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Bhopal: OBCआरक्षण पर सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक,विपक्ष का एतराज,PCC चीफ बोले-विवाद ही नहीं तो फिर क्या जरूरत

Tue, 26 Aug 2025 02:38 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Tue, 26 Aug 2025 02:38 PM IST
सार

OBC आरक्षण को लेकर एमपी सरकार ने 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक को लेकर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जब इस मामले में कोई विवाद ही नहीं हैं तो सर्वदलीय बैठक की क्या जरूरत है। 

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Bhopal: Government called an all-party meeting on OBC reservation, opposition objected, PCC chief said- if the
पीसीसी में प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देने का मामला कोर्ट में चल रहा है। आरक्षण को लेकर एमपी सरकार ने 28 अगस्त को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक को लेकर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। भोपाल में कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, पिछले 6 साल से शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव की सरकार के कारण ओबीसी को 27% आरक्षण का मामला अटका हुआ है।कमलनाथ सरकार में ओबीसी को 27% आरक्षण देने का अध्यादेश विधानसभा में लाए थे। इसका कानून बन गया। हम चाहते हैं कि ओबीसी को 27% आरक्षण बिना देरी मिले। मुख्यमंत्री भी ऐसे बयान देते हैं कि वो भी ओबीसी को आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं तो जब इस मामले में कोई विवाद ही नहीं हैं तो सर्वदलीय बैठक की क्या जरूरत है। सरकार सुप्रीम कोर्ट में दो दिनों के भीतर हलफनामा दे और केस वापस ले।
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सर्वदलीय बैठक मात्र दिखावा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि ओबीसी समाज को केवल छलावा और जुमले दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं जातिगत जनगणना को ‘अर्बन नक्सल’ कहकर भाजपा की मानसिकता जाहिर कर दी है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा बुलाई गई 28 अगस्त की सर्वदलीय बैठक मात्र दिखावा है। अगर सरकार की नीयत साफ है तो तत्काल आदेश जारी कर 27% आरक्षण लागू किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट बार-बार सरकार से पूछ रहा है कि नियुक्तियां क्यों रोकी गईं।
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 सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस
जीतू पटवारी ने कहा कि ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में हमारी ओर से ओबीसी वर्ग का पक्ष रखने के लिए सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी और विवेक तन्खा मौजूद रहेंगे। अब कांग्रेस पार्टी सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का केस भी दायर करेगी। जिन अधिकारियों और जिम्मेदारों ने ओबीसी वर्ग का 27 प्रतिशत आरक्षण लागू नहीं होने दिया। उनके खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।


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हर पेशी में 25 लाख लेते हैं वकील
जीतू पटवारी ने कहा कि शिवराज और मोहन सरकारों ने पिछले छह साल में वकीलों पर करीब सौ करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता को एक पेशी के 25 लाख रुपए दिए गए। चाहे उस तारीख पर बहस हुई हो या नहीं। एक दूसरे वकील को हर पेशी पर 22 लाख रुपए दिए गए। वकीलों की टीम को अलग-अलग राशि दी गई।

 
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