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Bhopal News: अंडा सेल में रहेगा NIA का वांटेड कट्टरपंथी फिरोज, सुरक्षा कारणों से रतलाम से लाया गया भोपाल

Sat, 05 Apr 2025 10:36 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Sat, 05 Apr 2025 10:36 PM IST
सार

भोपाल के 'अंडा सेल' में जयपुर सीरियल ब्लास्ट के फरार आरोपी और NIA द्वारा पांच लाख के इनामी कट्टरपंथी फिरोज को भेजा गया है। फिरोज को हाल ही में रतलाम से गिरफ्तार किया गया था और उसे सुरक्षा कारणों से अंडा सेल में रखा गया है, जहां पहले से 69 कट्टरपंथी और आतंकी बंद हैं।

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Bhopal News NIA's wanted fanatic Firoz will stay in Anda Cell
भोपाल की केंद्रीय जेल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल की केंद्रीय जेल के उच्च सुरक्षा वाले बैरक जिसे अंडा सेल कहा जाता है, उसमें एक और बड़ा कट्टरपंथी और NIA का पांच लाख का वांछित आरोपी लाया गया है। जयपुर सीरियल धमाके की साजिश में शामिल रतलाम निवासी फिरोज को कुछ दिन पहले ही स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह मार्च 2022 से फरार था

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जयपुर NIA ने उस पर पांच लाख का इनाम घोषित किया है। NIA उसे पूछताछ के लिए जल्दी ही प्रोडक्शन वारंट पर लेकर जयपुर ले जाएगी। NIA अभी नवरात्र और नवदुर्गा पर सभी राज्यों-शहरों में निकलने वाले जूलूस के दौरान पुलिस की अति व्यस्तता के कारण रुकी है। 
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कट्टरपंथी फिरोज को सुरक्षा कारणों से भोपाल केंद्रीय जेल भेजा गया है, जहां उसे उच्च सुरक्षा वाले अंडा सेल में रखा जा रहा है। यह वही अंडा सेल है, जहां वर्तमान में प्रतिबंधित कट्टरपंथी और आतंकी संगठनों के करीब 69 आतंकी रह रहे हैं। मुंबई के आर्थर रोड जेल और पुणे के यरवडा जेल के अंडा सेल की तर्ज पर ही भोपाल सेंट्रल जेल में हाई रिस्क बंदियों को रखने के लिए एक बैरक बनाई गई है, जो अंडे के आकार की है। इसलिए उसे अंडा सेल कहते हैं। 
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इस लिए बोलते हैं अंड सेल
अंडा सेल में विशेष प्रशिक्षण प्रप्त जेल प्रहरियों को 24 घंटे तैनात किया जाता है और अधिकारी भी मानीटरिंग करते हैं। इसके साथ ही एक सैकड़ा सीसीटीवी कैमरों पर जेल प्रबंधन अलग से इस बैरक की मानीटरिंग करता है। इस बैरक के अंदर बने कमरों के आकार भी अंडे की तरह के होते हैं, ताकि बंदी के सेल की चारों तरफ से निगरानी की जा सके।

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प्रदेश में सुबसे सुरक्षित मानी जाती है भोपाल जेल
यह पहला मामला नहीं है, जब मध्यप्रदेश में पकड़ाया कट्टरपंथी भोपाल जेल लाया गया है। इसके पहले जबलपुर से पकड़ाए आईएसआईएस, भोपाल में एचयूटी और बांग्लादेशी आतंकी संगठन के जिहादी भी भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। खंडवा-बुरहानपुर से लेकर इंदौर और उज्जैन से पकड़ाए सिमी आतंकियों, सिमी का सरगना सफदर नागौरी भी भोपाल सेंट्रल जेल में हैं। भोपाल से लेकर मालवा क्षेत्र के अलग-अलग जिलों से बीते वर्ष गिरफ्तार किए गए NIA के आतंकी भी भोपाल सेंट्रल जेल की इसी हाई सिक्योरिटी बैरक 'अंडा सेल' में ही रखे गए हैं। कट्टरपंथियों और आतंकियों को अति सुरक्षित जेलों में रखा जाता है, क्योंकि हमले कर इन्हें छुड़ाने के भी प्रयास हो सकते हैं। ऐसे में अलग-अलग जेलों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने की अपेक्षा भोपाल में सभी को एक साथ रखकर चौकसी रखी जा रही है।

इसलिए सुरक्षित मानी जाती है यह बैरक
देशभर के अधिकांश केंद्रीय जेलों में एक उच्च सुरक्षा वाली बैरक होती है, जहां हाई रिस्क वाले आरोपी और बंदी रखे जाते हैं। भोपाल जेल के इस बैरक में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त 81 कर्मचारी-अधिकारी तैनात रहते हैं। इस बात की पूरी सतर्कता रखी जा रही कि बंदियों को ऐसा कुछ भी हासिल नहीं हो सके, जिसका इस्तेमाल वह दूसरों या स्वयं को नुकसान पहुंचाने में कर सकें। यहां तक कि उन्हें जो पाजामा मुहैया कराए गए हैं, उनमें नाड़े सिले हुए हैं। उनमें सिर्फ गठान लगाने का ही विकल्प है। इन सेल में गंभीर अपराध के बंदियों को रखा जाता है। यहां बिजली नहीं होती, आवश्यकता पड़ने पर कोठरियों के चारों तरफ इलेक्ट्रिक फेंसिंग भी की जाती है।


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भोपाल जेल में कब चर्चा में आया अंडा सेल
वर्ष 2016 में दीपावली की देर रात करीब ढाई-तीन बजे भोपाल केंद्रीय जेल में बंद सिमी के आठ आतंकी एक जेल प्रहरी का गला रेतकर हत्या करने के बाद दीवार फांदकर फरार हो गए थे। सूचना के बाद एटीएस की काउंटर टेरेरिज्म यूनिट, हॉकफोर्स और भोपाल पुलिस की सर्चिंग के दौरान अचारपुरा की पहाडिय़ों पर सभी आतंकियों को मुठभेड़ में मार दिया गया था। इसके बाद भोपाल के उच्च सुरक्षा बैरक को मुंबई की आर्थर रोड जेल के अंडा सेल की तर्ज पर अपग्रेड किया गया, तबसे कट्टरपंथी और आतंकी इसी बैरक के अंदर अलग-अलग सेल में रखे जा रहे हैं।

वर्तमान में 69 कट्टरपंथी भोपाल जेल में बंद हैं
जेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भोपाल सेंट्रल जेल में प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) से जुड़े 32 कैदी शामिल हैं, जो जेल के उच्च सुरक्षा वाले अंडा सेल में बंद हैं। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 21, हिज्ब उत तहरीर (एचयूटी) के 17 और आईएसआईएस के चार आतंकी जबकि बांग्लादेश के जेएमबी आतंकी संगठन के चार आतंकवादी भी भोपाल केंद्रीय जेल में बंद हैं। यह सभी कट्टरपंथी संगठन भारत में प्रतिबंधित हैं।

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