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Bhopal: स्वास्थ्य विभाग की धीमी गति से चल रही भर्ती प्रक्रिया, एसईबी ने एक साल में केवल एक परीक्षा की आयोजित
Wed, 11 Jun 2025 06:53 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 11 Jun 2025 06:53 PM IST
सार
एक साल पहले 11 जून को कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग में 46 हजार 491 पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, बुधवार को 1 साल पूरा हो गया लेकिन अभी तक केवल एक भर्ती की परीक्षा हो पाई है।
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कर्मचारी चयन मंडल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक साल पहले 11 जून को कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग में 46 हजार 491 पदों पर भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, बुधवार को 1 साल पूरा हो गया लेकिन अभी तक केवल एक भर्ती की परीक्षा हो पाई है। जबिक 3 साल के भीतर भर्ती पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि डिप्टी सीएम स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला हर15 दिन में विभागीय समीक्षा में अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया के संबंध में निर्देश देते हैं। कर्मचारी चयन मंडल (एसईबी) ने फरवरी में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ के 2267 पदों पर भर्ती के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद अभी तक कोई परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। जबिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया तय समय में पूरी कर ली जाएगी। इस पर जोरों से काम चल रहा है।
तीन साल में पूरी होनी है भर्ती
अस्पतालों में कर्मचारियों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में 46 हजार 491 नए पदों का सृजन कर उन पर भर्ती के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दी थी। प्रस्ताव के अनुसार अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ, तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती की जानी है। कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया था कि इनमें से 18,653 पदों की पूर्ति 3 वर्ष में की जाएगी। शेष 27,828 पदों की पूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से होगी। इसके अलावा कैबिनेट में विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पड़े 1214 पदों में से 607 पद सीधी भर्ती से भरने और शेष पद मप्र लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरने का निर्णय लिया गया था। कर्मचारी चयन मंडल ने फरवरी में नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के 2267 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के लिए अन्य कोई परीक्षा नहीं हुई।
यह भी पढ़ें-CM डॉ. यादव बोले- प्रदेश में बनेंगे नए वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर, हर संभाग में होगी आधुनिक सुविधाएं
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प्रदेश अस्पतालों स्टाफ की भारी कमी
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्टॉफ की भारी कमी है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन स्टाफ नहीं बढ़ पा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या के अनुपात में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ नहीं होने से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। इससे कई बार मरीजों को मजबूरी में प्रायवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है। विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अस्तपालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते रहते हैं।
यह भी पढ़ें- सड़क पर भिखारी को देख भड़के भोपाल कलेक्टर, सख्त कार्रवाई के निर्देश,कई कार्यालयों का किया औचक निरीक्षण
46491 पदों की कैडरवार रिक्तियां
पद रिक्तियां
मेडिकल ऑफिसर 518
स्पेशिएलिस्ट 854
नर्सिंग ऑफिसर 4423
लैब टेक्निशियन 894
फिजियोथैरेपिस्ट 85
ओटी टेक्निशियन 626
काउंसलर 51
हॉस्पिटल मैनेजर 33
हॉस्पिटल सुपरिंटेंडेंट 45
ग्रुप डी वर्कर 16985
एएनएम 9366
एलएचवी 165
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर 10179
कम्प्यूटर ऑपरेटर 336
हॉस्पिटल असिस्टेंट 114
वैक्सीन लॉजिस्टिक असिस्टेंट 1705
तय समय में होंगी सभी परीक्षाएं
एसईबी के डायरेक्टर संकेत मालवीय ने बताया कि सभी विभाग के लिए होने वाली परीक्षाएं तय समय पर की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग की अभी केवल एक परीक्षा आयोजित की गई है। दूसरी परीक्षाएं भी जल्द ही आयोजित की जाएंगी।
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तीन साल में पूरी होनी है भर्ती
अस्पतालों में कर्मचारियों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी पूरी करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में 46 हजार 491 नए पदों का सृजन कर उन पर भर्ती के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दी थी। प्रस्ताव के अनुसार अस्पतालों में पैरामेडिकल स्टाफ, तृतीय श्रेणी और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती की जानी है। कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया था कि इनमें से 18,653 पदों की पूर्ति 3 वर्ष में की जाएगी। शेष 27,828 पदों की पूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से होगी। इसके अलावा कैबिनेट में विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पड़े 1214 पदों में से 607 पद सीधी भर्ती से भरने और शेष पद मप्र लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरने का निर्णय लिया गया था। कर्मचारी चयन मंडल ने फरवरी में नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के 2267 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में भर्ती के लिए अन्य कोई परीक्षा नहीं हुई।
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प्रदेश अस्पतालों स्टाफ की भारी कमी
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्टॉफ की भारी कमी है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन स्टाफ नहीं बढ़ पा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या के अनुपात में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ नहीं होने से मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। इससे कई बार मरीजों को मजबूरी में प्रायवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है। विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अस्तपालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते रहते हैं।
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46491 पदों की कैडरवार रिक्तियां
पद रिक्तियां
मेडिकल ऑफिसर 518
स्पेशिएलिस्ट 854
नर्सिंग ऑफिसर 4423
लैब टेक्निशियन 894
फिजियोथैरेपिस्ट 85
ओटी टेक्निशियन 626
काउंसलर 51
हॉस्पिटल मैनेजर 33
हॉस्पिटल सुपरिंटेंडेंट 45
ग्रुप डी वर्कर 16985
एएनएम 9366
एलएचवी 165
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर 10179
कम्प्यूटर ऑपरेटर 336
हॉस्पिटल असिस्टेंट 114
वैक्सीन लॉजिस्टिक असिस्टेंट 1705
तय समय में होंगी सभी परीक्षाएं
एसईबी के डायरेक्टर संकेत मालवीय ने बताया कि सभी विभाग के लिए होने वाली परीक्षाएं तय समय पर की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग की अभी केवल एक परीक्षा आयोजित की गई है। दूसरी परीक्षाएं भी जल्द ही आयोजित की जाएंगी।
