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छप्पन दिन आंदोलन के बाद सीएम हाउस घेरने निकले शिक्षक अभ्यर्थी: रोशनपुरा पर पुलिस ने रोका,शिवराज का मिला समर्थन
Thu, 15 Oct 2026 03:41 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 15 Oct 2026 03:41 PM IST
सार
शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और 3 में पद बढ़ाने की मांग को लेकर 56 दिन से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने गुरुवार को रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया। अभ्यर्थियों ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मांग के समर्थन के बावजूद सरकार निर्णय नहीं ले रही है। उन्होंने पदवृद्धि होने तक भोपाल नहीं छोड़ने और जरूरत पड़ने पर दिल्ली जाने का ऐलान किया।
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रोशनपुरा चौराहे पर शिक्षक अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोका
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल में 56 दिन से पदवृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकल पड़े। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोशनपुरा चौराहे पर ही रोक दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार प्रदर्शन, अनशन और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा चुके हैं, लेकिन अब तक भर्ती में पद बढ़ाने पर फैसला नहीं हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक वे भोपाल नहीं छोड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक अपनी आवाज उठाएंगे। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पद बढ़ाने के समर्थन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उनके मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस मुद्दे पर समर्थन दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब अलग-अलग नेताओं ने उनकी मांग का समर्थन किया है, तो सरकार को भर्ती में पद बढ़ाने पर निर्णय लेना चाहिए।
56 दिन से प्रदर्शन, अब मुख्यमंत्री से सीधे जवाब की मांग
राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत ने कहा कि अभ्यर्थी 56 दिन से लगातार पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री की ओर से भी पद बढ़ाने की बात कही गई थी, लेकिन उनके मुताबिक, बाद में अभ्यर्थियों को केवल आश्वासन मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री से कई बार मुलाकात और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई, इसलिए अब मुख्यमंत्री निवास तक जाने का फैसला लिया गया। राजपूत ने कहा कि अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात या सीधे हस्तक्षेप से उनकी बात सुनी जाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी अब तक कई तरीके से अपनी मांग उठा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक पदवृद्धि पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
शिवराज के पत्र को बनाया समर्थन का आधार
अभ्यर्थियों ने अपनी मांग के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पत्र का हवाला दिया। राजपूत के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पद बढ़ाने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि पत्र की प्रति अभ्यर्थियों के पास है और पूर्व मुख्यमंत्री ने उनकी मांग का समर्थन किया है। राजपूत ने राहुल गांधी के समर्थन का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी की टीम से अभ्यर्थियों की बातचीत हो रही है और जरूरत पड़ने पर वे दिल्ली जाकर भी अपनी मांग उठाएंगे। हालांकि, राहुल गांधी के भोपाल आने को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके कार्यक्रम और व्यस्तता के कारण तत्काल आना संभव नहीं है।
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अच्छे नंबर के बाद भी चयन नहीं
सागर जिले की अभ्यर्थी ऋतु सैनी ने कहा कि कई उम्मीदवार चार-पांच साल से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पद कम निकलने के कारण अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद अनेक अभ्यर्थी चयन से बाहर रह जाते हैं। इसी वजह से वे भर्ती में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ऋतु ने बताया कि लंबे समय से खुले में रहने और लगातार आंदोलन करने के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है। धूप, बारिश, ठंड और मच्छरों के बीच प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी खराब हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी परेशानी समझते हुए अब केवल आश्वासन देने के बजाय निर्णय लेना चाहिए।
यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून लौटने के बाद फिर बदलेगा मौसम: चार दिन आंधी-बारिश का दौर, ग्वालियर-चंबल पर ज्यादा असर
अनशन से लेकर घेराव तक, फिर भी इंतजार
अभ्यर्थियों के मुताबिक, आंदोलन के दौरान अनशन भी किया गया था। नरेंद्र राजपूत के अनुसार, उनका अनशन 26 दिन तक चला था, जिसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने समाप्त कराया था। ऋतु सैनी ने भी अनशन और लगातार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि अब वे मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांग रखना चाहते हैं। फिलहाल पुलिस ने मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे अभ्यर्थियों को रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया है। अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि पदवृद्धि पर फैसला नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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56 दिन से प्रदर्शन, अब मुख्यमंत्री से सीधे जवाब की मांग
राजगढ़ जिले के ब्यावरा निवासी नरेंद्र राजपूत ने कहा कि अभ्यर्थी 56 दिन से लगातार पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री की ओर से भी पद बढ़ाने की बात कही गई थी, लेकिन उनके मुताबिक, बाद में अभ्यर्थियों को केवल आश्वासन मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री से कई बार मुलाकात और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई, इसलिए अब मुख्यमंत्री निवास तक जाने का फैसला लिया गया। राजपूत ने कहा कि अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात या सीधे हस्तक्षेप से उनकी बात सुनी जाएगी। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी अब तक कई तरीके से अपनी मांग उठा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक पदवृद्धि पर ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
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शिवराज के पत्र को बनाया समर्थन का आधार
अभ्यर्थियों ने अपनी मांग के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पत्र का हवाला दिया। राजपूत के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पद बढ़ाने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि पत्र की प्रति अभ्यर्थियों के पास है और पूर्व मुख्यमंत्री ने उनकी मांग का समर्थन किया है। राजपूत ने राहुल गांधी के समर्थन का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी की टीम से अभ्यर्थियों की बातचीत हो रही है और जरूरत पड़ने पर वे दिल्ली जाकर भी अपनी मांग उठाएंगे। हालांकि, राहुल गांधी के भोपाल आने को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके कार्यक्रम और व्यस्तता के कारण तत्काल आना संभव नहीं है।
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अच्छे नंबर के बाद भी चयन नहीं
सागर जिले की अभ्यर्थी ऋतु सैनी ने कहा कि कई उम्मीदवार चार-पांच साल से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पद कम निकलने के कारण अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद अनेक अभ्यर्थी चयन से बाहर रह जाते हैं। इसी वजह से वे भर्ती में पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ऋतु ने बताया कि लंबे समय से खुले में रहने और लगातार आंदोलन करने के कारण अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है। धूप, बारिश, ठंड और मच्छरों के बीच प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, कई अभ्यर्थियों की तबीयत भी खराब हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी परेशानी समझते हुए अब केवल आश्वासन देने के बजाय निर्णय लेना चाहिए।
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अनशन से लेकर घेराव तक, फिर भी इंतजार
अभ्यर्थियों के मुताबिक, आंदोलन के दौरान अनशन भी किया गया था। नरेंद्र राजपूत के अनुसार, उनका अनशन 26 दिन तक चला था, जिसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने समाप्त कराया था। ऋतु सैनी ने भी अनशन और लगातार प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि अब वे मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांग रखना चाहते हैं। फिलहाल पुलिस ने मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे अभ्यर्थियों को रोशनपुरा चौराहे पर रोक दिया है। अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि पदवृद्धि पर फैसला नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
