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Bhopal News: मातृ-पितृ भक्ति व सेवा दिवस के रूप में मनी स्व. कैलाश नारायण सारंग की जयंती
Sun, 02 Jun 2024 11:01 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क अमर उजाला भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 02 Jun 2024 11:01 PM IST
सार
नरेला के सभी 17 वार्डों में वृद्धजनों का सम्मान, शीतल पेय वितरण के साथ, रक्तदान व चिकित्सा शिविर के साथ ही अनेक सेवा कार्यों के माध्यम से जयंती मनाई गई। कायस्थ समाज ने भोपाल सहित देशभर में विभिन्न प्रकल्पों के जरिये स्व. कैलाश सारंग को याद किया।
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पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व राज्यसभा सांसद स्व. कैलाश नारायण सारंग की जयंती सेवा दिवस व मातृ-पितृ भक्ति दिवस के रूप में मनाई गई। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के आव्हान पर नरेला विधानसभा में अनेक स्थानों पर सेवा कार्यक्रम किए गए। नरेला के सभी 17 वार्डों में वृद्धजनों का सम्मान, शीतल पेय वितरण के साथ, रक्तदान व चिकित्सा शिविर के साथ ही अनेक सेवा कार्यों के माध्यम से जयंती मनाई गई। कायस्थ समाज ने भोपाल सहित देशभर में विभिन्न प्रकल्पों के जरिये स्व. कैलाश सारंग को याद किया। सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले ने करोंद में आयोजित पुण्य जयंती सभा में सम्मिलित होकर कैलाश सारंग जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
हर बुजुर्ग हमारे माता-पिता समान
मंत्री सारंग ने कहा कि पूज्य पिता स्व. कैलाश सारंग की पुण्यस्मृति में उनकी जयंती को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मातृ-पितृ भक्ति व सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। समाज का हर बुजुर्ग हमारे माता-पिता के समान है। उनकी सेवा करना हमारा सनातन धर्म हमें सिखाता है। उन्होंने भगवान श्री गणेश, प्रभु श्री राम एवं श्रवण कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि माता-पिता की भक्ति देवों की भक्ति के समान है। उनका पूजन करने से समस्त देवों के पूजन का पुण्य प्राप्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि कायस्थ समाज द्वारा देशभर में वृद्धाश्रमों में वृद्धजनों का सम्मान करने के साथ ही रक्तदान शिविर, चिकित्सा शिविर, वृक्षारोपण, जरूरतमंद विद्यार्थियों को पुस्तकों का वितरण, समेत अनेक सेवा कार्य किए गए।
पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
करोंद में आयोजित पुण्य जयंती सभा में सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) सम्मिलित हुए। यहां उन्होंने स्व. कैलाश सारंग के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्व. कैलाश सारंग ने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा को समर्पित कर दिया। वे एक संत का भाव रखते थे। नर्मदा के तट से आने वाले स्व. कैलाश सारंग देश भर में प्रत्येक जनमानस की सेवा करते रहे। मिश्रा ने कहा कि माता-पिता कल्पवृक्ष के समान होते हैं, जिनके चले जाने के बाद हमें पता चलता है कि उन्होंने हमें क्या दिया। इस पुनीत पहल से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंच रहा है।
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हर बुजुर्ग हमारे माता-पिता समान
मंत्री सारंग ने कहा कि पूज्य पिता स्व. कैलाश सारंग की पुण्यस्मृति में उनकी जयंती को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मातृ-पितृ भक्ति व सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। समाज का हर बुजुर्ग हमारे माता-पिता के समान है। उनकी सेवा करना हमारा सनातन धर्म हमें सिखाता है। उन्होंने भगवान श्री गणेश, प्रभु श्री राम एवं श्रवण कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि माता-पिता की भक्ति देवों की भक्ति के समान है। उनका पूजन करने से समस्त देवों के पूजन का पुण्य प्राप्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि कायस्थ समाज द्वारा देशभर में वृद्धाश्रमों में वृद्धजनों का सम्मान करने के साथ ही रक्तदान शिविर, चिकित्सा शिविर, वृक्षारोपण, जरूरतमंद विद्यार्थियों को पुस्तकों का वितरण, समेत अनेक सेवा कार्य किए गए।
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पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
करोंद में आयोजित पुण्य जयंती सभा में सुप्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) सम्मिलित हुए। यहां उन्होंने स्व. कैलाश सारंग के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्व. कैलाश सारंग ने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा को समर्पित कर दिया। वे एक संत का भाव रखते थे। नर्मदा के तट से आने वाले स्व. कैलाश सारंग देश भर में प्रत्येक जनमानस की सेवा करते रहे। मिश्रा ने कहा कि माता-पिता कल्पवृक्ष के समान होते हैं, जिनके चले जाने के बाद हमें पता चलता है कि उन्होंने हमें क्या दिया। इस पुनीत पहल से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंच रहा है।
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