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Bhopal: एम्स भोपाल में कैंसर मरीजों को जल्द मिलेगी दो बड़ी सुविधाएं, गामा नाइफ यूनिट और पेट स्कैन होगा शुरू
Wed, 25 Jun 2025 05:02 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 25 Jun 2025 05:02 PM IST
सार
एम्स भोपाल में कैंसर मरीजों के लिए दो बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। जिनमें से प्रमुख है गामा नाइफ यूनिट और पेट स्कैन जांच दोनों ही सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। गामा नाइफ यूनिट में मस्तिष्क में पनप रहे कैंसर का त्वरित इलाज हो सकेगा।
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एम्स भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी स्थित एम्स लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार कर रहा है। इसी कड़ी में अब यहां आने वाले कैंसर मरीजों के लिए दो बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। जिनमें से प्रमुख है गामा नाइफ यूनिट और पेट स्कैन जांच दोनों ही सुविधा जल्द शुरू हो सकती है। गामा नाइफ यूनिट में मस्तिष्क में पनप रहे कैंसर का त्वरित इलाज हो सकेगा। इस तकनीक से ब्रेन ट्यूमर, ब्रेन कैंसर, ट्राइजेमिनल न्यूरलजिया और एकोस्टिक न्यूरोमा जैसी बीमारियों का सटीक इलाज किया जा सकता है। वही पेट स्कैन शुरू होने से 20 हजार तक की महंगी जांच सरलता से हो पाएगी। बता दें कि पेट स्कैन जांच की सुविधा मध्यप्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।
अब तक देश में केवल चार संस्थानों में है या सुविधा
जानकारी के लिए बता दें एम्स भोपाल में बन रही गामा नाइफ यूनिट की लागत लगभग 85 करोड रुपए आएगी। देश में अब तक सिर्फ चार संस्थानों में ही यह तकनीक है। गामा नाइफ से इन्फेक्शन रेडियस मात्र 0.01 फीसदी ही रह जाता है। यही नहीं इससे 0.1 एमएम के क्षेत्र में भी रेडिएशन दिया जा सकता है। इसमें ब्रेन की खून ले जाने वाली शिरा को छेड़े बिना सीधे ट्यूमर के डीएनए को नष्ट करता है। इस मशीन को इंस्टॉल करने के जरूरी बंकर अक्टूबर तक तैयार होंगे।
यह भी पढ़ें-बीमारियों की वजह तलाशने जीएमसी भोपाल में जुटे विशेषज्ञ, तीन दिवसीय रिसर्च मेथडोलॉजी वर्कशॉप शुरू
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गामा नाइफ एक अत्याधुनिक तकनीक
एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि गामा नाइफ एक अत्याधुनिक तकनीक है। केंद्र सरकार के उपक्रम हाइट्स द्वारा इसे खरीदा जा रहा है। बंकर का निर्माण भी सीपीडब्ल्यूडी कर रहा है। काम 50 फीसदी हो गया है। जानकारी के लिए बतादें कि गामा नाइफ के लिए रेडिएशन फ्री बंकर बनाने के लिए जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी को दी गई थी, लेकिन, काम की रफ्तार धीमी होने के कारण अब यह काम एचएलएल इंझफ्रोटेक सर्विसेस लिमिटेड (एचआईटीईएस) यानी हाइट्स को दिया गया है। एजेंसी बदलने से काम पिछड़ गया। फायदा
यह भी पढ़ें-मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर समेत 16 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, अगले चार दिन बदला रहेगा मौसम
20 हजार में होती है पेट स्कैन की जांच
कैंसर के ज्यादातर मरीजों को पेट स्कैन की जांच करानी पड़ती है। यह जांच काफी महंगी होती है। यह जांच भोपाल में लगभग 18 से 20 हजार में निजी अस्पतालों में की जाती है। किसी भी सरकारी हॉस्पिटल सुविधा नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एम्स भोपाल में जल्द ही यह जांच शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार पेट स्कैन शुरू करने की तैयारी अंतिम पड़ाव पर है।
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अब तक देश में केवल चार संस्थानों में है या सुविधा
जानकारी के लिए बता दें एम्स भोपाल में बन रही गामा नाइफ यूनिट की लागत लगभग 85 करोड रुपए आएगी। देश में अब तक सिर्फ चार संस्थानों में ही यह तकनीक है। गामा नाइफ से इन्फेक्शन रेडियस मात्र 0.01 फीसदी ही रह जाता है। यही नहीं इससे 0.1 एमएम के क्षेत्र में भी रेडिएशन दिया जा सकता है। इसमें ब्रेन की खून ले जाने वाली शिरा को छेड़े बिना सीधे ट्यूमर के डीएनए को नष्ट करता है। इस मशीन को इंस्टॉल करने के जरूरी बंकर अक्टूबर तक तैयार होंगे।
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गामा नाइफ एक अत्याधुनिक तकनीक
एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि गामा नाइफ एक अत्याधुनिक तकनीक है। केंद्र सरकार के उपक्रम हाइट्स द्वारा इसे खरीदा जा रहा है। बंकर का निर्माण भी सीपीडब्ल्यूडी कर रहा है। काम 50 फीसदी हो गया है। जानकारी के लिए बतादें कि गामा नाइफ के लिए रेडिएशन फ्री बंकर बनाने के लिए जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी को दी गई थी, लेकिन, काम की रफ्तार धीमी होने के कारण अब यह काम एचएलएल इंझफ्रोटेक सर्विसेस लिमिटेड (एचआईटीईएस) यानी हाइट्स को दिया गया है। एजेंसी बदलने से काम पिछड़ गया। फायदा
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20 हजार में होती है पेट स्कैन की जांच
कैंसर के ज्यादातर मरीजों को पेट स्कैन की जांच करानी पड़ती है। यह जांच काफी महंगी होती है। यह जांच भोपाल में लगभग 18 से 20 हजार में निजी अस्पतालों में की जाती है। किसी भी सरकारी हॉस्पिटल सुविधा नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एम्स भोपाल में जल्द ही यह जांच शुरू करने की तैयारी की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार पेट स्कैन शुरू करने की तैयारी अंतिम पड़ाव पर है।
