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Bhopal news:भोपाल में 6 रेलवे ट्रैक को पार करने वाले पहले ROB की सौगात, 90 करोड़ की लागत से रेलवे करेगा निर्माण
Thu, 24 Oct 2024 07:27 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 24 Oct 2024 07:27 PM IST
सार
भोपाल को 6 रेलवे ट्रैक को पार करने वाला पहला आरओबी की सौगात मिलने जा रही है। निमार्ण 90 करोड़ की लागत से रेलवे करेगा। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि निशातपुरा कोच फैक्ट्री आरओबी देश के लिये इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण बनेगा।
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निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री विश्वास सारंग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल के नरेला क्षेत्र निवासियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। निशातपुरा कोच फैक्ट्री के पास 610 मीटर लंबा रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) बनेगा। यह ब्रिज 6 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को निशातपुरा कोच फैक्ट्री के पास प्रस्तावित रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। मंत्री सारंग ने रेलवे, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आरओबी के प्लान की जानकारी लेकर निश्चित समयावधि में कार्य पूर्ण करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सारंग ने बताया कि यह देश का पहला रेलवे ओवर ब्रिज होगा, जिस पर वाहनों की आवाजाही भी संभव होगी। इससे शहर की 15 लाख आबादी को फायदा मिलेगा और करीब 15 किमी का चक्कर बचेगा। सारंग सारंग ने ओवर ब्रिज की डिजाइन और प्लानिंग दोनों देखी।
राज्य सरकार के प्रोजेक्ट को रेलवे करेगा पूरा
मंत्री सारंग ने बताया कि ब्रिज की लंबाई 610 मीटर और चौड़ाई साढ़े 7 मीटर रहेगी। राज्य सरकार के इस प्रोजेक्ट को रेलवे पूरा करेगा। इसके लिए रेलवे को 72 करोड़ रुपए दिए गए हैं। बाकी राशि भी जारी की जाएगी। जल्द भूमि पूजन होगा। यह करीब 18 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। मंत्री सारंग ने बताया, अभी भोपाल के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से छोला की ओर जाने के लिए छोटी गाड़ियों को पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं बड़ी गाड़ियों को भारत टॉकीज ब्रिज से लगभग 15 किमी लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इस आरओबी के निर्माण से यह 15 किमी का चक्कर नहीं लगाना होगा। साथ ही ट्रैफिक की समस्या से भी क्षेत्रवासियों को निजात मिलेगी।
नये भोपाल, विदिशा, बैरसिया की कनेक्टिविटी सुधरेगी
मंत्री सारंग ने बताया कि यह भोपालवासियों के लिये बड़ी सौगात होगी। इसके निर्माण से पुराने व नये भोपाल के साथ विदिशा, बैरसिया समेत आसपास के क्षेत्रों से रोड कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।इससे क्षेत्र वासियों का आवागमन भी सुगम होगा।सारंग ने बताया कि लगभग 90 करोड़ की लागत से इस आरओबी का निर्माण किया जाएगा। रेलवे इसका निर्माण करेगा। प्रथम चरण में शासन द्वारा लगभग 72 करोड़ रुपये की राशि रेलवे को दी गयी है। शीघ्र ही इसका भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ किया जायेगा। यह ब्रिज 18 माह में बनकर तैयार हो जायेगा।
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भोपाल स्टेशन से एयरपोर्ट तक की दूरी होगी कम
सारंग ने कहा कि भोपाल स्टेशन से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अभी पुराने भोपाल के ट्रेफिक से होकर गुजरना पड़ता है। जिसमें काफी समय लगता है। वहीं इस आरओबी के बन जाने से यात्री कम समय में भोपाल स्टेशन प्लेटफार्म नंबर एक से सीधे आरओबी से छोला की ओर होते हुए करोंद मार्ग से सीधे एयपोर्ट पहुंच सकेंगे। सारंग ने बताया कि कई ट्रेनें बैरागढ़ से सीधे निशातपुरा होते हुए निकलती हैं। अभी यात्रियों को सही कनेक्टिविटी ना होने के कारण अपनी ट्रेन पकड़ने के लिये बैरागढ़ जाना पड़ता है। वहीं आरओबी के बन जाने से यात्री बैरागढ़ ना जाते हुए सीधे निशातपुरा स्टेशन से ही अपनी ट्रेन पकड़ सकेंगे।
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राज्य सरकार के प्रोजेक्ट को रेलवे करेगा पूरा
मंत्री सारंग ने बताया कि ब्रिज की लंबाई 610 मीटर और चौड़ाई साढ़े 7 मीटर रहेगी। राज्य सरकार के इस प्रोजेक्ट को रेलवे पूरा करेगा। इसके लिए रेलवे को 72 करोड़ रुपए दिए गए हैं। बाकी राशि भी जारी की जाएगी। जल्द भूमि पूजन होगा। यह करीब 18 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। मंत्री सारंग ने बताया, अभी भोपाल के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से छोला की ओर जाने के लिए छोटी गाड़ियों को पुलिया से होकर गुजरना पड़ता है। वहीं बड़ी गाड़ियों को भारत टॉकीज ब्रिज से लगभग 15 किमी लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इस आरओबी के निर्माण से यह 15 किमी का चक्कर नहीं लगाना होगा। साथ ही ट्रैफिक की समस्या से भी क्षेत्रवासियों को निजात मिलेगी।
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नये भोपाल, विदिशा, बैरसिया की कनेक्टिविटी सुधरेगी
मंत्री सारंग ने बताया कि यह भोपालवासियों के लिये बड़ी सौगात होगी। इसके निर्माण से पुराने व नये भोपाल के साथ विदिशा, बैरसिया समेत आसपास के क्षेत्रों से रोड कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।इससे क्षेत्र वासियों का आवागमन भी सुगम होगा।सारंग ने बताया कि लगभग 90 करोड़ की लागत से इस आरओबी का निर्माण किया जाएगा। रेलवे इसका निर्माण करेगा। प्रथम चरण में शासन द्वारा लगभग 72 करोड़ रुपये की राशि रेलवे को दी गयी है। शीघ्र ही इसका भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ किया जायेगा। यह ब्रिज 18 माह में बनकर तैयार हो जायेगा।
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भोपाल स्टेशन से एयरपोर्ट तक की दूरी होगी कम
सारंग ने कहा कि भोपाल स्टेशन से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अभी पुराने भोपाल के ट्रेफिक से होकर गुजरना पड़ता है। जिसमें काफी समय लगता है। वहीं इस आरओबी के बन जाने से यात्री कम समय में भोपाल स्टेशन प्लेटफार्म नंबर एक से सीधे आरओबी से छोला की ओर होते हुए करोंद मार्ग से सीधे एयपोर्ट पहुंच सकेंगे। सारंग ने बताया कि कई ट्रेनें बैरागढ़ से सीधे निशातपुरा होते हुए निकलती हैं। अभी यात्रियों को सही कनेक्टिविटी ना होने के कारण अपनी ट्रेन पकड़ने के लिये बैरागढ़ जाना पड़ता है। वहीं आरओबी के बन जाने से यात्री बैरागढ़ ना जाते हुए सीधे निशातपुरा स्टेशन से ही अपनी ट्रेन पकड़ सकेंगे।
