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Bhopal: 100 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में सात आरोपियों पर केस दर्ज, गिरवी रखी प्रॉपर्टी को बिना लोन चुकाए बेचा

Mon, 25 Dec 2023 12:01 AM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 25 Dec 2023 12:01 AM IST
सार

भोपाल में 100 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ईओडब्ल्यू ने मामले में चिनार रिटेल्स एंड इंफ्रा प्रालि के सुनील मूलचंदानी, गोपीचंद मूलचंदानी, माया मूलचंदानी (मृत) अनु मूलचंदानी, मनित मूलचंदानी समेत अन्य के खिलाफ 100 करोड़ के हाउसिंग प्रोजेक्ट के लोन के मामले में केस दर्ज किया है।

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Bhopal: Case registered against seven accused in Rs 100 crore fraud case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजधानी में 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इसमें पुलिस के आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्लयू) ने कार्रवाई की है। आवासीय योजना के लिए कर्ज लेने के मामले में बिल्डर समेत सात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों ने कर्ज लेने के लिए गिरवी रखी संपत्ति को भी बिना लोन चुकाए बेच दिया।
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ईओडब्लयू ने मामले में चिनार रिटेल्स एंड इंफ्रा प्रालि के सुनील मूलचंदानी, गोपीचंद मूलचंदानी, माया मूलचंदानी (मृत) अनु मूलचंदानी, मनित मूलचंदानी समेत अन्य के खिलाफ 100 करोड़ के हाउसिंग प्रोजेक्ट के लोन के मामले में केस दर्ज किया है। दरअसल, 1999 में बनाई गई चिनार रियल्टी प्रालि कंपनी और 2005 में बनीं चिनार रिटेल्स एंड इंफ्रा प्रालि के हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए सुनील मूलचंदानी व गोपीचंद मूलचंदानी ने डीएचएफएल (अब पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस) से 100 करोड़ का लोन लिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2014 तक करीब 2200 फ्लैट्स और शॉपिंग मॉल समेत अन्य निर्माण कार्य होना था। इसके लिए सुनील मूलचंदानी ने भूमि स्वामियों को झांसे में लेकर उस जमीन को डीएचएलएफ होम लोन फाइनेंस कंपनी में गिरवी रखवाकर 44 करोड़ का ऋण ले लिया।
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प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ तो दोबारा 63 करोड़ का लोन लिया गया। इसके बाद कई बार बैंक से लोन लिया गया। फाइनेंस कंपनी ने केवल तीन एनओसी जारी की थी, लेकिन सुनील ने फर्जी एनओसी बनाकर कई रजिस्ट्रियां करवा दीं। इस मामले में बैंक कर्मियों के भी इसमें शामिल होने की बात सामने आई। यह एफआईआर ओमकारा असेस्टस एंड री-कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. की शिकायत पर दर्ज की गई है।
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