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Bhopal: BMHRC में पहला नेत्र प्रत्यारोपण, 50 साल के गैस पीड़ित को मिली रोशनी, दान किए गए नेत्र का किया उपयोग
Tue, 25 Mar 2025 06:20 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Tue, 25 Mar 2025 06:20 PM IST
सार
BMHRC: मंगलवार को बीएमएचआरसी में पहला सफल नेत्र प्रत्यारोपण किया गया। रायसेन जिले के निवासी 50 वर्षीय गैस पीड़ित व्यक्ति को कार्निया प्रत्यारोपित किया गया। स्वर्गीय आशा शर्मा द्वारा दान किए गए नेत्र का उपयोग किया गया।
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बीएमएचआरसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंगलवार को बीएमएचआरसी में पहला सफल नेत्र प्रत्यारोपण किया गया। रायसेन जिले के निवासी 50 वर्षीय गैस पीड़ित व्यक्ति को कार्निया प्रत्यारोपित किया गया। यह प्रत्यारोपण बीएमएचआरसी के नेत्र रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।मरीज की एक आंख 15 साल पहले चोट लगने से खराब हो गई थी और दूसरी आंख की दृष्टि मोतियाबिंद के कारण अत्यधिक प्रभावित हो गई थी।
स्वर्गीय आशा शर्मा की आंखों से मिली रोशनी
मरीज को नया जीवन देने के लिए स्वर्गीय आशा शर्मा द्वारा दान किए गए नेत्र का उपयोग किया गया। उन्होंने 17 मार्च को भोपाल के एक निजी अस्पताल में नेत्रदान किया था। उनका कार्निया रविवार को बीएमएचआरसी लाया गया और मंगलवार को प्रत्यारोपण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। वर्तमान में मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
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नेत्र प्रत्यारोपण की लंबे समय से थी कोशिश
इस महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि को अंजाम देने वाली विशेषज्ञ टीम में नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता यादव, प्रोफेसर डॉ. अंजली शर्मा, विजिटिंग कन्सल्टेंट डॉ. प्रतीक गुर्जर व अन्य चिकित्सक शामिल थे। इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि नेत्र प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने की हमारी लंबे समय से कोशिश थी, और यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारी कोशिश है कि आने वाले समय में बीएमएचआरसी में अन्य अंग प्रत्यारोपण सुविधाएं भी शुरू की जाएं।"
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स्वर्गीय आशा शर्मा की आंखों से मिली रोशनी
मरीज को नया जीवन देने के लिए स्वर्गीय आशा शर्मा द्वारा दान किए गए नेत्र का उपयोग किया गया। उन्होंने 17 मार्च को भोपाल के एक निजी अस्पताल में नेत्रदान किया था। उनका कार्निया रविवार को बीएमएचआरसी लाया गया और मंगलवार को प्रत्यारोपण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। वर्तमान में मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
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नेत्र प्रत्यारोपण की लंबे समय से थी कोशिश
इस महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि को अंजाम देने वाली विशेषज्ञ टीम में नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. हेमलता यादव, प्रोफेसर डॉ. अंजली शर्मा, विजिटिंग कन्सल्टेंट डॉ. प्रतीक गुर्जर व अन्य चिकित्सक शामिल थे। इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि नेत्र प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने की हमारी लंबे समय से कोशिश थी, और यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारी कोशिश है कि आने वाले समय में बीएमएचआरसी में अन्य अंग प्रत्यारोपण सुविधाएं भी शुरू की जाएं।"
