकों को जिला समीक्षा बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया। उन्होंने कहा कि या फिर शासन द्वारा विपक्ष के विधायकों को समीक्षा बैठक में नहीं बुलाए जाने के संबंध में कोई दिशा निर्देश जारी किए गए हों, तो विपक्ष को भी अवगत कराया जाए।
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विजन डॉक्यूमेंट से भी बाहर
प्रदेश की विधानसभाओं को आदर्श और सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने योजना बनाई है। जानकारी के मुताबिक इस योजना पर करीब 100 करोड़ रुपए खर्च होना है। शासन ने इसके लिए सभी विधायकों से उनके क्षेत्र के विकास कार्यों की प्राथमिकताओं पर आधारित विजन तलब किया है। लेकिन बताया जाता है कि इस योजना में भी सिर्फ भाजपा विधायकों को ही शामिल किया गया है। जबकि कांग्रेस विधायकों को इससे दूर रखा गया है।
राजधानी में हैं दो विधायक
प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस समय दो कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील मौजूद हैं। राजधानी के उत्तर और मध्य विधानसभा शहर के पुराने इलाके में स्थित हैं। नए शहर की विधानसभाएं गोविंदपुरा, दक्षिण पश्चिम, हुजूर वैसे ही सुविधा संपन्न हैं लेकिन उत्तर और मध्य विधानसभा में विकास के नाम पर मूलभूत सुविधाएं तक मौजूद नहीं हैं। लगातार भाजपा सरकार के दौर में इन दोनों विधानसभा को विकास की कवायदों से दूर रखा गया है। जिसके चलते यहां पिछड़ापन और अभाव का डेरा बना हुआ है।
