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Bhopal news: भोपाल में ठंड से बढ़े हार्ट के मरीज, 30% मरीजों की वृद्धि, हमीदिया में जांच बंद,एम्स में बढ़ा लोड
Sun, 15 Dec 2024 07:45 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 15 Dec 2024 07:45 PM IST
सार
भोपाल में हार्ट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पतालों की ओपीडी में 30% मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हमीदिया में कैथ लैब के शिफ्टिंग के चक्कर में हार्ट के मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है वहीं अब एम्स में लोड बढ़ते जा रहा है।
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ओपीडी मे मरीजों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश में आ रही ठंडी हवाओं से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इस दौरान राजधानी भोपाल में हार्ट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में 30% मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है इस समय सबसे ज्यादा हर्ट से संबंधित मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें युवाओं की संख्या भी बढ़ी है। जहां हमीदिया में कैथ लैब के शिफ्टिंग के चक्कर में हार्ट के मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है वहीं अब एम्स में लोड बढ़ते जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि राजधानी के दो बड़े अस्पताल हमीदिया और एम्स में हार्ट के मरीजों के अच्छे डॉक्टर हैं और सभी जांच होती हैं। लेकिन हमीदिया अस्पताल के कैथ लैब की शिफ्टिंग चल रही है जिस वजह से यहां जांच नहीं हो पा रही है। ऐसे में मरीजों को केवल एम्स ही सहारा है।
हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले दो गुना
हमीदिया अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आरएस मीणा ने बताया कि ठंड के बढ़ते ही हार्ट के मरीजों की भी संख्या बढ़ रही है। मौसम में बदलाव के साथ युवाओं में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले दो गुना हो गए, जबकि अभी ठंड की शुरुआत हुई है। कार्डियोलॉजी विभाग के ओपीडी में पहले की तुलना में करीब 20 गुना मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं और इसमें भी आधा प्रतिशत युवाओं का है। कड़ाके की सर्दी ने बच्चे, बुजुर्ग से लेकर युवाओं के भी असर देखने को मिल रहा है । पिछले आठ दिनों में हार्ट के मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
हार्ट की बीमारियों से बचने सुझाव
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आरएस मीणा ने बताया कि सर्दियों में मॉर्निंग वॉक पर जाने से बचें। अगर जाना भी है तो 7 बजे के बाद जाएं। सर्दियों में मॉर्निंग वॉक करने से सर्द हवा और नमी घातक हो सकती है। धूप में वॉक और व्यायाम करने से आप ज्यादा फ्रेश फील करेंगे व ठंड से होने वाले नुकसान से भी बच पाएंगे। सर्दी में ऑक्सीजन की कमी रहती है, जिससे रक्त वाहिनी सक्रिय हो जाती हैं, वहीं दिल के मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है। सर्दियों में ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, लेकिन कई लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है। उनके लिए ये मौसम खासा खतरनाक होता है। इस मौसम में दिल के रोगियों को कई तरह की गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिल के मरीजों में घबराहट हाई ब्लड प्रेशर सीने में दबाव या जकड़न बढ़ जाती है।
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हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले दो गुना
हमीदिया अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आरएस मीणा ने बताया कि ठंड के बढ़ते ही हार्ट के मरीजों की भी संख्या बढ़ रही है। मौसम में बदलाव के साथ युवाओं में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामले दो गुना हो गए, जबकि अभी ठंड की शुरुआत हुई है। कार्डियोलॉजी विभाग के ओपीडी में पहले की तुलना में करीब 20 गुना मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं और इसमें भी आधा प्रतिशत युवाओं का है। कड़ाके की सर्दी ने बच्चे, बुजुर्ग से लेकर युवाओं के भी असर देखने को मिल रहा है । पिछले आठ दिनों में हार्ट के मरीजों की संख्या में 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
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हार्ट की बीमारियों से बचने सुझाव
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आरएस मीणा ने बताया कि सर्दियों में मॉर्निंग वॉक पर जाने से बचें। अगर जाना भी है तो 7 बजे के बाद जाएं। सर्दियों में मॉर्निंग वॉक करने से सर्द हवा और नमी घातक हो सकती है। धूप में वॉक और व्यायाम करने से आप ज्यादा फ्रेश फील करेंगे व ठंड से होने वाले नुकसान से भी बच पाएंगे। सर्दी में ऑक्सीजन की कमी रहती है, जिससे रक्त वाहिनी सक्रिय हो जाती हैं, वहीं दिल के मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है। सर्दियों में ब्लड प्रेशर सामान्य से कुछ ज्यादा रहता है, लेकिन कई लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है। उनके लिए ये मौसम खासा खतरनाक होता है। इस मौसम में दिल के रोगियों को कई तरह की गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। दिल के मरीजों में घबराहट हाई ब्लड प्रेशर सीने में दबाव या जकड़न बढ़ जाती है।
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