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Bhopal News: न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था घोटाला, करोड़ों की धोखाधड़ी, EOW ने दर्ज की एफआईआर

Tue, 24 Feb 2026 05:29 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Tue, 24 Feb 2026 05:29 PM IST
सार

भोपाल की न्यू मित्र मंडल गृह निर्माण सहकारी संस्था में करोड़ों के भूमि घोटाले का खुलासा होने पर EOW ने 17 आरोपियों के खिलाफ FIR 36/26 दर्ज की है। जांच में 45 प्लॉट की स्वीकृति के बावजूद अवैध सदस्य जोड़कर 28 भूखंडों की कम मूल्य पर रजिस्ट्री कर करीब 9 करोड़ की हानि और शासन को करोड़ों के राजस्व नुकसान का मामला सामने आया है।

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Bhopal News: New Mitra Mandal Cooperative Society scam, fraud worth crores, EOW registers FIR
ईओडब्ल्यू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल की न्यू मित्र मंडल गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित में सामने आए भूमि घोटाले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है। 8 दिसंबर 2025 को श्री अर्जुन वाधवानी सहित अन्य पीड़ित सदस्यों की शिकायत के बाद की गई विस्तृत जांच में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, गबन और अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि वर्ष 1981 में स्थापित इस संस्था ने ग्राम बागमुगालिया स्थित खसरा क्रमांक 454/1 की लगभग 3.5 एकड़ भूमि सदस्यों से एकत्रित राशि से खरीदी थी। वर्ष 1996 में सड़क निर्माण के लिए करीब 2 एकड़ भूमि अधिग्रहित होने पर शासन से मुआवजा, भूमि व एफएआर मिला, लेकिन इसका लाभ मूल सदस्यों को नहीं दिया गया।
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वर्ष 2004 में केवल 45 प्लॉटों की स्वीकृति के बावजूद संस्था पदाधिकारियों ने प्राथमिकता सूची का उल्लंघन कर बड़ी संख्या में नए और अपात्र सदस्यों को जोड़ा। वर्ष 2023 में स्वीकृत नक्शे में अवैध संशोधन कर आवासीय भूखंडों को व्यवसायिक दर्शाया गया और 28 भूखंडों की रजिस्ट्री कम मूल्य पर कराई गई। इससे संस्था को लगभग 9 करोड़ रुपये तथा शासन को 4 से 5 करोड़ रुपये की स्टाम्प व राजस्व हानि हुई। वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार यह लेन-देन करीब 40 करोड़ रुपये तक का आंका गया है। जांच में यह भी सामने आया कि कई मूल सदस्यों को वर्षों तक राशि जमा कराने के बाद भी भूखंड नहीं दिए गए, जबकि उनके नाम पर आवंटित प्लॉट अन्य व्यक्तियों को बेच दिए गए। न्यायालय एवं सहकारिता विभाग में लंबित मामलों की जानकारी छिपाकर रजिस्ट्रियां कराई गईं। संस्था के अभिलेख, मीटिंग मिनट्स और लेखा दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
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पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर EOW ने संगमलाल हासीजा (मृतक), नीलम हासीजा, पायल हासीजा, आईके चौधरी, अशफाक अहमद कुरैशी, मो. अफसर, नफीस, मूसा सहित 17 नामजद एवं अन्य अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर क्रमांक 36/26 दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र), 316(2) (धोखाधड़ी) और 318(4) (न्यासभंग व गबन) के तहत पंजीबद्ध किया गया है। EOW के अनुसार, जांच अभी जारी है और संस्था से जुड़े अन्य पदाधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
 
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