फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal: Nomination of Congress councilor candidate Santosh Kansana from Ward-29 canceled, party made son candidate

Bhopal News: वार्ड 29 से कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी संतोष कंसाना का नामांकन निरस्त, पार्टी ने बेटे को बनाया उम्मीदवार

Tue, 21 Jun 2022 10:07 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Tue, 21 Jun 2022 10:07 PM IST
सार

भोपाल महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष और वार्ड 29 से कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी संतोष कंसाना का नामांकन जिला प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। कंसाना का ओबीसी वर्ग का जाति प्रमाण पत्र नियमानुसार होने से ऐसा हुआ है। पार्टी ने उनकी जगह उनके बेटे देवांशु कंसाना को उम्मीदवार बनाया है।

विज्ञापन
Bhopal: Nomination of Congress councilor candidate Santosh Kansana from Ward-29 canceled, party made son candidate
संतोष कंसाना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष और वार्ड 29 से कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी संतोष कंसाना का नामांकन जिला प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। कंसाना का ओबीसी वर्ग का जाति प्रमाण पत्र नियमानुसार होने से ऐसा हुआ है। पार्टी ने उनकी जगह उनके बेटे देवांशु कंसाना को उम्मीदवार बनाया है।

विज्ञापन

पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता संतोष कंसाना मूलत: हरियाणा की रहने वाली है। उनका जाति प्रमाण पत्र उनके पिता के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मध्य प्रदेश में बना है। इसे लेकर कंसाना के जाति प्रमाण पत्र के मध्य प्रदेश में वैध नहीं होने की शिकायत की गई। इस पर कलेक्टर अविनाश लवानिया ने सुनवाई की। इसके बाद कंसाना के जाति प्रमाण पत्र को गलत बताते हुए नामांकन निरस्त कर दिया गया। अब संतोष कंसाना ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित सीट से चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। 

विज्ञापन

इस पूरे मामले पर संतोष कंसाना का कहना है कि उनकी शादी 1994 में मध्य प्रदेश में हुई। वह गुर्जर समाज से आती है, जो मध्य प्रदेश और हरियाणा में ओबीसी में आता है। केंद्र ने भी गुर्जर समाज को ओबीसी वर्ग में ही रखा है। 2009 में उनका भोपाल में ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र बना है। कलेक्टर ने सुनवाई में उनके जाति प्रमाण पत्र को अमान्य कर दिया, लेकिन अब तक गलत क्यों है इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। उसी जाति प्रमाण पत्र से 2009 में पार्षद बनी थी। अब उनके जाति प्रमाण पत्र को अवैध बताने का कारण समझ में नहीं आ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed