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बैतूल: झोलाछापों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, तीन क्लिनिक और पैथोलॉजी लैब सील; बिना डिग्री मरीजों का इलाज

Sun, 18 Oct 2026 08:58 PM IST
बैतूल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल Published by: बैतूल ब्यूरो Updated Sun, 18 Oct 2026 08:58 PM IST
सार

बैतूल जिले के खेड़ीसांवलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जांच के दौरान बिना वैध डिग्री संचालित तीन क्लिनिक और बिना पंजीयन की एक पैथोलॉजी लैब सील कर दी। दो अन्य अपंजीकृत क्लिनिक संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कार्रवाई की बात कही। 

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Betul, 3 Clinics and Pathology Lab Sealed for Treating Patients Without Degree
झोलाछापों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही

विस्तार

बैतूल जिले के खेड़ीसांवलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित क्लिनिक और पैथोलॉजी लैब के खिलाफ कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान तीन क्लिनिक ऐसे मिले, जहां मरीजों का इलाज करने वाले संचालकों के पास वैध चिकित्सा डिग्री नहीं थी। इसके अलावा, बिना पंजीयन और आवश्यक जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था के संचालित एक पैथोलॉजी लैब भी मिली। टीम ने चारों संस्थानों को सील कर दिया।

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बिना डिग्री मरीजों का कर रहे थे इलाज
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि खेड़ीसांवलीगढ़ क्षेत्र में कुछ लोग बिना वैध चिकित्सा योग्यता के क्लिनिक संचालित कर रहे हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन क्लिनिक में संचालक बिना वैध चिकित्सा डिग्री के मरीजों को दवाइयां देते और इंजेक्शन लगाते पाए गए। अधिकारियों ने नियमों के उल्लंघन को देखते हुए तीनों क्लिनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
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बिना पंजीयन चल रही थी पैथोलॉजी लैब
निरीक्षण के दौरान एक पैथोलॉजी लैब भी नियमों के विपरीत संचालित मिली। लैब का आवश्यक पंजीयन नहीं था और जैव चिकित्सा अपशिष्ट के प्रबंधन से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन भी नहीं किया जा रहा था। संक्रमण से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हुए। टीम ने कार्रवाई करते हुए लैब को भी सील कर दिया।

दो क्लिनिक संचालकों को नोटिस
जांच में दो अन्य क्लिनिक ऐसे मिले, जिनके संचालकों के पास चिकित्सा डिग्री तो थी, लेकिन क्लिनिक का स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन नहीं कराया गया था। विभाग ने दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समय पर पंजीयन नहीं कराने पर इन क्लिनिक के खिलाफ भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।


आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. प्रांजल उपाध्याय ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम ने खेड़ीसांवलीगढ़ में निरीक्षण किया था। जांच में तीन क्लिनिक और एक पैथोलॉजी लैब नियमों के विपरीत संचालित मिलीं, जिन्हें सील कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना वैध योग्यता और जरूरी पंजीयन के संचालित चिकित्सा संस्थानों पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित जांच की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

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