Bhopal News: करणी सेना का आंदोलन समाप्त, जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन, गृहमंत्री मिश्रा ने दिए थे संकेत
भोपाल के भेल इलाके में महात्मा गांधी चौराहे पर बीत चार दिनों से करणी सेना के कार्यकर्ता डटे हुए थे। 21 सूत्री मांगों के साथ भूख हड़ताल पर बैठे करणी सेना के लल्लन सिंह राजपूत की तबीयत बीती रात बिगड़ गई थी।
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले चार दिनों से जारी करणी सेना का आंदोलन बुधवार रात को खत्म हो गया। संगठन के अनशनकारी नेताओं को जूस पिलाकर आंदोलन खत्म कराया गया। इससे पहले प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संकेत दिए थे कि आंदोलनकारियों को मना लिया जाएगा। मिश्रा ने कहा था कि करणी सेना के कार्यकर्ता हमारे ही लोग हैं। हम उन्हें मना लेंगे। इसके बाद प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया आंदोलनकारियों के बीच पहुंचे और अनशन खत्म कराया।
भोपाल के भेल इलाके में महात्मा गांधी चौराहे पर बीत चार दिनों से करणी सेना के कार्यकर्ता डटे हुए थे। 21 सूत्री मांगों के साथ भूख हड़ताल पर बैठे करणी सेना के लल्लन सिंह राजपूत की तबीयत बीती रात बिगड़ गई थी। बुधवार को भोपाल के भेल क्षेत्र में जंबूरी मैदान से निकलकर प्रदर्शनकारी महात्मा गांधी चौराहे पर पहुंच गए थे।
18 मांगों पर विचार करेगी कमेटी
आंदोलन खत्म करने के लिए करणी सेना व सरकार के बीच सहमति बनी। सेना की 21 में से 18 मांगों पर विचार के लिए तीन अफसरों की कमेटी बनाई गई है। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अध्यक्ष बनाए गए हैं। कमेटी में स्कूल शिक्षा विभाग और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग के प्रमुख सचिव को सदस्य बनाया गया है। ये कमेटी दो माह में रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, आर्थिक आधार पर आरक्षण की मुख्य मांग पर सहमति नहीं बनी है। इसके अलावा एक बार आरक्षण का लाभ मिलने पर दोबारा आरक्षण नहीं देने, एससी एससी एक्ट में बिना जांच गिरफ्तारी पर रोक तथा इसी एक्ट की तर्ज पर सामान्य-पिछड़ा वर्ग एक्ट बनाने की मांग रजामंदी नहीं हुई। राज्य सरकार ने कहा कि ये मांगे केंद्र स्तर की हैं, इसलिए वह उन पर विचार नहीं कर सकती।
मिश्रा बोले- आंदोलनकारी कोई गैर नहीं
प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को कहा था कि 'वो (करणी सेना वाले) हमारे अपने हैं, कोई गैर नहीं। हम भाइयों में आपस में कोई बैर नहीं है। हम बड़े सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा करेंगे, आग्रह करेंगे, निवेदन करेंगे और मेरा मानना है कि वो मान जाएंगे।'
जातिगत आरक्षण खत्म करने समेत 21 मांगें
करणी सेना के सदस्य आठ जनवरी से 21 सूत्रीय मांगों को लेकर भेल क्षेत्र में धरना दे रहे थे। करणी सेना के प्रदेश प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर के अलावा चार और पदाधिकारी अनशन पर बैठे थे। इनकी मुख्य मांग जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आधार पर आरक्षण और एसटी-एसी एक्ट में बदलाव करना है।
आंदोलन से रास्ता ठप, लोगों को पैदल जाना पड़ रहा
भेल क्षेत्र में कालीबाड़ी के सामने महात्मा गांधी चौराहे के पास करणी सेना के प्रदर्शन के कारण अवधपुरी जाने वाली सड़क पर यातायात बाधित हो रहा था। रोज 50 हजार से अधिक लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया था। सार्वजनिक परिवहन भी फिलहाल बंद हो गया था। अवधपुरी से लोगों को दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा था।
