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मध्यप्रदेश: एमपी भाजपा के नए संगठन महामंत्री होंगे चंद्रशेखर, हितानंद की वापसी से खाली था पद; जानें कौन हैं
Thu, 24 Sep 2026 03:50 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 24 Sep 2026 03:50 PM IST
सार
मध्यप्रदेश भाजपा को करीब आठ महीने बाद पूर्णकालिक प्रदेश महामंत्री (संगठन) मिल गया है। राजस्थान और तेलंगाना में संगठन संभाल चुके चंद्रशेखर अब भोपाल से एमपी भाजपा की कमान संभालेंगे।
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प्रदेश महामंत्री चंद्रशेखर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश भाजपा को करीब आठ महीने बाद पूर्णकालिक प्रदेश महामंत्री (संगठन) मिल गया है। केंद्रीय संगठन की ओर से जारी नियुक्तियों की सूची में चंद्रशेखर को मध्यप्रदेश का नया प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। उनका केंद्र भोपाल रखा गया है। अब वे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ मिलकर संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे। चंद्रशेखर की नियुक्ति के साथ जनवरी से खाली चल रहे इस पद पर पूर्णकालिक नियुक्ति हुई है। इस दौरान क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में संगठन का काम देख रहे थे।
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हितानंद की संघ में वापसी के बाद खाली हुआ था पद
मध्यप्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री का पद 31 जनवरी 2026 को हितानंद शर्मा की संघ में वापसी के बाद खाली हुआ था। हितानंद को आरएसएस के मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया गया और उनका केंद्र जबलपुर तय किया गया। हितानंद सितंबर 2020 में भाजपा में सह-संगठन महामंत्री के तौर पर आए थे। मार्च 2022 में सुहास भगत की संघ में वापसी के बाद उन्हें प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। करीब चार साल भाजपा संगठन में रहने के बाद दायित्व बदलने से यह पद खाली हुआ, लेकिन पार्टी ने तत्काल नया संगठन महामंत्री नियुक्त नहीं किया। करीब आठ महीने तक अजय जामवाल प्रदेश संगठन के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। अब चंद्रशेखर की नियुक्ति से यह जिम्मेदारी पूर्णकालिक रूप से तय हो गई है।
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बांदा से काशी और पश्चिमी यूपी तक संगठन का अनुभव
चंद्रशेखर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं। वे आरएसएस के प्रचारक रहे हैं और संघ में काशी क्षेत्र तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन का काम कर चुके हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वाराणसी में भी उनकी संगठनात्मक भूमिका रही थी। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राजस्थान में बड़ी जिम्मेदारी दी। सितंबर 2017 में वे राजस्थान भाजपा के संगठन महामंत्री बनाए गए। करीब छह साल तक उन्होंने वहां संगठन का काम संभाला। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद उनकी जिम्मेदारी बदलने की चर्चा हुई और जनवरी 2024 में उन्हें तेलंगाना भेज दिया गया।
2014 में मोदी के चुनाव के दौरान संभाली थी अहम जिम्मेदारी
चंद्रशेखर ने आरएसएस में विभाग प्रचारक के तौर पर संगठनात्मक काम शुरू किया। भाजपा में सक्रिय राजनीतिक भूमिका में आने से पहले वे अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश में संघ के लिए काम करते रहे। संगठन के भीतर रहते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर नेटवर्क तैयार किया और एक कुशल संगठनकर्ता के तौर पर पहचान बनाई।
एमपी में अब क्या होगी चुनौती?
मध्यप्रदेश में चंद्रशेखर के सामने प्रदेश संगठन को मजबूत करने के साथ जिला और मंडल स्तर के संगठन में कसावट लाने की जिम्मेदारी होगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ संगठन और सरकार के बीच समन्वय, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने तथा आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों को गति देना भी उनके दायित्व का अहम हिस्सा रहेगा।
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हितानंद की संघ में वापसी के बाद खाली हुआ था पद
मध्यप्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री का पद 31 जनवरी 2026 को हितानंद शर्मा की संघ में वापसी के बाद खाली हुआ था। हितानंद को आरएसएस के मध्य क्षेत्र का सह-बौद्धिक प्रमुख बनाया गया और उनका केंद्र जबलपुर तय किया गया। हितानंद सितंबर 2020 में भाजपा में सह-संगठन महामंत्री के तौर पर आए थे। मार्च 2022 में सुहास भगत की संघ में वापसी के बाद उन्हें प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। करीब चार साल भाजपा संगठन में रहने के बाद दायित्व बदलने से यह पद खाली हुआ, लेकिन पार्टी ने तत्काल नया संगठन महामंत्री नियुक्त नहीं किया। करीब आठ महीने तक अजय जामवाल प्रदेश संगठन के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। अब चंद्रशेखर की नियुक्ति से यह जिम्मेदारी पूर्णकालिक रूप से तय हो गई है।
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बांदा से काशी और पश्चिमी यूपी तक संगठन का अनुभव
चंद्रशेखर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं। वे आरएसएस के प्रचारक रहे हैं और संघ में काशी क्षेत्र तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन का काम कर चुके हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वाराणसी में भी उनकी संगठनात्मक भूमिका रही थी। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राजस्थान में बड़ी जिम्मेदारी दी। सितंबर 2017 में वे राजस्थान भाजपा के संगठन महामंत्री बनाए गए। करीब छह साल तक उन्होंने वहां संगठन का काम संभाला। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद उनकी जिम्मेदारी बदलने की चर्चा हुई और जनवरी 2024 में उन्हें तेलंगाना भेज दिया गया।
2014 में मोदी के चुनाव के दौरान संभाली थी अहम जिम्मेदारी
चंद्रशेखर ने आरएसएस में विभाग प्रचारक के तौर पर संगठनात्मक काम शुरू किया। भाजपा में सक्रिय राजनीतिक भूमिका में आने से पहले वे अपने गृह राज्य उत्तर प्रदेश में संघ के लिए काम करते रहे। संगठन के भीतर रहते हुए उन्होंने जमीनी स्तर पर नेटवर्क तैयार किया और एक कुशल संगठनकर्ता के तौर पर पहचान बनाई।
एमपी में अब क्या होगी चुनौती?
मध्यप्रदेश में चंद्रशेखर के सामने प्रदेश संगठन को मजबूत करने के साथ जिला और मंडल स्तर के संगठन में कसावट लाने की जिम्मेदारी होगी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ संगठन और सरकार के बीच समन्वय, बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने तथा आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों को गति देना भी उनके दायित्व का अहम हिस्सा रहेगा।
