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भोपाल: जबलपुर एसपी के विरुद्ध महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने की लैंगिक शोषण एवं मानसिक प्रताड़ना की शिकायत
Wed, 06 Apr 2022 02:02 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 06 Apr 2022 02:02 PM IST
सार
जबलपुर पुलिस अधीक्षक पर प्रताड़ना का आरोप लगा है। इसकी लिखित शिकायत महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने मप्र मानव अधिकार आयोग को की है। आयोग ने मप्र डीजीपी को जांच कर चार सप्ताह में जवाब देने का कहा है।
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विस्तार
जबलपुर शहर की गोरखपुर पुलिस लाइन निवासी पुलिस इंस्पेक्टर अर्चना नागर ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा पर लैंगिक शोषण एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। इससे संबंधित शिकायती आवेदन मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग को सौंपा है। आयोग ने डीजीपी से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
अर्चना नागर ने आवेदन में कहा है कि उसके मानव अधिकारों का हनन कर उसे गरिमामय जीवन जीने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। आवेदिका ने एक अप्रैल को मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन से मिलकर एक विस्तृत आवेदन में अपनी लिखित शिकायत दी है। आयोग ने आवेदिका की शिकायत दर्ज कर ली है। आयोग अध्यक्ष जैन ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), मध्यप्रदेश से इस मामले में चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
आयोग के रजिस्ट्रार (लॉ) द्वारा चार अप्रैल को डीजीपी को इस आशय का पत्र भी भेज दिया गया है। पत्र में आयोग ने डीजीपी को निर्देशित किया है कि वे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) या पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के अधिकारी से आवेदिका की शिकायत में पुलिस अधीक्षक, जबलपुर पर लगाए गए सभी प्रकार के आरोपों की गहन जांच कराकर इस संबंध में अपना तथ्यात्मक प्रतिवेदन 29 अप्रैल 2022 के पहले आयोग को अनिवार्यतः भिजवाएं।
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अर्चना नागर ने आवेदन में कहा है कि उसके मानव अधिकारों का हनन कर उसे गरिमामय जीवन जीने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। आवेदिका ने एक अप्रैल को मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन से मिलकर एक विस्तृत आवेदन में अपनी लिखित शिकायत दी है। आयोग ने आवेदिका की शिकायत दर्ज कर ली है। आयोग अध्यक्ष जैन ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), मध्यप्रदेश से इस मामले में चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
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आयोग के रजिस्ट्रार (लॉ) द्वारा चार अप्रैल को डीजीपी को इस आशय का पत्र भी भेज दिया गया है। पत्र में आयोग ने डीजीपी को निर्देशित किया है कि वे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) या पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के अधिकारी से आवेदिका की शिकायत में पुलिस अधीक्षक, जबलपुर पर लगाए गए सभी प्रकार के आरोपों की गहन जांच कराकर इस संबंध में अपना तथ्यात्मक प्रतिवेदन 29 अप्रैल 2022 के पहले आयोग को अनिवार्यतः भिजवाएं।
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