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Bhopal: MPPSC चयन प्रक्रिया को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने खड़े किए सवाल, पूछा-चयन में पारदर्शिता क्यों नहीं?
Sun, 19 Jan 2025 07:16 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 19 Jan 2025 07:16 PM IST
सार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एमपीपीएससी की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सरकार से सवाल पूछे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। सिंघार ने कहा कि आयोग की भूमिका छात्रों के हित में होनी चाहिए।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल खड़े किए हैं। उमंग सिंघार ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चयन प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा है । सिंघार ने कहा कि आयोग की भूमिका छात्रों के हित में होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान समय में उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इंटरव्यू में रिकॉर्डिंग की मांग
उमंग सिंघार ने MPPSC की चयन प्रक्रिया को लेकर कहा कि परीक्षा समय पर आयोजित नहीं होती हैं और छात्रों का भविष्य अंधेरे में लटक जाता है। उमंग सिंघार ने इंटरव्यू के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिकॉर्डिंग की मांग भी की है। सिंघार ने कहा कि पारदर्शिता क्यों नहीं?
सरकार बच्चों के साथ कर रही भेदभाव
सिंघार ने कहा कि MPPSC में करीब तीन से चार लाख छात्र परीक्षा देते हैं, लेकिन उनकी परीक्षाएं समय पर नहीं होती हैं। उन छात्रों को उनकी कॉपियां नहीं दिखाई जाती हैं। सरकार बच्चों के साथ भेदभाव कर रही है। सरकार को अब बच्चों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। अगर छात्र अपनी कॉपी देखना चाहते हैं, तो उन्हें दिखाना चाहिए कि उन्हें कितने अंक मिले हैं। पारदर्शिता सरकार को रखनी चाहिए। उमंग सिंघार ने चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता नहीं दी जाती है। इंटरव्यू प्रक्रिया में रिकॉर्डिंग की जानी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
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चयन प्रक्रिया में हो सुधार
सिंघार ने कहा कि एमपीपीएससी की इन कमियों को सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है। छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ के लिए कौन जिम्मेदार है? जल्द ही सरकार को इसका समाधान निकालना चाहिए। छात्रों की मांगें मानी जानी चाहिए। चयन प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए और परीक्षा के समय को लेकर भी सरकार को सख्ती बरतनी चाहिए। इसके साथ ही, इंटरव्यू में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी तकनीकी साधनों का उपयोग सरकार को करना चाहिए।
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इंटरव्यू में रिकॉर्डिंग की मांग
उमंग सिंघार ने MPPSC की चयन प्रक्रिया को लेकर कहा कि परीक्षा समय पर आयोजित नहीं होती हैं और छात्रों का भविष्य अंधेरे में लटक जाता है। उमंग सिंघार ने इंटरव्यू के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रिकॉर्डिंग की मांग भी की है। सिंघार ने कहा कि पारदर्शिता क्यों नहीं?
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सरकार बच्चों के साथ कर रही भेदभाव
सिंघार ने कहा कि MPPSC में करीब तीन से चार लाख छात्र परीक्षा देते हैं, लेकिन उनकी परीक्षाएं समय पर नहीं होती हैं। उन छात्रों को उनकी कॉपियां नहीं दिखाई जाती हैं। सरकार बच्चों के साथ भेदभाव कर रही है। सरकार को अब बच्चों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। अगर छात्र अपनी कॉपी देखना चाहते हैं, तो उन्हें दिखाना चाहिए कि उन्हें कितने अंक मिले हैं। पारदर्शिता सरकार को रखनी चाहिए। उमंग सिंघार ने चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता नहीं दी जाती है। इंटरव्यू प्रक्रिया में रिकॉर्डिंग की जानी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
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चयन प्रक्रिया में हो सुधार
सिंघार ने कहा कि एमपीपीएससी की इन कमियों को सरकार लगातार नजरअंदाज कर रही है। छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ के लिए कौन जिम्मेदार है? जल्द ही सरकार को इसका समाधान निकालना चाहिए। छात्रों की मांगें मानी जानी चाहिए। चयन प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए और परीक्षा के समय को लेकर भी सरकार को सख्ती बरतनी चाहिए। इसके साथ ही, इंटरव्यू में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी तकनीकी साधनों का उपयोग सरकार को करना चाहिए।
