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Bhopal News: श्री जगन्नाथ रथयात्रा में युद्धरत यूक्रेन और रशिया के भक्तों ने साथ मिलकर किया हरिनाम का कीर्तन

Sat, 24 Jun 2023 11:03 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 24 Jun 2023 11:03 PM IST
सार

इस्कॉन मंदिर द्वारा  भोपाल टॉकिज से शुरू रथयात्रा का समापन 10 किमी दूर प्लैटिनम प्लाजा पर संध्या आरती के साथ हुआ। इस यात्रा में यूक्रेन, रशिया, नीदरलैंड समेत अन्य देशों के भक्त भी शामिल हुए। 
 

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Bhopal News: Devotees of warring Ukraine and Russia chanted Harinam together in Shri Jagannath Rath Yatra
भोपाल में श्री जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य आयोजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस्कॉन मंदिर द्वारा भोपाल में शनिवार को श्री जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। भोपाल टॉकिज से शुरू हुई रथयात्रा का समापन 10 किमी दूर प्लैटिनम प्लाजा पर संध्या आरती के साथ हुआ। यात्रा में यूक्रेन और रशिया से आए भक्तों ने साथ में मिलकर हरिनाम का कीर्तन किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह संदेश दिया कि कृष्ण भावनामृत के पालन से समग्र विश्व में शांति मिल सकती है।
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श्री जगन्नाथ रथयात्रा शाम 4 बजे भोपाल टॉकिज चौराहा से प्रारंभ हुई। भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा माता रथ में विराजमान थे। रथ सुंदर सुगंधित पुष्प द्वारा सजाया गया था। यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। हजारों श्रद्धालु ने अत्यंत हर्ष के साथ इस रथ को खींचा। रथयात्रा में नीदरलैंड से आचार्य दास, अमीय आत्मदास, रशिया से अद्वैत दास और यूक्रेन से मुरारी दास भी शामिल होने पहुंचे। उनके साथ और भी भक्त पहुंचे। सभी ने साथ में मिलकर हरिनाम का कीर्तन किया। रथयात्रा का समापन प्लैटिनम प्लाजा पर संध्या आरती के साथ हुआ। यात्रा का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान भगवत गीता समेत अन्य ग्रंथों का वितरण जन साधारण में अध्यात्मिक चेतना जागरूक करने के लिए किया गया। साथ ही प्रसाद का वितरण किया गया।
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इस्कॉन के वरिष्ठ भक्त अच्युत कृष्ण प्रभु ने बताया रथयात्रा एक मात्र ऐसा उत्सव है, जहां मंदिर के मूल अर्च विग्रह, भक्तों को दर्शन देने हेतु बाहर आते हैं। यह परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है। पद्मपुराण, स्कंध पुराण और अन्य प्रमाणिक ग्रंथों में इसके उल्लेख मिलते हैं। प्रभुजी ने बताया इस्कॉन द्वारा पूरे विश्व में प्रति वर्ष 600 से भी ज्यादा शहरों में रथयात्रा उत्सव मनाया जाता है। सन् 1967 में इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद जी द्वारा भारत के बाहर अमेरिका के सैनफ्रांसिस्को शहर में पहली बार रथयात्रा उत्सव मनाया गया था।
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