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मध्यप्रदेश : भोपाल नगर निगम चुनाव से पहले बकाया टैक्स और बिल भरने में लगे स्थानीय नेता
Sun, 14 Feb 2021 03:36 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 14 Feb 2021 03:36 PM IST
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नगर निगम चुनाव
- फोटो : सोशल मीडिया
भोपाल में आम-आदमी के साथ-साथ स्थानीय नेता भी नगर निगम के दफ्तरों में टैक्स जमा करने और बकाया राशि पूछने के लिए चक्कर काट रहे हैं। अगले महीने के पहले हफ्ते में महापौर से लेकर पार्षद तक के चुनावों की घोषणा होनी है और इच्छुक उम्मीदवारों ने नामांकन जमा करने के लिए कागजात जुटाने शुरू कर दिए हैं।
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ये चुनाव लड़ने के लिए संपत्ति कर, पानी का बिल, बिजली का बिल जैसी पूरी राशि जमा करना जरूरी है। इसके अलावा वार्ड कार्यालय और बिजली दफ्तर समेत दूसरे सरकारी कार्यालयों की एनओसी नामांकन के साथ जमा करनी है। अगले महीने से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद स्थानीय नेताओं को समय नहीं मिलेगा, इसलिए मजबूत दावेदारों ने अपनी तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। बता दें कि सरकारी बंगलों और मकानों में रहने वाले दावेदार भी टैक्स के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। नगर निगम इन बंगलों से 360 रुपये सालाना स्वच्छता कर और 180 रुपये महीना पानी का बिल लेता है।
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इसके अलावा पार्षद पद के प्रत्याशियों को इस बार चुनाव खर्च का ब्यौरा भी देना होगा। अब तक केवल महापौर के प्रत्याशियों को ही ये ब्यौरा देना होता था। भोपाल में पार्षद पद के उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा आठ लाख 75 हजार रुपये तय की गई है।
हालांकि पूर्व पार्षदों ने उसी समय टैक्स जमा करके एनओसी ले ली थी। पिछली बार वार्ड नंबर 56 से पार्षद रहे पूर्व एमओसी सदस्य केवल मिश्रा इस बार वार्ड 54 और 555 से दावेदारी कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सारे टैक्स जमा करके कागजात तैयार कर लिए।
कोलार नगरपालिका के नगर निगम में विलय को चुनौती देने वाली याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता अमिताभ अग्निहोत्री का कहना है कि उनकी याचिका के साथ सांची (रायसेन), लिधौरा (टीकमगढ़) और धनपुरी (शहडौल) की याचिकाओं को भी जोड़ दिया गया है। अब इन चारों मामलों पर एक साथ सुनवाई होगी।
