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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal: Chief Minister Shivraj Singh Chouhan addressed the 27th National Sahodaya School Conference,

27वीं राष्ट्रीय सहोदय स्कूल कॉन्फ्रेंस: मध्य प्रदेश के सीएम बोले- हम नई शिक्षा नीति को लागू करते हुए मनुष्य के निर्माण का बहुत बड़ा कार्य अपने विद्यालयों से कर रहे हैं

Mon, 17 Jan 2022 01:17 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Mon, 17 Jan 2022 01:17 PM IST
सार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को 27वीं राष्ट्रीय सहोदय स्कूल कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा 27वीं सहोदय कांफ्रेंस का दायित्व ग्वालियर को सौंपने पर सीबीएसई नई दिल्ली के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

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Bhopal: Chief Minister Shivraj Singh Chouhan addressed the 27th National Sahodaya School Conference,
भोपाल: सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 27वीं राष्ट्रीय सहोदय स्कूल कॉन्फ्रेंस को किया संबोधित - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 27वीं राष्ट्रीय सहोदय स्कूल कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि ग्वालियर की सहोदय समिति सचमुच में बहुमुखी शिक्षा का मंच है। यह समिति ग्वालियर-चंबल के स्कूलों में उचित समन्वय बैठाने में सफल सिद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि मैं सीबीएसई नई दिल्ली के पदाधिकारियों का अभिनंदन करता हूं। कि उन्होंने 27वीं सहोदय कॉन्फ्रेंस का दायित्व ग्वालियर को दिया। प्राचीन भारत का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि भारत अत्यंत प्राचीन और महान राष्ट्र है। 5 हजार साल से ज्यादा का ज्ञात इतिहास है हमारा। जब दुनिया के विकसित देशों में सभ्यता के सूर्य का उदय नहीं हुआ था, तब हमारे यहां तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्वविद्यालय थे। भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति ने एक जमाने में दुनिया को भी दिशा देने का कार्य किया है। उसी प्राचीन नींव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में नव निर्माण का कार्य प्रारंभ किया है।  
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सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में शिक्षा के तीन उद्देश्य रहे हैं। ज्ञान देना, कौशल देना और नागरिकता के संस्कार देना। स्वामी विवेकानंद जी कहा करते थे दुनिया में कोई कार्य ऐसा नहीं जो मनुष्य न कर सके। लेकिन उसकी क्षमता का प्रकटीकरण करने का सबसे सशक्त माध्यम है ज्ञान और शिक्षा है। ज्ञान के साथ-साथ व्यवसायिक शिक्षा देने में आधुनिक तकनीक का प्रयोग, दूरस्थ इलाकों में ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण सामग्री का निर्माण आदि का उपयोग विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए हमारे शिक्षक बड़ी ही निपुणता के साथ कर रहे हैं।
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हम नई शिक्षा नीति को लागू करते हुए मनुष्य के निर्माण का बहुत बड़ा कार्य अपने विद्यालयों से कर रहे हैं। हमारे शास्त्रों में भी कहा है कि दुनिया की जितनी भी समस्याएं हैं अगर उनका समाधान कहीं है तो वह ज्ञान में है। उस दिशा में यह सम्मेलन निश्चित तौर पर सब का मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में हमने तय किया है नई शिक्षा नीति को पूरे तरीके से जमीन पर उतारें। सीएम राइज के नाम से विद्यालय स्थापित कर रहे हैं। जरूरत इस बात की है बेहतर स्कूल हों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जो नई शिक्षा नीति के सारे उद्देश्यों को पूरा करे। 
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