Bhopal: फ्लोटिंग रेस्टोरेंट प्रोजेक्ट में घटिया माल सप्लाई कर लाखों डकारे, 2 अधिकारियों और सप्लायर फर्म पर केस
मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। निगम के दो अधिकारियों ने क्रूज बोट को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट बनाने के नाम पर घटिया सामान की सप्लाई दिखाकर करीब 81 लाख रुपए का गबन किया। मामला उजागर होने के बाद क्राइम ब्रांच ने दोनों अधिकारियों और सप्लायर फर्म के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
विस्तार
मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के दो अधिकारियों ने बड़े तालाब में संचालित हो रहे क्रूज को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के रूप में संचालित करने के लिए माल सप्लाई में 80 लाख 81 हजार रुपये का गबन किया है। पर्यटन विभाग के मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) राजेश गुप्ता ने यह फर्जीवाड़ा पकड़ा, इसके बाद भोपाल क्राइम ब्रांच को जांच का जिम्मा सौंपा गया था।
क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद पर्यटन निगम की इकाई विंड एंड वेव्स रेस्टोरेंट के प्रबंधक अरविंद शर्मा और क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुरूप के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों में माल सप्लाई करने वाली फर्म के संचालक संजय मुखर्जी, उनकी पत्नी देबजानी मुखर्जी और बेटे आदित्य मुखर्जी के खिलाफ जालसाजी, दस्तावेजों की कूटरचना और गबन का प्रकरण दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष तीन सितंबर को पर्यटन विकास निगम के मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) राजेश गुप्ता बोट क्लब पर निरीक्षण करने पहुंचे थे, जहां दोनों आरोपी अधिकारियों ने क्रूज को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट बनाने के लिए मंगाए गए सामान का मुआयना कराया। निरीक्षण के दौरान खरीदी गई सामग्री गुणवत्ताहीन और कम संख्या में पाई गई। यह पूरी खरीदी प्रक्रिया डेढ़ माह के दौरान 33 मांगपत्रों की नोटशीट के जरिए की गई थी।
मुख्य महाप्रबंधक राजेश गुप्ता ने 15 जुलाई से 31 अगस्त तक के बीच हुई खरीदी को लेकर बनी नस्ती का परीक्षण करने पर पाया कि 80 लाख 81 हजार रुपए की खरीददारी की गई, जिसमें 48 लाख रुपए की सप्लाई बाधित हुई है। इसकी तस्दीक के लिए विंड एंड वेव्स रेस्टोरेंट में जाकर भौतिक परीक्षण भी किया गया। पर्यटन निगम ने अभी केवल एक नस्ती की जांच की है। बाकी 32 बिलों की जांच क्राइम ब्रांच की तरफ से की जाएगी।
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जांच कमेटी की रिपोर्ट पर कराई एफआईआर
मुख्य महाप्रबंधक वित्त के निरीक्षण के बाद गबन संबंधी जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया था। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में भी करीब 81 लाख रुपए के गबन का मामला उजागर किया। इसके बाद रिपोर्ट नवंबर के अंतिम सप्ताह में भोपाल क्राइम ब्रांच को भेजी गई। क्राइम ब्रांच ने मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक हरनाथ सिंह दंडोतिया की शिकायत पर विंड एंड वेव्स के इकाई प्रबंधक अरविंद शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुरूप सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
पर्यटन निगम की तरफ से बड़े तालाब में क्रूज बोट चलाई जाती है, जिसमें कोल्ड कॉफी मशीन, डेकोरेटिव सामान, डस्टबिन समेत अन्य सामान की सप्लाई का काम मैसर्स श्री गणेश ट्रेडर्स, आदित्य इंटरप्राइजेस, मैसर्स सिद्धि विनायक ट्रेडर्स को दिया था। निगम द्वारा कराई गई जांच में एक ही बिल में 22 लाख 37 हजार रुपये के माल की सप्लाई दिखाई गई थी लेकिन भौतिक परीक्षण में 11 लाख रुपये का माल ही मिला। ऐसे 32 सामानों के बिल की जांच अब क्राइम ब्रांच को करना है।
आरोपियों का पूरा सेवाकाल जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार अरविंद शर्मा और अनिल कुरूप मूल रूप से भोपाल नगर निगम में तैनात हैं। इन्हें मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग में प्रतिनियुक्ति में तैनात किया गया था। अरविंद शर्मा अक्टूबर, 2024 से और अनिल कुरूप उनसे पहले अप्रैल, 2023 से सेवाएं दे रहे हैं। क्राइम ब्रांच की तरफ से इन दोनों अधिकारियों की खरीदी से संबंधित जानकारी मांगी गई है। बताया गया है कि खरीदी समिति में विंड एंड वेव्स रेस्टोरेंट के क्षेत्रीय लेखापाल हरीदयाल सूत्रकार और क्षेत्रीय शेफ विनय रघुवंशी की सहमति के बाद प्रस्ताव भेजा जाता था। पुलिस इन दोनों अधिकारियों के सेवाकाल के दौरान भेजे गए सारे प्रस्तावों और खरीदी से संबंधित जांच करने जा रही है।
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