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Bhopal: प्राचीन काल के तरीकों से होगी डिलेवरी हमीदिया में देश के 35 ट्रेनर सीख रहे तरीके,सिटिंग डिलेवरी बेहतर

Mon, 09 Dec 2024 08:32 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 09 Dec 2024 08:32 PM IST
सार

सीजेरियन डिलेवरी का चलन तेजी से बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश में प्रचीन काल के तरीके से नॉरमल डिलेवरी कराई जाएगी। इसके लिए जीएमसी में देश भर के 35 चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी जा रही हैं। जीएमसी के कई डॉक्टरों को इस ट्रेनिंग में शामिल किया गया है।

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Bhopal: Delivery will be done using ancient methods, 35 trainers from across the country are learning the meth
जीएमसी में कार्यशाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देशभर में सिजेरियन डिलीवरी के केस बढ़ते जा रहे हैं। नॉरमल डिलीवरी की प्रथा खत्म होती जा रही है। महिलाओं को जरा सा दर्द सह पाना मुश्किल होता है। लेकिन  विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य प्रसव के प्राचीन तरीकों को हम भूल गए हैं, यही कारण है कि सिजेरियन डिलीवरी को बढ़ावा मिला है। डिलीवरी के अलग-अलग पोजीशन को सीखने और देशभर के चिकित्सकों को सीखने के लिए राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन गांधी मेडिकल कॉलेज में किया गया। इस आयोजन में देश भर के अलग-अलग शहरों से 35 मास्टर ट्रेनर दो दिन तक ट्रेनिंग लेंगे। इसके बाद वे अपने-अपने क्षेत्र में जाकर मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में ट्रेनर तैयार करेंगे ताकि सिजेरियन डिलीवरी को काम किया जा सके और प्राचीन पद्धित से अलग-अलग तरीकों से नॉरमल डिलीवरी कराई जा सके।  इस कार्यशाला में जीएम भोपाल एनएचएम और फॉक्सी, SAFOG, UNFPA, Laerdal ने साझेदारी की है। कार्यशाला में डॉ. स्वाति, डॉ. निरंजन चव्हाण, डॉ. सास्वती दास, डॉ. माधुरी पटेल, डॉ. अनीता श्रीवास्तव, डॉ. अर्चना मिश्रा और डॉ. अरुणा कुमार शामिल हुईं।  इस दौरान जीएमसी की डीन डॉ. कविता एन सिंह इस कार्यशाला में सभी उत्साह बढ़ाया।
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दूसरे कॉलेजों के चिकित्सकों को देंगे ट्रेनिंग
हमीदिया अस्पातल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की एचओडी डॉ. शबाना सुल्तान ने बताया कि इस तरह की ट्रेनिंग मध्य प्रदेश में पहली बार हो रही है। हम सौभाग्य है कि हमारे विभाग को चुना गया है। इस ट्रेनिंग यह सिखाया जा रहा है कि जो महिला होती है उसको केलव लेटा कर डिलेवरी नहीं कराई जा सकती बल्कि उसके हिंसाब से पोजिसन करवट बदल कर डिलेवरी करवा सकते हैं। सिंटिंग चेयर दिखाई गई है। मध्य प्रदेश के दूसरे अस्पतालों में भी जीएमसी के डॉक्टर ट्रेनिंग देंगे। 
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विदेशियों ने शुरू की यह प्रथा 
 मुम्बई से आए डॉ. निरंजन शाह ने कहा है कि प्राचीन समय में सीटिंग डिलीवरी कराई जाती थी। विदेशी शासको ने लेटा कर डिलीवरी करने की प्रथा शुरू की। फॉक्सी की जरनल सिकेट्री मधुरी पटेल ने बतााया कि नॉरम डिलेवरी करवाने के अलग-अलग प्रयास किए जा रहे। प्रदेश में इस तरह की पहली कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। गांधी मेडिकल कॉलेज के सभी चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी गई है। अब यह डॉक्टर प्रदेश भर के दूसरे मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों समेत तमाम अस्पतालों के डॉक्टर को इस तरह की ट्रेनिंग देंगे और सिजेरियन डिलीवरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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