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Bhopal:मीनाक्षी नटराजन का सरकार पर तंज,कहा- संवैधानिक संस्थाओं पड़ रहा लड़ना,सत्ताधारी दलों की टूल हुईं संस्थाएं

Sat, 14 Dec 2024 06:09 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sat, 14 Dec 2024 06:09 PM IST
सार

कांग्रेस की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन भोपाल में कहा कि देश के विपक्ष को सिर्फ सत्ताधारी दल से नहीं लड़ना पड़ रहा है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं से भी लड़ना पड़ रहा है। ये संस्थाएं सत्ताधारी दलों की टूल हो गई हैं। विपक्ष को इनसे भी जूझना पड़ रहा है।

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Bhopal: Meenakshi Natrajan took a dig at the government, said- constitutional institutions are having to fight
कांग्रेस की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन राजधानी भोपाल पीसीसी में आयोजित प्रेस वार्ता में बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला और उन्होंने सरकार पर वादे पूरे नहीं करने का भी आरोप लगाया। नटराजन ने कहा कि देश के विपक्ष को सिर्फ सत्ताधारी दल से नहीं लड़ना पड़ रहा है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं से भी लड़ना पड़ रहा है। ये संस्थाएं सत्ताधारी दलों की टूल हो गई हैं। विपक्ष को इनसे भी जूझना पड़ रहा है। नटराजन ने मनोज परमार आत्महत्या कांड को लेकर कहा कि, कुछ बच्चे गुल्लक में पैसा एकत्र करते हैं और विपक्ष के नेता को भारत जोड़ो यात्रा में जाकर देते हैं। इस मामले में जो कुछ सामने आया है, वह दुखद है। उन्होंने कहा कि पिछले समय में जिस तरह से स्वायत्तशासी संस्थाओं को टूल के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। वह भी सामने आया है। मामले में सुसाइड नोट में यह बात सामने आई है। उन्हें धमकी दी जाती है कि एक दल ज्वॉइन कीजिए। विपक्ष के नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री भी हो जाएंगे तो भी उनकी धाराएं कम नहीं होंगी। इस तरह की धमकी भरी बातों ने कई सवाल खड़े किए हैं।
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यह भारतीय राजनीति के इतिहास में पहली
नटराजन ने कहा कि जिस तरह से एक राजनीतिक पार्टी के लीडर के प्रति प्रेम और विश्वास की वजह से टॉर्चर किया गया है। यह भारतीय राजनीति के इतिहास में पहली घटना है। सुसाइड नोट में जिस बात का जिक्र है, वह टॉर्चर करने वाला है। नटराजन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि जिस तरह से हाथरस की घटना, निर्भया की घटना के मामले में राहुल गांधी ने सहयोग की भावना रखी है। उस तरह आष्टा की घटना के मामले में भी वे ध्यान देंगे। राहुल गांधी संसद के बाद आज शाम तक इस मामले में कुछ फैसला कर सकते हैं।
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देश में बहस की परम्परा नष्ट की जा रही
नटराजन ने कहा कि देश में बहस की परम्परा रही है, जिसे नष्ट करने की कोशिश देश और प्रदेश के स्तर पर हो रही है। संसद में संविधान को लेकर जब बात हो रही है तब प्रदेश में अलग-अलग स्वायत्तसेवी संस्थाओं का इस्तेमाल सत्तारूढ़ दल विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए, आम लोगों की आवाज को दबाने के लिए कर रही है।नटराजन ने कहा कि वायदा किया गया था कि किसानों की आय दोगुनी होगी। गेहूं और धान पर समर्थन मूल्य पर खरीदी की कीमत बढ़ाने की बात कही गई, लेकिन कुछ नहीं दिया जा रहा। मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि देश में शिशु मृत्यु दरका औसत 32 है, लेकिन एमपी में यह 48 है। प्रदेश में अजा-अजजा के साथ हुए अत्याचार के आंकड़े मानवाधिकार हनन से जुड़े हैं। आदिवासी उत्पीड़न की सबसे अधिक घटनाएं अकेले मध्यप्रदेश मे हुई हैं। लाड़ली बहना योजना में 3000 रुपए महीना देने की बात कही गई थी जो नहीं दी जा रही है।
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