फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Bhopal: Khushi Lal Ayurveda Hospital increased normal deliveries by 20% in a natural way, preparations to buil

Bhopal: खुशी लाल आयुर्वेद अस्पताल में गर्भ संस्कार से 20 फीसदी बढ़े सामान्य प्रसव,वेलनेस कॉटेज बनाने की तैयारी

Sat, 07 Jun 2025 04:10 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sat, 07 Jun 2025 04:10 PM IST
सार

पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज में समान्य प्रवस को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते एक साल में इसमें करीब 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं दूसरी तरफ कलियासोत डैम के किनारे मॉडर्न वेलनेस कॉटेज बनाने की तैयारी की जा रही है। 

विज्ञापन
Bhopal: Khushi Lal Ayurveda Hospital increased normal deliveries by 20% in a natural way, preparations to buil
पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद संस्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आज के समय में सिजेरियन डिलेवरी आम बात हो गई है। अधिकतर अस्पतालों में नॉरमल डिलेवरी पर जोर नहीं दिया जाता है। वहीं दूसरी तरफ राजधानी भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज में समान्य प्रवस को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते एक साल में इसमें करीब 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।इसके लिए गर्भ संस्कार प्रोग्राम चलाया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं के लिए चलाए जा रहे इस प्रोग्राम में गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को संतुलित आहार, व्यायाम के साथ आध्यात्म की जानकारी दी जाती है। वहीं दूसरी तरफ पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक कॉलेज कलियासोत डैम के किनारे मॉडर्न वेलनेस कॉटेज बनाने की तैयारी की जा रही है। ये कॉटेज न सिर्फ पहाड़ी, डैम और जंगल के मनोरम नजारों के साथ पंचकर्म और बॉडी डिटॉक्स (शरीर की अंदरूनी सफाई) की सुविधा देंगे, बल्कि परिवारों को एक साथ पारंपरिक छुट्टियों को वेलनेस वेकेशन में बदलने का अवसर भी देगा।
विज्ञापन




नॉर्मल डिलीवरी को 40 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य
आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उमेश शुक्ला ने बताया कि अब कॉलेज का लक्ष्य है कि इस प्रोग्राम की मदद से नॉर्मल डिलीवरी की दर को 40 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सके। गर्भसंस्कार का मकसद गर्भ में पल रहे शिशु को जन्म से पहले ही अच्छे संस्कार देना है।
विज्ञापन


दो गांवों में भी विशेष प्रोजेक्ट शुरू किए
डॉ. शुक्ला ने बताया कि कॉलेज ने आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए दो गांवों में भी विशेष प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। कालापानी और सूखी सेवानिया गांव को आयुष ग्राम के तहत चुना गया है, जहां घर-घर सर्वे कर आयुष कार्ड बनाए गए हैं। यहां लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है। संस्थान के विशेषज्ञों ने राजधानी भोपाल के 72 स्कूलों में एक खास कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स के जरिए बच्चों को समझाया जा रहा है कि ऐसे कौन से पौधे हैं जो दवा के तौर पर काम आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-भोपाल में ईद-उल-अजहा पर हजारों लोगों ने नमाज अदा की, मुल्क और फिलिस्तीन के लिए की दुआ


राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रस्ताव तैयार
डॉ. शुक्ला ने बताया कि वेलनेस कॉटेज को राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ये कॉटेज मौजूदा सेंटर के ठीक नीचे पहाड़ी पर तैयार होंगे, जिससे एक एकीकृत वेलनेस हब बन सकेगा। इन कॉटेज की डिजाइन और लोकेशन को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही आर्किटेक्ट की एक विशेष टीम बुलाई जाएगी।

यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश के 20 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 9 जून से ग्वालियर-चंबल में लू चलने की संभावना


प्रदेश में 12 नए आयुष वेलनेस सेंटर बनाने की तैयारी
आयुष विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खुशीलाल कॉलेज के पंचकर्म एंड वेलनेस सेंटर की सफलता को देखते हुए, प्रदेशभर में 12 नए आयुष वेलनेस सेंटर तैयार किए जाएंगे। इनमें से 10 सेंटर 10-10 बेड के होंगे और इन पर कुल 125 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन सेंटरों को खास तौर पर उन्हीं क्षेत्रों में बनाया जाएगा जहां पर्यटकों की संख्या ज्यादा होती है। इससे मेडिकल टूरिज्म को और बढ़ावा मिलेगा। उज्जैन और खजुराहो जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 50-50 बेड के बड़े सेंटर 15-15 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed