{"_id":"682752bf67aa5732d4073fe7","slug":"bhopal-mp-alok-sharma-demanded-construction-of-helipad-in-aiims-campus-wrote-a-letter-to-union-health-minist-2025-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal: सांसद आलोक शर्मा ने की एम्स परिसर में हैलीपेड बनाने की मांग, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal: सांसद आलोक शर्मा ने की एम्स परिसर में हैलीपेड बनाने की मांग, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
Fri, 16 May 2025 08:32 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 16 May 2025 08:32 PM IST
सार
सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल एम्स परिसर में हैलीपेड बनाने की मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से की है। दिल्ली में एम्स की स्टेंडिंग फाइनान्स कमेटी की बैठक में चेयरपर्सन पुण्य सलिला श्रीवास्तव को सांसद शर्मा ने पत्र दिया है।
विज्ञापन
भोपाल सांसद आलोक शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल एम्स परिसर में हैलीपेड बनाने की मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से की है। दिल्ली में एम्स की स्टेंडिंग फाइनान्स कमेटी की बैठक में चेयरपर्सन पुण्य सलिला श्रीवास्तव को सांसद शर्मा ने एक पत्र दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पताल मध्यभारत प्रान्त का सबसे बड़ा अस्पताल है एवं एम्स भोपाल मानव आर्गन्स के ट्रांसप्लांट का एक प्रमुख केंद्र भी है।
लगभग 30 किमी की दूरी
भोपाल एयरपोर्ट से पूरा शहर पार करके एम्स अस्पताल तक पहुंचने में लगभग 30 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। साथ ही ग्रीन कोरीडोर बनाने पर भी लगभग आधा घंटा से भी अधिक का समय लगता है। आर्गन्स को ट्रांसप्लांट योग्य बनाए रखने के लिए यह अवधि बहुत अधिक है। इसके लिए सांसद शर्मा ने एम्स परिसर में ही, पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत हैलीपेड बनाए जाने का सुझाव दिया है। उन्होंने इस आशय का पत्र केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को भी लिखा है।
यह भी पढ़ें-मंत्री के बाद अब डिप्टी CM के बयान पर बवाल, नेता प्रतिपक्ष बोले- देवड़ा ने पूरी सेना का किया अपमान
विज्ञापन
ऑर्गन्स ट्रांसप्लांट में बचेगा समय
सांसद शर्मा ने कहा कि एम्स परिसर में जहां हैलीपेड बनने पर ऑर्गन्स ट्रांसप्लांट के ऑर्गन्स की आपूर्ति समय पर हो सकेगी, वहीं इस सुविधा के विस्तार से ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकेगी। बता दें कि सांसद शर्मा एम्स भोपाल की स्टेंडिंग फाइनान्स कमेटी के सदस्य हैं। एसएफसी की बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे थे। इस बैठक में भोपाल एम्स में 200 बिस्तरों वाला अपेक्स ऑन्कोलॉजी सेंटर और 300 बिस्तरों का एपेक्स ट्रामा लेवल वन के प्रस्ताव को वित्त विभाग की अनुमति के लिए भेजने पर सहमति हुई है।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 2 अगस्त को सांसद शर्मा ने ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा जी को ये दोनों प्रस्ताव दिए थे।
विज्ञापन
लगभग 30 किमी की दूरी
भोपाल एयरपोर्ट से पूरा शहर पार करके एम्स अस्पताल तक पहुंचने में लगभग 30 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। साथ ही ग्रीन कोरीडोर बनाने पर भी लगभग आधा घंटा से भी अधिक का समय लगता है। आर्गन्स को ट्रांसप्लांट योग्य बनाए रखने के लिए यह अवधि बहुत अधिक है। इसके लिए सांसद शर्मा ने एम्स परिसर में ही, पीएम गतिशक्ति योजना के अंतर्गत हैलीपेड बनाए जाने का सुझाव दिया है। उन्होंने इस आशय का पत्र केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा को भी लिखा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-मंत्री के बाद अब डिप्टी CM के बयान पर बवाल, नेता प्रतिपक्ष बोले- देवड़ा ने पूरी सेना का किया अपमान
विज्ञापन
ऑर्गन्स ट्रांसप्लांट में बचेगा समय
सांसद शर्मा ने कहा कि एम्स परिसर में जहां हैलीपेड बनने पर ऑर्गन्स ट्रांसप्लांट के ऑर्गन्स की आपूर्ति समय पर हो सकेगी, वहीं इस सुविधा के विस्तार से ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सकेगी। बता दें कि सांसद शर्मा एम्स भोपाल की स्टेंडिंग फाइनान्स कमेटी के सदस्य हैं। एसएफसी की बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंचे थे। इस बैठक में भोपाल एम्स में 200 बिस्तरों वाला अपेक्स ऑन्कोलॉजी सेंटर और 300 बिस्तरों का एपेक्स ट्रामा लेवल वन के प्रस्ताव को वित्त विभाग की अनुमति के लिए भेजने पर सहमति हुई है।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 2 अगस्त को सांसद शर्मा ने ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा जी को ये दोनों प्रस्ताव दिए थे।
