MP Samwad: ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर का MP के लोग उठा रहे फायदा’, संवाद के मंच से बोलीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया
MP Samwad: केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ने देश की सेहत को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। जब 2014 में हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने दशकों पुरानी स्वास्थ्य नीति में बदलाव लाने का निर्णय लिया। 2017 में हमने देश को नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति दी।
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केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने संवाद के मंच से कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मध्य प्रदेश में 12,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं। अब तक 20 करोड़ 13 लाख से अधिक लोग इन केंद्रों से मिलने वाली 12 बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। जब से हमने यह योजना शुरू की है, तब से आमजन को इसका व्यापक लाभ मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि आज हमारे देश में खराब खानपान और अनियमित जीवनशैली के कारण गैर-संचारी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी बीमारियां अब आम हो चुकी हैं। मुझे यह कहते हुए संतोष हो रहा है कि हमने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से इन बीमारियों से बचाव और प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित की है। मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की जनता ने इस योजना का भरपूर लाभ उठाया है।
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उन्होंने कहा कि हमने जबसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर की अवधारणा को लागू किया है, तब से लेकर अब तक 28 लाख लोगों की हाई ब्लड प्रेशर की जांच कर उन्हें उपचार के दायरे में लाया गया है। इनमें से 18 लाख से अधिक लोग केवल मध्य प्रदेश से हैं। उन्होंने आगे बताया कि मध्य प्रदेश में 9,000 से अधिक ऐसे नागरिक हैं, जिनमें समय रहते ओरल कैंसर की पहचान की गई और उनका इलाज शुरू किया गया। यह हमारी स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और सटीक कार्य प्रणाली का प्रमाण है।
2014 के बाद स्वास्थ्य नीति में बड़ा बदलाव
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में हमारी सरकार ने देश की सेहत को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। जब 2014 में हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने दशकों पुरानी स्वास्थ्य नीति में बदलाव लाने का निर्णय लिया। 2017 में हमने देश को नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति दी। उन्होंने कहा कि पुरानी स्वास्थ्य नीति मुख्य रूप से केवल बीमारियों की रोकथाम और उपचार तक सीमित थी, जबकि हमारी नई नीति समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें रोकथाम के साथ-साथ जागरूकता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना शामिल है।
