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Bhopal: भोपाल कलेक्टर ने बैरसिया नगर पालिका पार्षद को पद से हटाया, फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर लड़ा था चुनाव
Fri, 04 Apr 2025 11:10 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:10 PM IST
सार
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैरसिया नगर पालिका के वार्ड-7 की पार्षद शबाना शोएब कुरैशी को उनके पद से हटाने का आदेश जारी किया है। जांच में पता चला है कि उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। कुरैशी अगले छह साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगी।
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भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बैरसिया नगर पालिका के वार्ड-7 की पार्षद शबाना शोएब कुरैशी को उनके पद से हटाने का आदेश जारी किया है। जांच में पता चला है कि उनका जाति प्रमाण पत्र फर्जी है। कुरैशी अगले छह साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। उन्होंने ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के बैनर तले नगर निगम का चुनाव जीता था। वाली कुरैशी ने ओबीसी महिला के लिए आरक्षित सीट के लिए योग्य होने के लिए एसडीएम हुजूर द्वारा जारी ओबीसी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। हालांकि, पराजित उम्मीदवार परवीन बी द्वारा दायर याचिका के बाद जांच हुई, जिसमें जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया।
हारी हुई कैंडिडेट ने लगाई थी याचिका
वार्ड नंबर-7 से पराजित प्रत्याशी परवीन की ओर से कलेक्टर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसमें बताया गया था कि चुनाव लड़ने के लिए शबाना ने तहसीलदार तहसील हुजूर के नाम का अन्य पिछड़ा वर्ग का फर्जी जाति प्रमाण पत्र निर्वाचन अधिकारी के सामने पेश कर पार्षद पद का चुनाव जीता है। इस मामले में टीटी नगर एसडीएम ने जांच की थी। इसके बाद शबाना का जाति प्रमाण पत्र फर्जी घोषित किया गया था।
यह भी पढ़ें-हनुमान जयंती पर भोपाल-इटावा के बीच स्पेशल ट्रेन, RKMP-सहरसा साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन ट्रेन का संचालन
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अन्य पिछड़ा वर्ग महिलाओं के लिए आरक्षित था वार्ड
कलेक्टर के आदेश में कहा गया कि बैरसिया के लिए आरक्षित वार्डों की सूची में वार्ड-7 अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड था। इस प्रकार स्पष्ट है कि अनावेदिका द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग महिलाओं के लिए आरक्षित इस वार्ड से पार्षद पद के चुनाव के लिए नाम निर्देशन पत्र जमा किया और उसके साथ एसडीएम हुजूर द्वारा जारी पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया, जो कि फर्जी पाया गया है। इसके चलते शबाना को मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से पार्षद पद से हटाया जाता है। मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 (3) के तहत यह भी आदेश दिए हैं कि अनावेदिका आगामी छह वर्ष के लिए किसी भी नगर पालिका या नगर पंचायत में पार्षद पद के चुनाव के लिए पात्र नहीं होगी।
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हारी हुई कैंडिडेट ने लगाई थी याचिका
वार्ड नंबर-7 से पराजित प्रत्याशी परवीन की ओर से कलेक्टर कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इसमें बताया गया था कि चुनाव लड़ने के लिए शबाना ने तहसीलदार तहसील हुजूर के नाम का अन्य पिछड़ा वर्ग का फर्जी जाति प्रमाण पत्र निर्वाचन अधिकारी के सामने पेश कर पार्षद पद का चुनाव जीता है। इस मामले में टीटी नगर एसडीएम ने जांच की थी। इसके बाद शबाना का जाति प्रमाण पत्र फर्जी घोषित किया गया था।
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अन्य पिछड़ा वर्ग महिलाओं के लिए आरक्षित था वार्ड
कलेक्टर के आदेश में कहा गया कि बैरसिया के लिए आरक्षित वार्डों की सूची में वार्ड-7 अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड था। इस प्रकार स्पष्ट है कि अनावेदिका द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग महिलाओं के लिए आरक्षित इस वार्ड से पार्षद पद के चुनाव के लिए नाम निर्देशन पत्र जमा किया और उसके साथ एसडीएम हुजूर द्वारा जारी पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया, जो कि फर्जी पाया गया है। इसके चलते शबाना को मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से पार्षद पद से हटाया जाता है। मप्र नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 41 (3) के तहत यह भी आदेश दिए हैं कि अनावेदिका आगामी छह वर्ष के लिए किसी भी नगर पालिका या नगर पंचायत में पार्षद पद के चुनाव के लिए पात्र नहीं होगी।
