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Bhopal: लड़ाई-झगड़े, प्रताड़ना पर जाहिलों का एकाधिकार नहीं; शिक्षित परिवार ने छोड़ा सबको पीछे
Sun, 28 Apr 2024 10:41 AM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 28 Apr 2024 10:41 AM IST
सार
उर्वशी का पति बेहतर जॉब और ऊंची कमाई के बावजूद पत्नी की सैलरी पर रखता था। हर दिन के होने वाले कलेश के चलते उर्वशी अपनी एक वर्षीय बेटी को लेकर अपने पिता के घर भोपाल लौट आई। अब वह न्याय के लिए महिला थाना, परामर्श केंद्र के चक्कर लगा रही है।
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भोपाल का महिला थाना
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
आमतौर पर घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना जैसे मामलों से अशिक्षित, मजदूर वर्ग या झुग्गी बस्तियों के लोगों को जोड़कर देखा जाता है, लेकिन राजधानी के एक संभ्रांत, शिक्षित और संपन्न परिवार ने भी मर्यादाएं तोड़ने में कुछ कसर बाकी नहीं रखी। पति और सास मिलकर बहु के लिए हर दिन जुल्म की नई दास्तां लिखने पर उतारू हैं। अपना घर बसा चुकी ननद को भी भाभी के लिए मुश्किलें खड़ी करना एक शगल बन गया है। उसका शिक्षित पति भी इस काम में उसका सहभागी बना हुआ है।
मामला राजधानी के महिला थाने में दर्ज कराया गया है। पीड़िता उर्वशी सक्सेना को उम्मीद थी कि यहां परामर्श और समझाइश के जरिए उसका टूटता परिवार बच जाएगा, लेकिन एक शासकीय महाविद्यालय की सेवा कर रही सास संगीता सक्सेना और एक निजी कंपनी का मैनेजर पति संदल सक्सेना पर शिकायत भी बेअसर रही और परामर्श केंद्र की समझाइश भी बेकार ही गई। ननद सरगम सक्सेना और नंदोई निनाद भागवत आज भी अपने जाहिलाना व्यवहार के लिए शर्मिंदा नहीं हैं। दहेज में 25 लाख रुपए नगद, घर में बैठकर शराबखोरी करने की इजाजत और नशे की हालत में नौकरी पेशा बीवी को शारीरिक और मानसिक त्रास पहुंचाने पर आमादा इन लोगों के खिलाफ अब 498ए, 34, भादवि की धारा 3/4 के तहत मामला कायम किया गया है।
पांच साल भी न चल पाया रिश्ता
जिस संदल सक्सेना ने वर्ष 2019 में उर्वशी के साथ सात फेरे लेकर जनम जनम साथ निभाने की कसमें खाई थीं, लालच, बुरी आदतों और पैसों के लिए खराब नीयत के चलते 5 साल भी यह रिश्ता नहीं निभाया।
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मुंबई से होते पहुंचे बंगलौर, बढ़ता गया कलेश
उर्वशी ने अपने आवेदन में कहा है कि पति संदल ई कॉमर्स कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उनकी जॉब पहले मुंबई में थी, वहां से ट्रांसफर होकर वे बंगलौर चले गए। बैंगलोर में ही ननद सरगम और नंदोई निनाद भी रहते हैं। यह दोनों अक्सर उनके घर आते और तीनों मिलकर साथ में शराब पीने के बाद उर्वशी के साथ गाली गलौज और मारपीट करते थे।
सास की लालच भरी नजर
उर्वशी ने बताया कि उसकी सास संगीता एक शासकीय महाविद्यालय में सेवारत हैं। लेकिन शिक्षित होने के बावजूद उनका व्यवहार हमेशा गंवार लोगों की तरह रहा। दहेज के लिए प्रताड़ित करना और लालच में उर्वशी के पर्स से सोने के गहने निकाल लेने जैसे अपराध भी उन्होंने किए हैं।
अब रह रही अकेली
उर्वशी का पति बेहतर जॉब और ऊंची कमाई के बावजूद पत्नी की सैलरी पर रखता था। हर दिन के होने वाले कलेश के चलते उर्वशी अपनी एक वर्षीय बेटी को लेकर अपने पिता के घर भोपाल लौट आई। अब वह न्याय के लिए महिला थाना, परामर्श केंद्र के चक्कर लगा रही है।
(भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट)
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मामला राजधानी के महिला थाने में दर्ज कराया गया है। पीड़िता उर्वशी सक्सेना को उम्मीद थी कि यहां परामर्श और समझाइश के जरिए उसका टूटता परिवार बच जाएगा, लेकिन एक शासकीय महाविद्यालय की सेवा कर रही सास संगीता सक्सेना और एक निजी कंपनी का मैनेजर पति संदल सक्सेना पर शिकायत भी बेअसर रही और परामर्श केंद्र की समझाइश भी बेकार ही गई। ननद सरगम सक्सेना और नंदोई निनाद भागवत आज भी अपने जाहिलाना व्यवहार के लिए शर्मिंदा नहीं हैं। दहेज में 25 लाख रुपए नगद, घर में बैठकर शराबखोरी करने की इजाजत और नशे की हालत में नौकरी पेशा बीवी को शारीरिक और मानसिक त्रास पहुंचाने पर आमादा इन लोगों के खिलाफ अब 498ए, 34, भादवि की धारा 3/4 के तहत मामला कायम किया गया है।
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पांच साल भी न चल पाया रिश्ता
जिस संदल सक्सेना ने वर्ष 2019 में उर्वशी के साथ सात फेरे लेकर जनम जनम साथ निभाने की कसमें खाई थीं, लालच, बुरी आदतों और पैसों के लिए खराब नीयत के चलते 5 साल भी यह रिश्ता नहीं निभाया।
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मुंबई से होते पहुंचे बंगलौर, बढ़ता गया कलेश
उर्वशी ने अपने आवेदन में कहा है कि पति संदल ई कॉमर्स कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उनकी जॉब पहले मुंबई में थी, वहां से ट्रांसफर होकर वे बंगलौर चले गए। बैंगलोर में ही ननद सरगम और नंदोई निनाद भी रहते हैं। यह दोनों अक्सर उनके घर आते और तीनों मिलकर साथ में शराब पीने के बाद उर्वशी के साथ गाली गलौज और मारपीट करते थे।
सास की लालच भरी नजर
उर्वशी ने बताया कि उसकी सास संगीता एक शासकीय महाविद्यालय में सेवारत हैं। लेकिन शिक्षित होने के बावजूद उनका व्यवहार हमेशा गंवार लोगों की तरह रहा। दहेज के लिए प्रताड़ित करना और लालच में उर्वशी के पर्स से सोने के गहने निकाल लेने जैसे अपराध भी उन्होंने किए हैं।
अब रह रही अकेली
उर्वशी का पति बेहतर जॉब और ऊंची कमाई के बावजूद पत्नी की सैलरी पर रखता था। हर दिन के होने वाले कलेश के चलते उर्वशी अपनी एक वर्षीय बेटी को लेकर अपने पिता के घर भोपाल लौट आई। अब वह न्याय के लिए महिला थाना, परामर्श केंद्र के चक्कर लगा रही है।
(भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट)
