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एमपी में टीईटी की तारीख बढ़ी: अब 5 अक्टूबर तक आवेदन, 1.5 लाख शिक्षकों पर असर, दिसंबर में परीक्षा संभावित
Thu, 17 Sep 2026 09:20 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 17 Sep 2026 09:20 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में टीईटी के आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर कर दी गई है। अब तक 19,100 शिक्षक आवेदन कर चुके हैं। करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए होने वाली परीक्षा दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में 55 जिला मुख्यालयों पर ऑफलाइन होने की संभावना है। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी।
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डीपीआई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी के लिए आवेदन की समयसीमा बढ़ा दी गई है। अब शिक्षक 5 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। पहले अंतिम तारीख 18 सितंबर तय थी। गुरुवार को लोक शिक्षण संचालनालय और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों की बैठक में तारीख बढ़ाने का फैसला लिया गया। अब तक करीब 19,100 शिक्षक आवेदन कर चुके हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा की तारीख तय होगी। दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में परीक्षा कराए जाने की संभावना है।
डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए अहम परीक्षा
स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के करीब डेढ़ लाख शिक्षक टीईटी के दायरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने टीईटी कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल को दी है। फिलहाल मंडल का फोकस यह तय करने पर है कि परीक्षा में कितने शिक्षक शामिल होंगे।
55 जिलों में ऑफलाइन परीक्षा
टीईटी का आयोजन प्रदेश के सभी 55 जिला मुख्यालयों पर किया जाएगा। परीक्षा ऑफलाइन होगी। माशिमं कर्मचारी चयन मंडल की तर्ज पर परीक्षा की प्रक्रिया संचालित करेगा, लेकिन कर्मचारी चयन मंडल की ऑनलाइन परीक्षा के विपरीत टीईटी ऑफलाइन आयोजित की जाएगी।अधिकारियों के मुताबिक आवेदन पूरे होने के बाद अभ्यर्थियों की संख्या स्पष्ट होगी। इसके बाद परीक्षा केंद्र, प्रश्नपत्र और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी में करीब दो महीने लग सकते हैं। इसी वजह से दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में परीक्षा कराने की संभावना जताई जा रही है।
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केंद्र स्तर पर भी टीईटी व्यवस्था की समीक्षा
इधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों, शिक्षक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संगठनों से मिले अभ्यावेदनों का संज्ञान लिया है। मंत्रालय मौजूदा टीईटी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेगा। इसमें सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश और टिप्पणियां भी शामिल होंगी।समीक्षा में टीईटी की पात्रता और योग्यता, सेवारत शिक्षकों के लिए इसकी अनिवार्यता, परीक्षा नियमित अंतराल पर कराने, शिक्षकों को आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और संबंधित वैधानिक प्रावधानों में बदलाव की जरूरत जैसे मुद्दे शामिल हैं। राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, एनसीटीई, शिक्षा विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सुझाव लिए जाएंगे।
यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून की आखिरी परीक्षा: 33.1 इंच बारिश, कोटे से 11% पीछे, 21 सितंबर के बाद फिर तेज पानी के आसार
टीईटी के साथ पदोन्नति और पदस्थापना का मुद्दा भी
शिक्षक संगठनों की ओर से पदोन्नति और पदस्थापना को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उच्च पद का प्रभार संभाल रहे शिक्षकों के लिए पदोन्नति की प्रक्रिया स्पष्ट समय-सीमा में पूरी की जानी चाहिए। पदोन्नति पा चुके शिक्षकों के पदस्थापना आदेश जारी नहीं होने से भी असमंजस बना हुआ है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ई-अटेंडेंस की नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों को दूर करने की मांग की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि नेटवर्क या तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
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डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए अहम परीक्षा
स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के करीब डेढ़ लाख शिक्षक टीईटी के दायरे में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने टीईटी कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल को दी है। फिलहाल मंडल का फोकस यह तय करने पर है कि परीक्षा में कितने शिक्षक शामिल होंगे।
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55 जिलों में ऑफलाइन परीक्षा
टीईटी का आयोजन प्रदेश के सभी 55 जिला मुख्यालयों पर किया जाएगा। परीक्षा ऑफलाइन होगी। माशिमं कर्मचारी चयन मंडल की तर्ज पर परीक्षा की प्रक्रिया संचालित करेगा, लेकिन कर्मचारी चयन मंडल की ऑनलाइन परीक्षा के विपरीत टीईटी ऑफलाइन आयोजित की जाएगी।अधिकारियों के मुताबिक आवेदन पूरे होने के बाद अभ्यर्थियों की संख्या स्पष्ट होगी। इसके बाद परीक्षा केंद्र, प्रश्नपत्र और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी में करीब दो महीने लग सकते हैं। इसी वजह से दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में परीक्षा कराने की संभावना जताई जा रही है।
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केंद्र स्तर पर भी टीईटी व्यवस्था की समीक्षा
इधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों, शिक्षक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संगठनों से मिले अभ्यावेदनों का संज्ञान लिया है। मंत्रालय मौजूदा टीईटी व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करेगा। इसमें सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश और टिप्पणियां भी शामिल होंगी।समीक्षा में टीईटी की पात्रता और योग्यता, सेवारत शिक्षकों के लिए इसकी अनिवार्यता, परीक्षा नियमित अंतराल पर कराने, शिक्षकों को आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों और संबंधित वैधानिक प्रावधानों में बदलाव की जरूरत जैसे मुद्दे शामिल हैं। राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, एनसीटीई, शिक्षा विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सुझाव लिए जाएंगे।
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टीईटी के साथ पदोन्नति और पदस्थापना का मुद्दा भी
शिक्षक संगठनों की ओर से पदोन्नति और पदस्थापना को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उच्च पद का प्रभार संभाल रहे शिक्षकों के लिए पदोन्नति की प्रक्रिया स्पष्ट समय-सीमा में पूरी की जानी चाहिए। पदोन्नति पा चुके शिक्षकों के पदस्थापना आदेश जारी नहीं होने से भी असमंजस बना हुआ है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ई-अटेंडेंस की नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों को दूर करने की मांग की जा रही है। शिक्षकों का कहना है कि नेटवर्क या तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
एमपी में टीईटी की तारीख बढ़ी, अब 5 अक्टूबर तक आवेदन, 1.5 लाख शिET application deadline extended in MP; applications now accepted until October 5. The move affects 1.5 lakh teachers, with the exam likely to be held in December.क्षकों पर असर, दिसंबर में परीक्षा संभावित
