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Bhopal News: भोपाल में ईवी बसों के लिए अभी इंतजार, 25 करोड़ का डिपो प्रोजेक्ट अधूरा, 100 इलेक्ट्रिक बसें आएंगी
Wed, 21 Jan 2026 07:27 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 21 Jan 2026 07:27 PM IST
सार
भोपाल में 100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना डिपो निर्माण अधूरा होने के कारण अटकी हुई है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत कस्तूरबा नगर और बैरागढ़ में 25 करोड़ की लागत से दो आधुनिक डिपो बनाए जा रहे हैं, लेकिन बैरागढ़ डिपो का काम आधा पूरा हुआ है, जबकि कस्तूरबा नगर में निर्माण अभी शुरू नहीं हुआ।
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ई-बसें
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) के संचालन की योजना फिलहाल अधर में लटकी हुई है। शहर में ई-बसें शुरू करने की तैयारियां तो कागजों पर तेज हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर अब भी अधूरा है। ई-बस संचालन के लिए बनाए जा रहे दोनों प्रमुख डिपो समय पर तैयार नहीं हो सके हैं, जिसके चलते बसों के सड़कों पर उतरने में देरी तय मानी जा रही है।
दो डिपो, 25 करोड़ का प्रोजेक्ट
भोपाल में ई-बस सेवा के लिए कस्तूरबा नगर और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में दो अत्याधुनिक डिपो विकसित किए जा रहे हैं। इन डिपो में हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशन, ट्रांसफॉर्मर, मेंटेनेंस वर्कशॉप और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत शहर में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जानी हैं, जिससे यात्रियों को प्रदूषण-मुक्त और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके। यह परियोजना केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत लागू की जा रही है।
बैरागढ़ डिपो आधा तैयार, कस्तूरबा नगर में काम शुरू भी नहीं
जानकारी के अनुसार, संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्थित डिपो का निर्माण कार्य आधे से अधिक पूरा हो चुका है। यहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं का काम प्रगति पर है। इसके उलट कस्तूरबा नगर में प्रस्तावित ई-बस डिपो का निर्माण कार्य अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन प्रभावित हो रही है। इस काम को देख रहे निगम के इंजीनियर प्रमोद मालवीय ने बताया कि एक डिपो कंपलीट होने पर अप्रैल-मई तक करीब 50 बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बना सबसे बड़ी बाधा
ई-बसों के संचालन के लिए भारी क्षमता वाले चार्जिंग पॉइंट और तकनीकी मेंटेनेंस व्यवस्था अनिवार्य है। जब तक दोनों डिपो पूरी तरह तैयार नहीं होते, तब तक 100 ई-बसों को सड़कों पर उतारना संभव नहीं है। यही कारण है कि ई-बस सेवा की लॉन्चिंग टलती जा रही है।
यह भी पढ़ें-हिंदू संगठनो ने महापौर बंगले का किया घेराव, मांगा इस्तीफा, पोस्टर पर पोती कालिख
पर्यावरण-मित्र परिवहन पर ब्रेक
ई-बसों को डीजल बसों के विकल्प के रूप में लाकर शहर में प्रदूषण और शोर कम करने की योजना थी। लेकिन डिपो निर्माण की धीमी रफ्तार ने इस ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। इससे यात्रियों को आधुनिक सुविधा मिलने में भी देरी हो रही है।
यह भी पढ़ें-कैबिनेट फैसले से भड़के अस्थाई कर्मचारी, सतपुड़ा भवन के सामने सत्याग्रह शुरू, बढ़ेगा आंदोलन
अधिकारियों का दावा- जल्द पूरा होगा काम
परिवहन विभाग और नगर निगम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि डिपो निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है और आने वाले महीनों में दोनों डिपो तैयार कर लिए जाएंगे। इसके बाद ई-बसों के ट्रायल रन और संचालन की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल भोपाल की सड़कों पर 100 इलेक्ट्रिक बसें कब दौड़ेंगी, इसकी कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं हो सकी है। डिपो निर्माण पूरा होने के बाद ही ई-बस सेवा को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। तब तक राजधानीवासियों को ई-बस के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
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दो डिपो, 25 करोड़ का प्रोजेक्ट
भोपाल में ई-बस सेवा के लिए कस्तूरबा नगर और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में दो अत्याधुनिक डिपो विकसित किए जा रहे हैं। इन डिपो में हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशन, ट्रांसफॉर्मर, मेंटेनेंस वर्कशॉप और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत शहर में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जानी हैं, जिससे यात्रियों को प्रदूषण-मुक्त और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके। यह परियोजना केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत लागू की जा रही है।
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बैरागढ़ डिपो आधा तैयार, कस्तूरबा नगर में काम शुरू भी नहीं
जानकारी के अनुसार, संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्थित डिपो का निर्माण कार्य आधे से अधिक पूरा हो चुका है। यहां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं का काम प्रगति पर है। इसके उलट कस्तूरबा नगर में प्रस्तावित ई-बस डिपो का निर्माण कार्य अभी तक शुरू ही नहीं हो पाया है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की टाइमलाइन प्रभावित हो रही है। इस काम को देख रहे निगम के इंजीनियर प्रमोद मालवीय ने बताया कि एक डिपो कंपलीट होने पर अप्रैल-मई तक करीब 50 बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बना सबसे बड़ी बाधा
ई-बसों के संचालन के लिए भारी क्षमता वाले चार्जिंग पॉइंट और तकनीकी मेंटेनेंस व्यवस्था अनिवार्य है। जब तक दोनों डिपो पूरी तरह तैयार नहीं होते, तब तक 100 ई-बसों को सड़कों पर उतारना संभव नहीं है। यही कारण है कि ई-बस सेवा की लॉन्चिंग टलती जा रही है।
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पर्यावरण-मित्र परिवहन पर ब्रेक
ई-बसों को डीजल बसों के विकल्प के रूप में लाकर शहर में प्रदूषण और शोर कम करने की योजना थी। लेकिन डिपो निर्माण की धीमी रफ्तार ने इस ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। इससे यात्रियों को आधुनिक सुविधा मिलने में भी देरी हो रही है।
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अधिकारियों का दावा- जल्द पूरा होगा काम
परिवहन विभाग और नगर निगम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि डिपो निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है और आने वाले महीनों में दोनों डिपो तैयार कर लिए जाएंगे। इसके बाद ई-बसों के ट्रायल रन और संचालन की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल भोपाल की सड़कों पर 100 इलेक्ट्रिक बसें कब दौड़ेंगी, इसकी कोई स्पष्ट समय-सीमा तय नहीं हो सकी है। डिपो निर्माण पूरा होने के बाद ही ई-बस सेवा को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। तब तक राजधानीवासियों को ई-बस के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
