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Bhopal: उठ गया पर्दा...पंचतंत्र से हुई शुरुआत, मानव कौल का इलहाम देखेंगे रंगप्रेमी, नाट्य मेले का दूसरा दिन

Thu, 23 Jan 2025 06:44 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 23 Jan 2025 06:44 PM IST
सार

चार दिनों के इस आयोजन की शुरुआत "पंचतंत्र" के मंचन से हो गई है। इस नाट्य यात्रा का समापन 25 जनवरी को अदनान खान के निर्देशन में होने वाले नाटक "द प्रपोजल" के साथ होगा।

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Bhopal: curtain has been raised...started with Panchtantra, theatre lovers will see Manav Kaul's inspiration
मानव कौल लिखित नाटक इलहाम का आयोजन होना है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रुद्राक्ष कल्चर एंड वेलफेयर सोसाइटी... भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय... कई नामवर लेखकों की रचनाएं और कई वरिष्ठ निर्देशकों की मंजी हुई मेहनत... राजधानी का रंगश्री लिटिल बैलेट ट्रूप इन दिनों नाट्य मेले से सजा हुआ है। चार दिनों के इस आयोजन की शुरुआत "पंचतंत्र" के मंचन से हो गई है। इस नाट्य यात्रा का समापन 25 जनवरी को अदनान खान के निर्देशन में होने वाले नाटक "द प्रपोजल" के साथ होगा। नाट्य मेले का दूसरा दिन गुरुवार प्रसिद्ध रंगकर्मी सरफराज हसन के नाम होगा। वे मानव कौल लिखित नाटक इलहाम के साथ हाजिर रहेंगे। 
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अपनी इस प्रस्तुति को लेकर सरफराज कहते हैं कि रूहानियत को क़लम से बड़ी सहजता से कह देने के सलीक़े का नाम है "मानव कौल" इन्हीं का लिखा नाटक "इल्हाम" अपने कथानक में कई गहरे मायने लिया हुआ एक अत्यंत विचारोत्तेजक नाटक है। नाटक स्वतः ही देखने या पढ़ने वाले को आत्म-विश्लेषण और अपने अस्तित्व के गहरे अर्थ खोजने की प्रेरणा देता है। "इल्हाम" यानी 'देववाणी' या 'आत्मिक दृष्टी' है। यह नाटक इसी एहसास की अनंत खोज और उसके विभिन्न पहलुओं को ज़बान देने की एक रूहानी यात्रा है। नाटक के मुख्य पात्र "भगवान' का 'इल्हाम' उसके जीवन में सच-सही-साफ़ और मुक्त होने की शुरुआत है। भगवान नाम के मुख्य पात्र का कहना...."अगर चिड़िया अपने रहने के लिए एक पेड़ चुन लेती तो क्या वो उड़ पाती..?" बहुत गहरे मायने लिया हुआ है, पात्र के माध्यम से यह नाटक की कथा जीवन, मृत्यु, ईश्वर, और अस्तित्व के कई बड़े सवालों का इंसानी इल्हाम है। नाटक का अंत, अंत नहीं आरंभ है।
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...और भी हैं कड़ियां
नाट्य मेले की अगली कड़ियों में दो और महत्वपूर्ण नाटक शामिल हैं। रंगश्री लिटिल बैलेट ट्रूप के मंच पर 24 जनवरी को नाटक हतक का मंचन किया जाएगा। लेखक सआदत हसन मंटो के इस नाटक के निर्देशक स्कन्द मिश्रा हैं। यह प्रस्तुति  अर्थ कल्चरल एंड थियेटर सोसायटी द्वारा दी जाएगी। इसी तरह समारोह का समापन 25 जनवरी को होगा। संस्था रंग मोहल्ला सोसाइटी फॉर परफार्मिंग आर्ट्स समिति की प्रस्तुति द प्रपोज़ल इस दिन होगी। लेखक आंतोन चेखव की रचना को प्रसिद्ध रंगकर्मी अदनान खान ने अपने निर्देशकीय कौशल से संजोया है।
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