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Bhopal News: भोपाल में वन्यजीव सप्ताह की रंगारंग शुरुआत,पक्षी अवलोकन और रचनात्मक प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह
Thu, 02 Oct 2025 06:08 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 02 Oct 2025 06:08 PM IST
सार
भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान द्वारा आयोजित वन्यजीव सप्ताह 2025 का आयोजन न केवल बच्चों और युवाओं को वन्यजीवों के प्रति सजग बना रहा है, बल्कि उन्हें प्रकृति से जुड़ने और उसकी रक्षा के लिए प्रेरित भी कर रहा है।
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वन्यजीव सप्ताह का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वन्यजीव सप्ताह 2025 के अवसर पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में गुरुवार को विविध गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में न सिर्फ बच्चों और युवाओं की भागीदारी देखने को मिली, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता और रुचि का नया संचार भी देखने को मिला। सुबह आयोजित पक्षी अवलोकन शिविर में यूथ हॉस्टल और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से आए करीब 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने लिटिल कॉर्मोरेंट, इंडियन रॉबिन, गोल्डन ओरियोल, सिल्वर बिल मुनिया, स्मॉल मिनिवेट, ग्रे हेरॉन, पैराडाइस फ्लाईकैचर और ब्रॉन्ज विंग जकाना जैसी दुर्लभ पक्षी प्रजातियों का अवलोकन किया। इसके अलावा तितलियों की प्रजातियों- कॉमन ग्रास यलो, कॉमन क्रो, प्लेन टाइगर और कॉमन सेरुलीन ने भी प्रतिभागियों को रोमांचित किया।
जीव-जगत के संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी
शिविर में वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. सुदेश वाघमारे, एके खरे, डॉ. संगीता राजगीर और मो. खालिक की उपस्थिति में प्रतिभागियों को जीव-जगत की विविधता और संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में वन विहार के संचालक विजय कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। संचालन डॉ. रूही हक ने किया। वन्यजीव सप्ताह के तहत बच्चों के लिए रचनात्मकता से भरी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। इनमें कक्षा 3 से 12 तक के 62 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
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रचनात्मक कार्यशालाएं और प्रतियोगिताएं रहीं खास
क्ले मॉडलिंग (कक्षा 6-8)
पेपर क्राफ्ट (कक्षा 3-5)
स्टोन पेंटिंग (कक्षा 9-12)
वाद-विवाद और कहानी लेखन प्रतियोगिता में युवाओं की भागीदारी
"शहरीकरण और वन्यजीवों का सह-अस्तित्व संभव है" विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में कॉलेज स्तर के 16 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और पर्यावरण संतुलन को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके अलावा तात्कालिक कहानी प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12वीं तक के 21 विद्यार्थियों ने भाग लेकर वन्यजीवों पर केंद्रित रचनात्मक कहानियां प्रस्तुत कीं।
यह भी पढ़ें-भोपाल एम्स में प्लाज्मा गायब होने का मामला, दो कर्मचारियों पर मामला दर्ज, CCTV से खुली पोल
डाक टिकटों की प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान
कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य वन्यप्राणी बोर्ड के सदस्य नारायण व्यास द्वारा वन्यजीवों पर आधारित दुर्लभ डाक टिकटों की कवर प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे प्रतिभागियों और अधिकारियों द्वारा सराहा गया। प्रशिक्षकों विनय सप्रे और संजय सोनकेशरिया ने बच्चों को रंगीन कागज से पक्षियों और तितलियों की सुंदर आकृतियां बनाना सिखाया, वहीं मूर्तिकार अरविंद अनुपम ने विद्यार्थियों को क्ले से अजगर बनाना सिखाया। स्टोन पेंटिंग में पल्लवी तरमाकर ने मार्गदर्शन दिया।
यह भी पढ़ें-भोपाल में शरारती तत्वों ने मंत्री के कार्यक्रम से पहले रावण के पुतले को जलाया, मचा हड़कंप
3 अक्टूबर के कार्यक्रम
प्रातः 7:00 से 9:00 बजे – तितली अवलोकन शिविर
प्रातः 9:30 से 12:30 बजे – खजाने की खोज प्रतियोगिता
प्रातः 10:00 से 11:30 बजे – मेंहदी और पॉम पेंटिंग प्रतियोगिता (विषय: वन्यजीव)
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जीव-जगत के संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी
शिविर में वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. सुदेश वाघमारे, एके खरे, डॉ. संगीता राजगीर और मो. खालिक की उपस्थिति में प्रतिभागियों को जीव-जगत की विविधता और संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में वन विहार के संचालक विजय कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। संचालन डॉ. रूही हक ने किया। वन्यजीव सप्ताह के तहत बच्चों के लिए रचनात्मकता से भरी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। इनमें कक्षा 3 से 12 तक के 62 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
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रचनात्मक कार्यशालाएं और प्रतियोगिताएं रहीं खास
क्ले मॉडलिंग (कक्षा 6-8)
पेपर क्राफ्ट (कक्षा 3-5)
स्टोन पेंटिंग (कक्षा 9-12)
वाद-विवाद और कहानी लेखन प्रतियोगिता में युवाओं की भागीदारी
"शहरीकरण और वन्यजीवों का सह-अस्तित्व संभव है" विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में कॉलेज स्तर के 16 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और पर्यावरण संतुलन को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके अलावा तात्कालिक कहानी प्रतियोगिता में कक्षा 6 से 12वीं तक के 21 विद्यार्थियों ने भाग लेकर वन्यजीवों पर केंद्रित रचनात्मक कहानियां प्रस्तुत कीं।
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डाक टिकटों की प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान
कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य वन्यप्राणी बोर्ड के सदस्य नारायण व्यास द्वारा वन्यजीवों पर आधारित दुर्लभ डाक टिकटों की कवर प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे प्रतिभागियों और अधिकारियों द्वारा सराहा गया। प्रशिक्षकों विनय सप्रे और संजय सोनकेशरिया ने बच्चों को रंगीन कागज से पक्षियों और तितलियों की सुंदर आकृतियां बनाना सिखाया, वहीं मूर्तिकार अरविंद अनुपम ने विद्यार्थियों को क्ले से अजगर बनाना सिखाया। स्टोन पेंटिंग में पल्लवी तरमाकर ने मार्गदर्शन दिया।
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3 अक्टूबर के कार्यक्रम
प्रातः 7:00 से 9:00 बजे – तितली अवलोकन शिविर
प्रातः 9:30 से 12:30 बजे – खजाने की खोज प्रतियोगिता
प्रातः 10:00 से 11:30 बजे – मेंहदी और पॉम पेंटिंग प्रतियोगिता (विषय: वन्यजीव)
