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भोपाल राकेश अग्रवाल हत्याकांड: जांच के लिए विशेष दल गठित, पांच पुलिसकर्मियों को सौंपी जिम्मेदारी

Wed, 21 Oct 2026 08:17 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Wed, 21 Oct 2026 08:17 PM IST
सार

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच के लिए भोपाल पुलिस ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। दल को मामले की विवेचना आगे बढ़ाने, आरोपी की गिरफ्तारी और हर सप्ताह जांच की प्रगति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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Bhopal Rakesh Agrawal Murder Case: IAS Association Seeks SIT Probe, Meets CM Mohan Yadav
आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने सीएम से की मुलाकात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया है। रातीबड़ थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 495/26 की गंभीरता को देखते हुए पांच पुलिसकर्मियों को जांच दल में शामिल किया गया है। दल को मामले की विवेचना आगे बढ़ाने और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर मामले में एसआईटी गठित करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। पुलिस आयुक्त, भोपाल के आदेश के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 127(2), 307 और 311 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। पुलिस मुख्यालय से अनुमोदन के बाद गठित विशेष जांच दल की अध्यक्षता पुलिस मुख्यालय में पदस्थ सहायक महानिरीक्षक (एआईजी)  उमेश तिवारी करेंगे। दल में अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) चंद्रभान सिंह चढ़ार, उपनिरीक्षक पारस सोनी, रातीबड़ थाने के उपनिरीक्षक ओपी रघुवंशी और अपराध शाखा के टेक्निकल सेल में पदस्थ आरक्षक निलेश वर्मा को शामिल किया गया है। जांच दल को हर सप्ताह विवेचना की प्रगति से संबंधित वरिष्ठ अधिकारी को अवगत कराना होगा।
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आईएएस एसोसिएशन ने सीएम से की थी मुलाकात
राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग रखी थी। एसोसिएशन ने लूट के अलावा कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और बड़े आर्थिक लेन-देन की आशंका को भी जांच के दायरे में शामिल करने की बात कही थी। साथ ही जांच किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में कराने और अकेले रहने वाले सेवानिवृत्त अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और एसआईटी के गठन पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री पहले ही पुलिस महानिदेशक को मामले की निगरानी करने के निर्देश दे चुके थे।
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हत्या के दो दिन पहले रखा गया था केयरटेकर
राकेश अग्रवाल का शव 30 सितंबर की सुबह भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजनगर के बंगले में मिला था। धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या की गई थी। वारदात के बाद घर की अलमारियों के ताले टूटे मिले थे। घर से जेवरात, नकदी और मोबाइल फोन भी गायब था।पुलिस जांच में सामने आया था कि हत्या से महज दो दिन पहले, 27 सितंबर को पंजाब के नाभा निवासी वरुण कुमार को केयरटेकर के रूप में काम पर रखा गया था। वारदात के बाद से वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मामले में लूट के साथ कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

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पत्नी ने दूसरे नौकर से खुलवाया था दरवाजा
राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल के मुताबिक, घटना वाली सुबह करीब 5:30 बजे जब उनकी नींद खुली तो उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। इसके बाद दूसरे नौकर अमर थापा को बुलाकर दरवाजा खुलवाया गया। कमरे से बाहर आने पर उन्हें हत्या की जानकारी हुई। आईएएस एसोसिएशन ने इस वारदात को प्रशासनिक महकमे के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए जल्द खुलासे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। अब विशेष जांच दल के गठन के बाद मामले की विवेचना और आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

 
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