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Bhopal News: हार्ट मरीजों को बड़ी राहत, एम्स में मिलेगा सस्ता और आधुनिक इलाज, मिली 3 करोड़ की सीएसआर सहायता
Tue, 03 Feb 2026 06:44 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 03 Feb 2026 06:44 PM IST
सार
एम्स भोपाल को आईसीआईसीआई फाउंडेशन से मिली 3 करोड़ रुपये की सीएसआर सहायता से हृदय रोग उपचार सुविधाएं मजबूत होंगी। इससे मरीजों को एम्स में ही तेज, सुलभ और किफायती कार्डियक इलाज मिलेगा और उन्हें निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हृदय रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए एम्स भोपाल से बड़ी राहत की खबर है। एम्स भोपाल और आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के बीच हुए समझौते के बाद अब हार्ट मरीजों को तेज, सुलभ और बेहतर गुणवत्ता वाला इलाज मिल सकेगा। आईसीआईसीआई फ़ाउंडेशन द्वारा दी जा रही 3 करोड़ रुपये की सीएसआर सहायता सीधे तौर पर मरीज सुविधाओं को मजबूत करने में उपयोग की जाएगी।
सटीक इलाज और बेहतर परिणाम
इस सहयोग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हृदय रोगियों को जांच और इलाज के लिए बाहर के महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एम्स भोपाल में ही अत्याधुनिक कार्डियक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे समय पर जांच, सटीक इलाज और बेहतर परिणाम सुनिश्चित हो सकेंगे।
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यह भी पढ़ें-एक माह बाद भी जांच ठप, SIT कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी, आरोप-महापौर और अफसरों को बचाया जा रहा
नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार
मरीजों को अब हृदय रोग से जुड़ी जटिल जांचों और उपचार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई सुविधाओं से इलाज की गति तेज होगी, इलाज में होने वाली देरी कम होगी और गंभीर मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने बताया कि संस्थान में अब तक तीन सफल हृदय प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं और सीएसआर सहयोग से कार्डियक केयर को और सशक्त बनाया जाएगा। इसका सीधा लाभ आम और जरूरतमंद मरीजों को मिलेगा, जिन्हें किफायती और उच्चस्तरीय उपचार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सहयोग से हार्ट मरीजों की जांच और उपचार की क्षमता बढ़ेगी इलाज का खर्च कम होगा गंभीर मरीजों को समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिलेगी
यह भी पढ़ें-कांग्रेस का आरोप, फॉर्म‑7 का दुरुपयोग, मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिश, थाने में शिकायत दर्ज
दूर-दराज से आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी
कार्यक्रम में एम्स भोपाल और आईसीआईसीआई फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे और सभी ने इस पहल को जनस्वास्थ्य के लिए मील का पत्थर बताया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल मध्य प्रदेश में हृदय रोग उपचार की तस्वीर बदल सकती है और हजारों मरीजों के जीवन को बेहतर दिशा देगी।
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सटीक इलाज और बेहतर परिणाम
इस सहयोग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हृदय रोगियों को जांच और इलाज के लिए बाहर के महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। एम्स भोपाल में ही अत्याधुनिक कार्डियक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे समय पर जांच, सटीक इलाज और बेहतर परिणाम सुनिश्चित हो सकेंगे।
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नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार
मरीजों को अब हृदय रोग से जुड़ी जटिल जांचों और उपचार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई सुविधाओं से इलाज की गति तेज होगी, इलाज में होने वाली देरी कम होगी और गंभीर मरीजों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने बताया कि संस्थान में अब तक तीन सफल हृदय प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं और सीएसआर सहयोग से कार्डियक केयर को और सशक्त बनाया जाएगा। इसका सीधा लाभ आम और जरूरतमंद मरीजों को मिलेगा, जिन्हें किफायती और उच्चस्तरीय उपचार की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सहयोग से हार्ट मरीजों की जांच और उपचार की क्षमता बढ़ेगी इलाज का खर्च कम होगा गंभीर मरीजों को समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिलेगी
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दूर-दराज से आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी
कार्यक्रम में एम्स भोपाल और आईसीआईसीआई फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे और सभी ने इस पहल को जनस्वास्थ्य के लिए मील का पत्थर बताया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल मध्य प्रदेश में हृदय रोग उपचार की तस्वीर बदल सकती है और हजारों मरीजों के जीवन को बेहतर दिशा देगी।
