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Bhopal News: रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर, भोपाल-खजुराहो और रानी कमलापति-आधारताल एक्सप्रेस में अब एलएचबी कोच
Fri, 13 Feb 2026 04:52 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 13 Feb 2026 04:52 PM IST
सार
पश्चिम मध्य रेलवे ने भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस (15 फरवरी 2026 से) और रानी कमलापति-आधारताल एक्सप्रेस (16 फरवरी 2026 से) को पारंपरिक आईसीएफ कोच की जगह 21 कोच वाले आधुनिक एलएचबी रैक से चलाने का निर्णय लिया है।
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रेलवे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल ने यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गाड़ी संख्या 22163/22164 भोपाल-खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस और 22187/22188 रानी कमलापति-आधारताल-रानी कमलापति एक्सप्रेस के पारंपरिक आईसीएफ कोच अब हटाए जा रहे हैं। इन ट्रेनों को आधुनिक एलएचबी कोचों से संचालित किया जाएगा। भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस 15 फरवरी 2026 से दोनों दिशाओं में एलएचबी रैक के साथ चलेगी, जबकि रानी कमलापति-आधारताल एक्सप्रेस 16 फरवरी 2026 से नए कोचों के साथ पटरी पर उतरेगी।
21 कोच के नए रैक के साथ संचालन
दोनों ट्रेनों में कुल 21 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 2 एसी चेयरकार, 2 थर्ड एसी, 9 द्वितीय श्रेणी, 6 सामान्य श्रेणी, 1 एसएलआरडी और 1 जनरेटर कार शामिल होंगी। पश्चिम मध्य रेलवे का यह निर्णय क्षेत्र के यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित सफर की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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क्यों खास हैं एलएचबी कोच?
एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक से लैस होते हैं। ये अधिक सुरक्षित, आरामदायक और उच्च गति के अनुकूल माने जाते हैं। दुर्घटना की स्थिति में इनके पटरी से उतरने की संभावना कम होती है और झटके भी कम लगते हैं। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की कोच संरचना और आरक्षण स्थिति की जानकारी अवश्य जांच लें।
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21 कोच के नए रैक के साथ संचालन
दोनों ट्रेनों में कुल 21 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 2 एसी चेयरकार, 2 थर्ड एसी, 9 द्वितीय श्रेणी, 6 सामान्य श्रेणी, 1 एसएलआरडी और 1 जनरेटर कार शामिल होंगी। पश्चिम मध्य रेलवे का यह निर्णय क्षेत्र के यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित सफर की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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क्यों खास हैं एलएचबी कोच?
एलएचबी कोच आधुनिक तकनीक से लैस होते हैं। ये अधिक सुरक्षित, आरामदायक और उच्च गति के अनुकूल माने जाते हैं। दुर्घटना की स्थिति में इनके पटरी से उतरने की संभावना कम होती है और झटके भी कम लगते हैं। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की कोच संरचना और आरक्षण स्थिति की जानकारी अवश्य जांच लें।
