{"_id":"663f1b8befdc52c4130b5bc6","slug":"bhopal-news-kolkata-company-gave-fake-bank-guarantee-of-rs-26-crore-to-get-tender-in-electricity-company-fir-2024-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal News: बिजली कंपनी में टेंडर लेने कोलकाता की कंपनी ने लगाई 26 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी, FIR दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal News: बिजली कंपनी में टेंडर लेने कोलकाता की कंपनी ने लगाई 26 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी, FIR दर्ज
Sat, 11 May 2024 12:47 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 11 May 2024 12:47 PM IST
सार
अशोका गार्डन पुलिस ने बताया कि निष्ठा परिसर गोविंदपुरा स्थित विघुत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक गुरूप्यारी सक्सेना ने एक शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से बिजली के मीटर लगाने के लिए एक टेंडर निकाला गया था।
विज्ञापन
Fir demo
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निकाले गए टेंडर में कोलकाता की एक कंपनी द्वारा गारंटी के फर्जी दस्तावेज लगाने का मामला सामने आया है। कंपनी के महाप्रबंधक की ओर से मामले की शिकायत अशोका गार्डन थाने में की गई थी। पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए टेंडर लेने वाली कंपनी के प्रबंधक के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
अशोका गार्डन पुलिस ने बताया कि निष्ठा परिसर गोविंदपुरा स्थित विघुत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक गुरूप्यारी सक्सेना ने एक शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से बिजली के मीटर लगाने के लिए एक टेंडर निकाला गया था। यह टेंडर 26 करोड़ रुपए का था। पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद यह टेंडर कोलकाता पश्चिम बंगाल की कंपनी को यह टेंडर दिया गया। टेंडर प्रक्रिय समाप्त होने के बाद जब इस कंपनी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की गई तो पता चला कि कंपनी की ओर से जो गांरटी लगाई गई है वह फर्जी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कोलकाता की कंपनी के प्रबंधक सौरभ मलिक व अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
अशोका गार्डन पुलिस ने बताया कि निष्ठा परिसर गोविंदपुरा स्थित विघुत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक गुरूप्यारी सक्सेना ने एक शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से बिजली के मीटर लगाने के लिए एक टेंडर निकाला गया था। यह टेंडर 26 करोड़ रुपए का था। पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद यह टेंडर कोलकाता पश्चिम बंगाल की कंपनी को यह टेंडर दिया गया। टेंडर प्रक्रिय समाप्त होने के बाद जब इस कंपनी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की गई तो पता चला कि कंपनी की ओर से जो गांरटी लगाई गई है वह फर्जी है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कोलकाता की कंपनी के प्रबंधक सौरभ मलिक व अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
