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Bhopal News: राज्यसभा सीट पर कांग्रेस में बढ़ी हलचल, कमलनाथ सबसे मजबूत दावेदार; जातीय संतुलन साधने की भी कवायद
Wed, 03 Jun 2026 08:25 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 03 Jun 2026 08:25 PM IST
सार
मध्य प्रदेश की एक राज्यसभा सीट को लेकर कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान करेगा। पढ़ें पूरी खबर
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कमलनाथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए कांग्रेस में दावेदारों की संख्या बढ़ने के साथ ही राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। पार्टी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर दिल्ली में लगातार चर्चा चल रही है। मौजूदा परिस्थितियों में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान के हाथ में है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 जून से शुरू होगी। ऐसे में कांग्रेस को जल्द ही अपने उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगानी होगी। पार्टी की इस सीट पर कई वरिष्ठ नेताओं की नजर है, जिसके चलते दिल्ली में बैठकों और राजनीतिक समीकरणों का दौर तेज हो गया है।
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दिग्विजय के इनकार के बाद बदला गणित
मौजूदा राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाने की इच्छा जताने के बाद कांग्रेस के सामने नए विकल्पों पर विचार शुरू हुआ है। इसके बाद कमलनाथ का नाम सबसे प्रमुखता से उभरा है। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि अंतिम निर्णय कांग्रेस नेतृत्व और विशेष रूप से सोनिया गांधी की सहमति के बाद ही होगा। यदि शीर्ष नेतृत्व चाहे तो दिग्विजय सिंह का नाम भी दोबारा चर्चा में आ सकता है।
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संगठन बनाम वरिष्ठता की चर्चा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सार्वजनिक रूप से खुद को इस दौड़ से अलग बताते रहे हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनके नाम की चर्चा भी जारी है। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और केंद्रीय नेतृत्व के कुछ नेताओं से नजदीकी को देखते हुए उन्हें भी संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है।
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सामाजिक समीकरण भी अहम
कांग्रेस केवल वरिष्ठता के आधार पर ही नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और जातीय संतुलन साधने की कोशिश भी कर रही है। इसी वजह से अलग-अलग वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं के नामों पर भी विचार किया जा रहा है। इस सूची में ओबीसी चेहरे के रूप में अरुण यादव, कमलेश्वर पटेल और मालवा क्षेत्र से आने वाले सज्जन सिंह वर्मा जैसे नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इसके अलावा ब्राह्मण और क्षत्रिय वर्ग से जुड़े कुछ वरिष्ठ नेताओं के नामों पर भी पार्टी स्तर पर मंथन चल रहा है।
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दो दिन में साफ हो सकती है तस्वीर
कांग्रेस नेतृत्व अगले कुछ दिनों में उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला कर सकता है। पार्टी की कोशिश ऐसी पसंद पर सहमति बनाने की है, जो संगठन, अनुभव और सामाजिक संतुलन तीनों कसौटियों पर खरी उतरे। इसी वजह से इस बार राज्यसभा उम्मीदवार का चयन केवल राजनीतिक वरिष्ठता नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति का भी अहम हिस्सा माना जा रहा है।
